कुवैत सिटी. पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए ड्रोन हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई है. कुवैत स्थित भारतीय दूतावास ने घटना की पुष्टि करते हुए गहरा दुख व्यक्त किया है और कहा है कि वह पीड़ित परिवार तथा घायल लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में है.
यह हमला बुधवार को कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के यात्री टर्मिनल पर हुआ. कुवैती अधिकारियों के अनुसार कई ड्रोन हवाई अड्डे के टर्मिनल-1 से टकराए, जिससे भवन को भारी नुकसान पहुंचा और कई लोग घायल हो गए. घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों और आपातकालीन सेवाओं को तत्काल सक्रिय कर दिया गया.
भारतीय दूतावास ने अपने आधिकारिक बयान में मृत भारतीय नागरिक के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि दूतावास शोक संतप्त परिवार के संपर्क में है और उन्हें आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए कुवैती अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है. हालांकि मृतक भारतीय नागरिक की पहचान अभी सार्वजनिक नहीं की गई है.
कुवैत सेना ने पुष्टि की है कि कई शत्रुतापूर्ण ड्रोन हवाई अड्डे के यात्री भवन से टकराए. हमले में टर्मिनल को काफी नुकसान पहुंचा है. घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई और अस्पतालों में भर्ती कराया गया. प्रारंभिक तस्वीरों और रिपोर्टों में एयरपोर्ट के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने के संकेत मिले हैं, हालांकि नुकसान का पूरा आकलन अभी जारी है.
कुवैत सरकार ने इस हमले के लिए सीधे ईरान को जिम्मेदार ठहराया है. कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर इसे "ईरानी आक्रामकता" करार दिया. मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल सऊद अब्दुलअजीज अल-ओतैबी ने कहा कि सशस्त्र बल स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.
रक्षा मंत्रालय के अनुसार सेना संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर घटनाक्रम की निगरानी कर रही है. सुरक्षा बलों को संवेदनशील प्रतिष्ठानों और महत्वपूर्ण ढांचों की सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं. हमले के बाद एयरपोर्ट और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है.
घटना ऐसे समय हुई है जब पश्चिम एशिया पहले से ही तनावपूर्ण परिस्थितियों से गुजर रहा है. क्षेत्र में जारी भू-राजनीतिक संघर्षों के बीच नागरिक प्रतिष्ठानों, विशेष रूप से हवाई अड्डों और परिवहन केंद्रों की सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गई हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के हमले क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर चुनौती बन सकते हैं.
भारतीय अधिकारियों ने भी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रखी है. विदेश मंत्रालय और कुवैत स्थित भारतीय दूतावास स्थानीय प्रशासन के संपर्क में हैं तथा वहां रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठा रहे हैं.
फिलहाल कुवैती सुरक्षा एजेंसियां हमले की विस्तृत जांच कर रही हैं. ड्रोन हमले के स्रोत, क्षति के स्तर और अन्य संभावित खतरों को लेकर जांच जारी है. वहीं भारतीय समुदाय और मृतक के परिजन घटना के बाद गहरे सदमे में हैं. भारतीय दूतावास ने आश्वासन दिया है कि प्रभावित परिवार को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी.
कुवैत एयरपोर्ट पर हुए इस हमले ने एक बार फिर पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और उसके अंतरराष्ट्रीय प्रभावों को उजागर कर दिया है. अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि इस घटना के बाद क्षेत्रीय हालात किस दिशा में आगे बढ़ते हैं.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

