भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आज मंगलवार 9 जून को मोहन कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक में भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट को रफ्तार मिल गई है. वहीं किसानों के मंडी शुल्क को लेकर सीएम ने बड़ी घोषणा कर दी है. यही नहीं तबादला नीति का पालन करने के निर्देश देते हुए सीएम ने अधिकारियों को निर्देश भी दिए हैं. बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी को 12 साल पूरे होने पर बधाई भी दी गई. 12 साल की उपलब्धियां गिनाई गईं.
भोपाल मेट्रो के लिए 3 हजार 92 करोड़ को मंजूरी
2016 में प्रस्तावित भोपाल मेट्रो की मूल लागत पहले जहां 6 हजार 941 करोड़ रुपए थी, वह अब बढ़कर 10 हजार 33 करोड़ रुपए हो गई है. इसमें 3 हजार 92 करोड़ की वृद्धि दर्ज की गई है. अब इस प्रोजेक्ट को गति देने यह राशि स्वीकृत की गई है. बता दें कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहले ही मेट्रो रेल परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा कर चुके हैं. सरकार का पूरा फोकस भोपाल और इंदौर दोनों शहरों में मेट्रो प्रोजेक्ट को तेजी से आगे बढ़ाने पर है.
किसान कल्याण वर्ष में अहम निर्णय
कृषि विभाग मंडी टैक्स को लेकर महत्वपूर्ण प्रस्ताव कैबिनेट में रखा गया. इसके तहत किसान कल्याण वर्ष में किसानों का कपास के लिए लिया जाने वाला मंडी शुल्क 1 फीसदी प्रति 100 रुपए पर है. इसे कम करके आधा फीसदी कर दिया है. अब किसानों को महाराष्ट्र जाकर उत्पाद बेचने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
मंडी शुल्क को लेकर अन्य उत्पादों पर 100 रुपए पर 1 फीसदी का जो शुल्क लिया जाता है, वह पहले जहां ये डेढ़ फीसदी था, इसे घटाकर एक प्रतिशत किया गया था. इसे फिर से बढ़ाकर डेढ़ फीसदी कर दिया गया है. इसका उपयोग किसान हित के लिए खर्च किया जा सकेगा. इससे 800 करोड़ की आय की उम्मीद.
एमपी में उर्वरक अच्छी मात्रा में है. हर जिले में नोडल ऑफिसर नियुक्त किया जाएगा. वह क्षेत्रीय विधायक और मंत्री से संपर्क में रहकर इ जिम्मा संभालेगा. ताकि किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो. अगले सीजन में इसकी उपलब्ध्ता व्यवस्था की गई हैं.
तबादला नीति पर दिए निर्देश
इसके अलावा सीएम ने प्रदेश में नई तबादला नीति के तहत किए जा रहे तबादलों को लेकर भी निर्देश दिए हैं. अधिकारियों से कहा गया है कि सभी अधिकारी 15 जून यानी तय समय सीमा तक यह कार्य पूर्ण कर लें.
सौर ऊर्जा घर-घर पहुंचे अभियान
अब तक प्रदेश सरकार 2 लाख परिवारों को सौर ऊर्जा नवीकरण ऊर्जा योजना में शामिल किया जा चुका है. अब इसे घर-घर पहुंचाने का लक्ष्य लेकर आगे काम किया जा रहा है.

