लोक सेवा गारंटी में लापरवाही पर कलेक्टर का एक्शन, 22 अधिकारियों-कर्मचारियों पर 34 हजार 500 रुपये का अर्थदंड

लोक सेवा गारंटी में लापरवाही पर कलेक्टर का एक्शन, 22 अधिकारियों-कर्मचारियों पर 34 हजार 500 रुपये का अर्थदंड

प्रेषित समय :22:24:47 PM / Mon, Jun 1st, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. लोक सेवा प्रदाय गारंटी अधिनियम के तहत आम नागरिकों को निर्धारित समय-सीमा में सेवाएं उपलब्ध नहीं कराना जिले के 22 अधिकारियों और कर्मचारियों को महंगा पड़ गया. कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने समय पर सेवाएं उपलब्ध नहीं कराने और प्रकरणों के निराकरण में लापरवाही बरतने पर विभिन्न विभागों के 22 अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कुल 34 हजार 500 रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया है. दंडित अधिकारियों और कर्मचारियों में एसडीएम, अतिरिक्त तहसीलदार और पंचायत सचिव तक शामिल हैं.

कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अधिरोपित अर्थदंड की राशि पांच दिनों के भीतर साइबर ट्रेजरी के माध्यम से शासन के खाते में जमा कर उसकी रसीद लोक सेवा प्रबंधन विभाग को प्रस्तुत करनी होगी. आदेश में यह भी चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समयावधि में राशि जमा नहीं किए जाने की स्थिति में दंड की राशि संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के वेतन से वसूल की जाएगी.

प्रशासन द्वारा की गई समीक्षा में सामने आया कि कई मामलों में नागरिकों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर सेवाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं, जिससे लोक सेवा गारंटी अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन हुआ. इसी आधार पर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की गई है.

दंडित अधिकारियों में एसडीएम रांझी मोनिका बाघमारे पर एक हजार रुपये, अतिरिक्त तहसीलदार रांझी भीमसेन पटेल पर 250 रुपये तथा अतिरिक्त तहसीलदार गोरखपुर आदित्य जंघेला पर 500 रुपये का अर्थदंड लगाया गया है. इसके अलावा विभिन्न जनपद पंचायतों की ग्राम पंचायतों में पदस्थ सचिवों पर भी अलग-अलग राशि का जुर्माना लगाया गया है.

सिहोरा जनपद की ग्राम पंचायत कुशयारी के सचिव संदीप सिंह ठाकुर और कुंडम जनपद की ग्राम पंचायत भैंसवाही के सचिव जियालाल मार्को पर सबसे अधिक पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया गया है. इसी प्रकार शहपुरा जनपद की ग्राम पंचायत बिलपठार के सचिव थम्मन सिंह पटेल पर तीन हजार 750 रुपये, ग्राम पंचायत मोहनी की सचिव कल्पना पूसाम पर तीन हजार रुपये तथा ग्राम पंचायत महगवां की सचिव सविता मांझी पर दो हजार 500 रुपये का दंड लगाया गया है.

इसके अलावा ग्राम पंचायत जामगांव के सचिव प्रमोद कुशराम पर दो हजार रुपये, कुकुरी खेड़ा के सचिव जितेंद्र पाठक, मड़ईकला के सचिव रामप्रसाद तिलगाम और बिलटुकरी के सचिव कमल मरावी पर एक-एक हजार 750 रुपये का अर्थदंड लगाया गया है. अन्य सचिवों पर भी 250 रुपये से लेकर एक हजार रुपये तक का दंड अधिरोपित किया गया है.

कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया है कि लोक सेवा प्रदाय गारंटी अधिनियम का उद्देश्य आम नागरिकों को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराना है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी. उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि नागरिकों से प्राप्त आवेदनों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित करें, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े.

प्रशासन की इस कार्रवाई को जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी समय-सीमा के उल्लंघन और कार्यों में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-