नई दिल्ली. एक अप्रत्याशित हादसा सामने आया है. यहाँ अचानक आई तेज आंधी और मूसलाधार बारिश के चलते रनवे पर खड़े एयर इंडिया के तीन नैरोबॉडी विमान गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गए. हवाई अड्डा संचालक के अनुसार, तूफान के तेज वेग के कारण टार्मक पर मौजूद बिना एंकर वाले ग्राउंड सपोर्ट इक्विपमेंट (हवाई पट्टी पर इस्तेमाल होने वाले भारी उपकरण) अपनी जगह से खिसक गए और सीधे खड़े विमानों से जा टकराए. सुरक्षा नियमों को ध्यान में रखते हुए तीनों प्रभावित विमानों को तुरंत सक्रिय परिचालन से बाहर कर दिया गया है.
मौसम से फिसले उपकरण; एटीसी से नहीं मिली थी चेतावनी
विमानन अधिकारियों द्वारा जारी आधिकारिक बयानों के मुताबिक, यह दुर्घटना उस समय हुई जब एयर इंडिया इंजीनियरिंग और इंडिगो एयरलाइंस से संबंधित भारी ग्राउंड मशीनरी अचानक चलीं उच्च वेग की हवाओं के दबाव को झेल नहीं पाईं. हवा के तेज झोंकों के कारण ये फ्री-मूविंग उपकरण अपने निर्धारित पार्किंग स्थानों से हट गए और अनियंत्रित होकर टर्मिनल 2 के टार्मक पर खड़े शांत विमानों से टकराते चले गए.
हवाई अड्डा संचालक ने स्पष्ट किया कि मौसम में आया यह बदलाव पूरी तरह से अचानक और अप्रत्याशित था. प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) द्वारा इस आसन्न आंधी-तूफान या मौसम के बिगडऩे को लेकर हवाई अड्डा प्रशासन या परिचालन करने वाली एयरलाइंस को पहले से कोई अग्रिम चेतावनी या मौसम अलर्ट जारी नहीं किया गया था। इस पूरे घटनाक्रम पर एयर इंडिया प्रबंधन ने अभी तक कोई भी आधिकारिक टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है.
दिल्ली एयर इंडिया के 3 विमान क्षतिग्रस्त हुए
हालांकि एयर इंडिया ने इस मामले पर कोई औपचारिक सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन एयरलाइन के एक आंतरिक सूत्र ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि प्रतिकूल मौसम के कारण हुआ यह नुकसान केवल एक ही कैरियर तक सीमित नहीं था. सूत्र के अनुसार, हॉस्टाइल वेदर (खराब मौसम) की स्थिति के कारण एयर इंडिया के तीन विमानों के साथ-साथ कुछ अन्य ऑपरेटरों के विमान भी आंशिक रूप से प्रभावित हुए हैं. घटना के तुरंत बाद एयरलाइन की विशेष इंजीनियरिंग टीमों को काम पर लगा दिया गया है, जिन्होंने विमानों को पहुंचे नुकसान का प्रारंभिक तकनीकी मूल्यांकन पूरा कर लिया है.
इंजीनियरिंग टीम की शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, प्रभावित हुए एयर इंडिया के तीन विमानों में से दो को केवल मामूली सतही नुकसान पहुंचा है. तकनीकी शुद्धिकरण और आवश्यक मरम्मत के बाद इन दोनों विमानों को बहुत जल्द व्यावसायिक उड़ानों के लिए वापस सेवा में शामिल कर लिया जाएगा.


