जबलपुर. एमपी के जबलपुर में बिजली कम्पनी ने गढ़ा निवासी दिलीप कोष्टा के खिलाफ बिजली मीटर से छेड़छाड़ करने और विभाग की बिना अनुमति के नया मीटर लगाने के आरोप में विजय नगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है. अधीक्षक यंत्री सिटी संजय अरोरा ने बताया कि आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 135, 136, 138, 139, 318(4) और 238(सी) के तहत मामला दर्ज हुआ है. यह कार्रवाई कचनार सिटी निवासी गंगा कोष्टा, आईवीआरएस नंबर 1872000075 के परिसर में कार्यपालन यंत्री अमित सक्सेना और कनिष्ठ अभियंता श्रीमती प्रियंका वर्मा की टीम द्वारा की गई चैकिंग के बाद हुई.
जांच में पाया गया कि उपभोक्ता गंगा कोष्टा के घर लगा मीटर विभाग के रिकॉर्ड से अलग था. वो सिस्टम में दर्ज नहीं था,साफ तौर पर टेम्परिंग की गई थी.पूछताछ में सामने आया कि आरोपी पहले उपभोक्ताओं के मीटर धीमे कर पैसे वसूलता था और चेकिंग का डर दिखाकर दोबारा पैसे लेकर नया मीटर लगा देता था. इस प्रकरण में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जो मीटर उपभोक्ताओं के यहां लगाए गए हैं वो स्मार्ट मीटर कंपनी के सिस्टम में दर्ज नहीं है. अब सवाल ही उठ रहा है कि आखिर बिना कंपनी के रिकॉर्ड में दर्ज हुए यह मीटर किसी बाहरी व्यक्ति के पास कैसे पहुंचे.
सॉफ्टवेयर के जरिए खुली पोल
श्री अरोरा ने बताया कि बिजली विभाग अब बिजली सॉफ्टवेयर का उपयोग कर रहा है. इस आधुनिक तकनीक की मदद से कार्यालय में बैठे-बैठे ही यह पता चल जाता है कि किस उपभोक्ता के बिजली मीटर में गड़बड़ी या छेड़छाड़ की संभावना है. इसी तकनीक के अलर्ट पर कचनार सिटी में गंगा कोष्टा के घर जब जांच टीम पहुंची, तो वहां बिजली विभाग के रिकॉर्ड से पूरी तरह अलग मीटर लगा हुआ मिला.
शातिर तरीके से किया गया काम
विभागीय जांच और पूछताछ में उपभोक्ता के परिजनों ने पूरे मामले का खुलासा किया. अक्टूबर 2023 में उपभोक्ता के परिसर में स्मार्ट मीटर लगाया गया था. इसके कुछ समय बाद आरोपी दिलीप कोष्टा ने कम बिल आने का झांसा देकर मीटर में छेड़छाड़ की और 5000 रुपये वसूले. हाल ही में विभाग की सघन चेकिंग मुहिम शुरू होने पर आरोपी ने उपभोक्ता को पकड़े जाने का डर दिखाया और बचाव के नाम पर फिर से 5000 रुपये लेकर अवैध रूप से नया मीटर लगा दिया. उसने उपभोक्ता को यह झूठ बोलने की पट्टी भी पढ़ाई कि मीटर जलने के कारण बदला गया है.
आरोपी अपराधिक गतिविधियों में पहले भी लिप्त रहा-
आरोपी दिलीप कोष्टा पहले भी इस तरह की अवैध गतिविधियों में लिप्त रहा है. इसके खिलाफ लगभग 2 वर्ष पूर्व 10 अक्टूबर 2024 को गढ़ा थाने में एफआईआर क्रमांक 0605 दर्ज की गई थी. उस समय आरोपी के घर पर मीटर से छेड़छाड़ का मामला पकड़ा गया था और उसके पास से शासकीय संपत्ति माने जाने वाले बिजली विभाग के 3 मीटर बॉक्स का अवैध भंडारण मिला था. यह पुराना मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है. पुलिस अब इस बात की सघन जांच कर रही है कि आरोपी को नया बिजली मीटर कहां से उपलब्ध हुआ.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

