जबलपुर. जिले में जनहित और विकास कार्यों की समीक्षा के लिए सोमवार को आयोजित समय-सीमा प्रकरणों की साप्ताहिक बैठक में कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। बैठक में पेयजल आपूर्ति, किसानों के हित, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, उर्वरक वितरण, स्कूलों के आसपास तंबाकू उत्पादों की बिक्री और नर्मदा घाटों पर नाव संचालन की सुरक्षा व्यवस्था जैसे विषयों पर विस्तार से समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को जनहित से जुड़े मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक गहलोत, स्मार्ट सिटी के सीईओ अरविंद शाह सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान कलेक्टर ने जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति से संबंधित शिकायतों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को हैंडपंपों और नल-जल योजनाओं के रखरखाव से जुड़ी शिकायतों को प्राथमिकता से दूर करने तथा हैंडपंपों के आसपास किए गए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करने को कहा।
बैठक में शासन की विभिन्न फ्लेगशिप योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना में अधिक से अधिक पंजीयन कराने, प्रसूति सहायता योजना के लाभ समय पर उपलब्ध कराने और संबल योजना के लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना, डॉ. भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना और प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत अधिकाधिक हितग्राहियों को लाभ पहुंचाने पर जोर दिया।
कलेक्टर ने समर्थन मूल्य पर खरीदे गए गेहूं के परिवहन और भंडारण की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को खरीदी केंद्रों पर खुले में रखे गेहूं को जल्द से जल्द सुरक्षित गोदामों में भंडारित करने के निर्देश दिए। आगामी खरीफ सीजन को देखते हुए किसानों को पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराने तथा ई-विकास पोर्टल के माध्यम से ही उर्वरक वितरण सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही उर्वरक की कालाबाजारी और अधिक कीमत वसूले जाने की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश भी दिए।
बैठक में नरवाई जलाने की घटनाओं की समीक्षा करते हुए दोषियों के खिलाफ अर्थदंड लगाने की कार्रवाई जारी रखने को कहा गया। एक जिला-एक उत्पाद योजना के तहत जबलपुर की मटर फसल के लिए जीआई टैग प्राप्त करने की दिशा में कार्य करने और सिंघाड़ा प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना पर भी जोर दिया गया। कलेक्टर ने ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से सिंघाड़ा आटा निर्माण, पैकेजिंग और ब्रांडिंग की कार्ययोजना तैयार करने को कहा।
स्कूलों के आसपास तंबाकू और गुटखा बिक्री पर भी प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि स्कूलों के 100 मीटर दायरे में स्थित तंबाकू, गुटखा और सिगरेट की दुकानों को हटाने की कार्रवाई प्रारंभ की जाए। जिला शिक्षा अधिकारी को ऐसे प्रतिष्ठानों की सूची तत्काल उपलब्ध कराने को कहा गया।
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण बिंदु नर्मदा घाटों पर नाव संचालन की सुरक्षा व्यवस्था रही। हाल के जल पर्यटन हादसों को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने गौरीघाट में नाव संचालन पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बिना लाइफ जैकेट यात्रियों को बैठाने, क्षमता से अधिक लोगों को नाव में सवार करने और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले नाव संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। घाटों पर सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए गए।
कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन, सीपी ग्राम, सीएम मॉनिटर और सीएस मॉनिटर से प्राप्त शिकायतों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत प्राप्त कोई भी आवेदन निर्धारित समयावधि से बाहर नहीं होना चाहिए। इसके साथ ही जिले में पटाखा और विस्फोटक सामग्री के निर्माण एवं भंडारण स्थलों की जांच कर लाइसेंस सत्यापन करने तथा सुरक्षा मानकों का पालन न करने वालों के लाइसेंस निरस्त कर कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया गया कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और विकास कार्यों तथा नागरिक सुविधाओं से संबंधित शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

