बीसीसीआई : 15 साल के वैभव सूर्यवंशी के लिए विशेष फैसला, इंग्लैंड दौरे पर माता-पिता रह सकेंगे साथ

बीसीसीआई : 15 साल के वैभव सूर्यवंशी के लिए विशेष फैसला, इंग्लैंड दौरे पर माता-पिता रह सकेंगे साथ

प्रेषित समय :14:19:54 PM / Sun, Jun 7th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के लिए एक विशेष व्यवस्था की है. आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम में चुने गए 15 वर्षीय वैभव को इंग्लैंड दौरे पर अपने माता-पिता या परिवार के किसी सदस्य को साथ रखने की अनुमति दी गई है.

बोर्ड का मानना है कि कम उम्र में पहली बार सीनियर भारतीय टीम के साथ विदेशी दौरे पर जा रहे खिलाड़ी के लिए पारिवारिक समर्थन महत्वपूर्ण हो सकता है. बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने बताया कि वैभव अब तक अपनी उम्र के खिलाडिय़ों के साथ ही यात्रा और प्रतियोगिताओं का हिस्सा रहे हैं, जबकि सीनियर टीम का माहौल पूरी तरह अलग है. ऐसे में परिवार का साथ उन्हें नए माहौल में सहज महसूस कराने में मदद करेगा.

सैकिया ने कहा कि वैभव अभी नाबालिग हैं और उनकी उम्र को देखते हुए यह फैसला लिया गया है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि परिवार इंग्लैंड दौरे पर उनके साथ जाना चाहता है तो बोर्ड आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराएगा. फिलहाल वैभव श्रीलंका में इंडिया-ए टीम के साथ त्रिकोणीय सीरीज खेल रहे हैं. उनके पिता भी जल्द वहां पहुंचने वाले हैं.

वैभव सूर्यवंशी का चयन हाल के शानदार प्रदर्शन का परिणाम माना जा रहा है. उन्होंने अंडर-19 विश्व कप फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 175 रनों की यादगार पारी खेलकर भारत को खिताब दिलाया था. इसके बाद आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स के लिए बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 16 मैचों में 776 रन बनाए और ऑरेंज कैप सहित कई व्यक्तिगत पुरस्कार अपने नाम किए.

मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने भी वैभव की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि युवा बल्लेबाज ने अपने प्रदर्शन के दम पर टीम में जगह बनाई है. उनके अनुसार, कम उम्र में दबाव भरे मुकाबलों में वैभव का प्रदर्शन असाधारण रहा है और उनमें मैच का रुख बदलने की क्षमता है.

अब क्रिकेट प्रशंसकों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या वैभव सूर्यवंशी सीनियर भारतीय टीम के लिए मैदान पर उतरकर अपने करियर का एक और यादगार अध्याय लिख पाएंगे. वहीं क्चष्टष्टढ्ढ का यह फैसला यह भी दर्शाता है कि बोर्ड अपने युवा खिलाडिय़ों की प्रतिभा के साथ-साथ उनके व्यक्तिगत और भावनात्मक विकास को भी महत्व दे रहा है.

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