जबलपुर. शहर में आयोजित होने वाली साप्ताहिक पुलिस जनसुनवाई आम लोगों के लिए उम्मीद का बड़ा केंद्र बनती जा रही है. हालात ऐसे हैं कि हर मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में फरियादियों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं. पारिवारिक विवाद, जमीन संबंधी झगड़े, साइबर अपराध, मारपीट, धोखाधड़ी और महिला उत्पीड़न जैसी शिकायतों को लेकर बड़ी संख्या में लोग सीधे पुलिस कप्तान के पास पहुंच रहे हैं. इससे यह सवाल भी उठने लगा है कि आखिरकार लोग अपनी समस्याओं के समाधान के लिए थानों के बजाय वरिष्ठ अधिकारियों की शरण लेने को क्यों मजबूर हो रहे हैं.
मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में पुलिस अधीक्षक कार्यालय में कुल 75 शिकायतें प्राप्त हुईं. शिकायतकर्ताओं ने अपनी समस्याओं और शिकायतों को लेकर पुलिस अधिकारियों के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किए. जनसुनवाई के दौरान प्राप्त शिकायतों की फोटो लेकर उन्हें तत्काल संबंधित थाना प्रभारियों और अधिकारियों को भेजा गया, ताकि उनके निराकरण की प्रक्रिया शुरू की जा सके. हालांकि शिकायतकर्ताओं का कहना है कि आवेदन थाने भेजे जाने के बाद उनकी शिकायतों पर कितनी गंभीरता से कार्रवाई होती है, यह बड़ा सवाल बना हुआ है.
पुलिस विभाग का दावा है कि जनसुनवाई में प्राप्त सभी शिकायतों के समयबद्ध निराकरण के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए जाते हैं. बावजूद इसके हर सप्ताह बढ़ती शिकायतों की संख्या यह संकेत दे रही है कि बड़ी संख्या में लोग अब भी स्थानीय स्तर पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं मिलने से परेशान हैं. कई शिकायतकर्ताओं का कहना है कि थानों में उनकी बात सुनने या कार्रवाई करने में देरी होती है, जिसके कारण उन्हें सीधे पुलिस अधीक्षक कार्यालय का रुख करना पड़ता है.
पिछले एक वर्ष के दौरान जनसुनवाई में आने वाले शिकायतकर्ताओं की संख्या में लगातार वृद्धि देखी गई है. विभिन्न मीडिया रिपोर्टों और जनसुनवाई से जुड़े उपलब्ध रुझानों के आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि वर्ष 2025 के मध्य तक जहां प्रति जनसुनवाई 55 से 65 शिकायतें प्राप्त होती थीं, वहीं वर्ष 2026 में यह संख्या बढ़कर 75 से 90 तक पहुंच गई है. हालांकि यह कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं है, लेकिन लगातार बढ़ती भीड़ इस बात की पुष्टि करती है कि लोगों की समस्याएं और शिकायतें बड़ी संख्या में वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच रही हैं.
जनसुनवाई में आने वाले मामलों में सबसे अधिक संख्या पारिवारिक विवादों, पति-पत्नी के बीच मतभेद, जमीन संबंधी विवाद, साइबर ठगी, आर्थिक अपराध, मारपीट और महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों की रहती है. हाल के महीनों में साइबर अपराधों से संबंधित शिकायतों में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है. ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, बैंकिंग फ्रॉड और सोशल मीडिया अपराधों के मामले लगातार बढ़ रहे हैं.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जनसुनवाई का उद्देश्य आम नागरिकों को त्वरित राहत प्रदान करना और लंबित शिकायतों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करना है. मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात अंजना तिवारी, नगर पुलिस अधीक्षक बरगी अंजुल अयंक मिश्रा तथा उप पुलिस अधीक्षक ग्रामीण आकांक्षा उपाध्याय भी मौजूद रहीं. अधिकारियों ने शिकायतकर्ताओं की समस्याएं सुनीं और संबंधित मामलों को तत्काल कार्रवाई के लिए अग्रेषित किया.
हालांकि बढ़ती शिकायतों और फरियादियों की भीड़ यह संकेत भी दे रही है कि पुलिस व्यवस्था के निचले स्तर पर शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता है. फिलहाल हर मंगलवार पुलिस अधीक्षक कार्यालय आम लोगों की उम्मीदों का सबसे बड़ा केंद्र बनता जा रहा है, जहां न्याय और राहत की तलाश में बड़ी संख्या में लोग अपनी फरियाद लेकर पहुंच रहे हैं.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

