नई दिल्ली. भारत के डिजिटल भुगतान नेटवर्क यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ने अपनी वैश्विक पहुंच को और मजबूत करते हुए कंबोडिया में आधिकारिक रूप से प्रवेश कर लिया है. नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) की अंतरराष्ट्रीय शाखा एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (NIPL) ने कंबोडिया के प्रमुख बैंक एसीएलईडीए बैंक पीएलसी के साथ साझेदारी में देश की राष्ट्रीय क्यूआर भुगतान प्रणाली KHQR के जरिए UPI भुगतान सुविधा शुरू कर दी है. इस पहल के साथ भारतीय यात्री अब कंबोडिया में 45 लाख से अधिक व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर अपने UPI आधारित मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से सीधे भुगतान कर सकेंगे.
इस सेवा का औपचारिक शुभारंभ कंबोडिया की राजधानी फ्नोम पेन्ह में आयोजित एक समारोह में किया गया. कार्यक्रम में कंबोडिया के नेशनल बैंक की गवर्नर डॉ. चिया सेरेय, भारतीय रिजर्व बैंक के प्रतिनिधियों तथा दोनों देशों के वित्तीय क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया. यह भारत और कंबोडिया के बीच सीमा-पार क्यूआर भुगतान कनेक्टिविटी स्थापित करने की दिशा में पहला चरण माना जा रहा है.
नई व्यवस्था के तहत भारतीय पर्यटक कंबोडिया के पर्यटन स्थलों, रेस्तरां, खुदरा दुकानों और अन्य व्यापारिक केंद्रों पर QR कोड स्कैन करके आसानी से भुगतान कर सकेंगे. इससे विदेशी मुद्रा विनिमय की परेशानी कम होगी और यात्रियों को अधिक सुरक्षित तथा सुविधाजनक भुगतान अनुभव मिलेगा. साथ ही कंबोडियाई व्यापारियों को करोड़ों भारतीय डिजिटल उपभोक्ताओं तक पहुंच बनाने का अवसर मिलेगा.
परियोजना के दूसरे चरण में कंबोडिया के नागरिकों को भी भारत में UPI क्यूआर कोड आधारित भुगतान करने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी. इसके बाद दोनों देशों के बीच एक पूर्णतः द्विपक्षीय और इंटरऑपरेबल डिजिटल भुगतान गलियारा विकसित हो जाएगा, जिससे पर्यटन, व्यापार और आर्थिक सहयोग को नई गति मिलने की उम्मीद है.
एनपीसीआई इंटरनेशनल के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी रितेश शुक्ला ने कहा कि यह पहल भारत के डिजिटल भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र के वैश्विक विस्तार में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है. उनके अनुसार कंबोडिया में UPI की स्वीकृति भारतीय यात्रियों को विदेश में भी घरेलू भुगतान जैसा सहज अनुभव प्रदान करेगी, जबकि स्थानीय व्यापारियों को विशाल डिजिटल ग्राहक आधार तक पहुंच मिलेगी.
एसीएलईडीए बैंक पीएलसी के अध्यक्ष एवं समूह प्रबंध निदेशक डॉ. इन चैनी ने कहा कि यह साझेदारी कंबोडिया के डिजिटल परिवर्तन और सीमा-पार भुगतान इंटरऑपरेबिलिटी की दिशा में एक बड़ा कदम है. उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था यात्रियों के लिए लेनदेन संबंधी बाधाओं और विदेशी मुद्रा विनिमय की चुनौतियों को कम करेगी, वहीं स्थानीय व्यापारियों के लिए नए डिजिटल बाजारों के द्वार खोलेगी.
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत का UPI नेटवर्क लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मौजूदगी बढ़ा रहा है और कंबोडिया में इसकी शुरुआत दक्षिण-पूर्व एशिया में डिजिटल भुगतान सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक अहम उपलब्धि साबित हो सकती है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

