अब जबलपुर में नालों के किनारे बनेगे हरित कॉरिडोर, पर्यावरण संरक्षण की अभिनव पहल

अब जबलपुर में नालों के किनारे बनेगे हरित कॉरिडोर, पर्यावरण संरक्षण की अभिनव पहल

प्रेषित समय :20:14:52 PM / Sun, May 31st, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. जबलपुर में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशों का सख्ती से पालन कराने के लिए नगर निगम ने कमर कस ली है. नगर निगम आयुक्त द्वारा बुलाई गई एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में सीवर, नाला निर्माण, लोक कर्म, उद्यान, अतिक्रमण, तालाब संरक्षण प्रकोष्ठ और बिल्डिंग परमीशन विभाग के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं. एनजीटी प्रिंसिपल बेंच नई दिल्ली की गाइडलाइन के मुताबिक जबलपुर शहर के सभी बड़े नालों के दोनों तरफ 3 मीटर चौड़ाई में बफर जोन बनाकर सघन वृक्षारोपण किया जाएगा. मानसून से पहले इस कार्ययोजना को जमीन पर उतारने के लिए उद्यान विभाग को जिम्मेदारी सौंपी गई है. बैठक में जल संरचनाओं के संरक्षण, अवैध निर्माणों को ढहाने और सीधे नालों में गंदा पानी बहाने पर रोक लगाने के लिए संयुक्त टीम बनाकर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने का फैसला लिया गया है.

मध्य प्रदेश गजट नोटिफिकेशन और टीएनसीपी मास्टर प्लान के नियमों के तहत तालाबों और नालों से तय दूरी बनाए रखना जरूरी है. बिल्डिंग परमीशन विभाग को आदेश दिया गया है कि भविष्य में बफर जोन का पूरा ध्यान रखकर ही निर्माण अनुमति दी जाए. इसके साथ ही वर्तमान में नियमों को ताक पर रखकर तालाबों और नालों के पास किए गए अवैध निर्माणों का सर्वे करके उनकी एक सूची बनाई जा रही है. इन सभी चिन्हित निर्माणों के खिलाफ नगर निगम प्रशासन द्वारा जल्द ही वैधानिक कार्रवाई शुरू की जाएगी. अतिक्रमण विभाग शहर के नालों और तालाबों के आसपास हुए अवैध कब्जों की दोबारा जांच करेगा. यदि पानी की निकासी के रास्ते में या नालों के बीच कोई भी रुकावट पाई जाती है, तो उसे तत्काल हटाने का काम शुरू होगा. इसके अलावा तालाबों के 50 मीटर के दायरे में आने वाले सभी निर्माणों को अवैध माना जाएगा. इन चिन्हित जगहों को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए नगर निगम का अमला मिलकर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करेगा.

सीवेज ट्रीटमेंट और सीधे नालों में गंदा पानी बहाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

शहर के बचे हुए हिस्सों में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की अधूरी कार्ययोजना को तय समय में पूरा करने के निर्देश सीवर विभाग को दिए गए हैं. अब किसी भी घर या संस्थान से बिना सेप्टिक टैंक या बिना सीवेज कनेक्शन के गंदा पानी सीधे नालों में नहीं बहाया जा सकेगा. ऐसा करने वालों को रोकने के लिए स्वास्थ्य और अतिक्रमण विभाग संयुक्त रूप से अभियान चलाएंगे. शहर की नदियों, नालों और तालाबों को सुरक्षित रखना नगर निगम की सबसे बड़ी प्राथमिकता है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-