हिमाचल में आया भूकंप का बड़ा झटका, 3 बार हिली धरती, अस्पताल और कई घर क्षतिग्रस्त

हिमाचल में आया भूकंप का बड़ा झटका, 3 बार हिली धरती, अस्पताल और कई घर क्षतिग्रस्त

प्रेषित समय :16:51:24 PM / Sat, Jun 6th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

शिमला. हिमाचल प्रदेश में बीती रात कुदरत का खौफनाक मंजर देखने को मिला, जहां एक के बाद एक आए भूकंप के तीन जोरदार झटकों ने पूरे सूबे को हिलाकर रख दिया. रातभर धरती हिलने के कारण लोग बेहद दहशत में रहे और खौफ के मारे पूरी रात सो नहीं पाए.

पहला और सबसे तेज झटका रात 10:04 बजे महसूस किया गया, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.0 मापी गई. इसके बाद भी धरती शांत नहीं हुई और रात 11:04 बजे 2.8 तीव्रता तथा ठीक 11:52 बजे 3.0 तीव्रता के दो और झटके महसूस किए गए. राहत की बात यह रही कि किसी की जान नहीं गई, लेकिन इस आपदा के कारण कई इलाकों में भारी नुकसान हुआ है.

चंबा रहा केंद्र, पंजाब तक हिली धरती

मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, इन तीनों ही भूकंपों का केंद्र हिमाचल प्रदेश का चंबा जिला रहा. पहला झटका इतना तीव्र और खतरनाक था कि लोग घबराकर अपने घरों और बहुमंजिला इमारतों से बाहर खुली सड़कों की तरफ दौड़ पड़े. भूकंप का असर सिर्फ हिमाचल तक ही सीमित नहीं था, बल्कि इसके तेज कंपन पड़ोसी राज्य पंजाब में भी साफ तौर पर महसूस किए गए. विशेषज्ञों का कहना है कि यह भूकंप जमीन की बेहद कम गहराई में आया था, यही वजह है कि 5.0 तीव्रता के इस झटके का प्रभाव प्रदेश के एक बहुत बड़े हिस्से में इतना जोरदार और विनाशकारी रहा.

असुरक्षित घोषित अस्पताल की छत गिरी

इस भूकंप के कारण जिला कांगड़ा के धर्मशाला में कई घरों की दीवारों में गहरी दरारें आ गई हैं. वहीं, पालमपुर के सिविल अस्पताल से एक बेहद डराने वाली तस्वीर सामने आई, जहां रात को आए पहले झटके के कारण अस्पताल के पुराने भवन की दूसरी मंजिल की छत भरभराकर गिर गई. गनीमत यह रही कि इस हादसे में सभी मरीज पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी को चोट नहीं आई, लेकिन इस घटना के बाद वार्डों में भर्ती मरीजों और उनके तीमारदारों में चीख-पुकार मच गई. बताया जा रहा है कि प्रशासन ने इस भवन को काफी समय पहले ही असुरक्षित घोषित कर दिया था, इसके बावजूद वहां मरीजों का इलाज चल रहा था जो एक बड़े हादसे को दावत दे रहा था.

शाहपुर में नहीं बचा मकान, पीड़ित ने मांगी मदद

भूकंप की इस त्रासदी ने कई गरीब परिवारों के आशियाने उजाड़ दिए हैं. शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले माहड़ गांव में जिगरी राम नाम के एक ग्रामीण का स्लेटपोश मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. मकान की छत पूरी तरह ढह गई है, जिससे वह अब रहने लायक नहीं बचा है. बेघर हुए पीड़ित परिवार ने खुले आसमान के नीचे रात गुजारी और अब सरकार तथा जिला प्रशासन से तत्काल आर्थिक राहत और मदद की गुहार लगाई है.

दो दशकों के इतिहास में सबसे बड़ा खौफ

भू-वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले दो दशकों (20 साल) के दौरान हिमाचल प्रदेश में आए अधिकांश भूकंपों की तीव्रता दो से चार रिक्टर स्केल के बीच ही दर्ज की गई है, जिन्हें हल्के झटके माना जाता है. लेकिन शुक्रवार रात को आया 5.0 तीव्रता का यह झटका पिछले 20 सालों में सबसे अपेक्षाकृत अधिक तीव्र और खतरनाक रहा, जिसने साल 1905 के कांगड़ा भूकंप की डरावनी यादों को ताजा कर दिया है. फिलहाल प्रशासन नुकसान का आकलन करने में जुटा है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-