वर्ल्ड कप से पहले भारती फुलमाली पर भद्दी टिप्पणियां, ट्रोल्स को फैंस ने दिया करारा जवाब

वर्ल्ड कप से पहले भारती फुलमाली पर भद्दी टिप्पणियां, ट्रोल्स को फैंस ने दिया करारा जवाब

प्रेषित समय :22:48:03 PM / Wed, Jun 10th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली। इंग्लैंड और वेल्स में 12 जून से शुरू होने जा रहे महिला टी-20 विश्व कप 2026 से पहले भारतीय महिला क्रिकेट टीम की बल्लेबाज भारती फुलमाली सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बन गई हैं। हालांकि इसकी वजह उनका प्रदर्शन नहीं, बल्कि उनकी शारीरिक बनावट और व्यक्तित्व को लेकर की जा रही आपत्तिजनक टिप्पणियां हैं। विश्व कप टीम में चयन के बाद सोशल मीडिया के एक वर्ग द्वारा उन्हें निशाना बनाया जा रहा है, लेकिन दूसरी ओर क्रिकेट प्रशंसकों और खेल प्रेमियों का बड़ा तबका उनके समर्थन में खुलकर सामने आया है।

31 वर्षीय भारती फुलमाली हाल के महीनों में शानदार फॉर्म में रही हैं। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखलाओं में उपयोगी प्रदर्शन किया और विश्व कप के अभ्यास मैचों में भी अपनी बल्लेबाजी से प्रभावित किया। कार्डिफ के सोफिया गार्डन्स में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए अभ्यास मुकाबले में भारती ने मात्र 40 गेंदों में 56 रन की आक्रामक पारी खेली। उनकी इस पारी में छह चौके और एक छक्का शामिल था तथा उनका स्ट्राइक रेट 140 रहा। इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ भी उन्होंने 17 गेंदों में 18 महत्वपूर्ण रन बनाकर मध्यक्रम में अपनी भूमिका को मजबूत किया।

इन लगातार प्रदर्शनों के आधार पर भारती ने आगामी टी-20 विश्व कप के लिए भारतीय टीम में अपनी जगह लगभग पक्की कर ली है। लेकिन जहां मैदान पर उनका बल्ला बोल रहा है, वहीं सोशल मीडिया पर कुछ लोग उनके खेल के बजाय उनके रूप-रंग को निशाना बनाने में लगे हैं। उनकी शारीरिक बनावट और व्यक्तित्व को लेकर कई आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई हैं, जिन्हें खेल जगत और सोशल मीडिया पर व्यापक आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।

भारती फुलमाली लंबे समय से भारतीय महिला क्रिकेट में अपनी मेहनत और संघर्ष के लिए जानी जाती हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी करने के लिए उन्हें वर्षों तक इंतजार करना पड़ा। वर्ष 2019 के बाद भारतीय टीम में वापसी का मौका मिलने में उन्हें करीब सात वर्ष का लंबा अंतराल झेलना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और घरेलू क्रिकेट तथा महिला प्रीमियर लीग में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा।

महिला प्रीमियर लीग 2026 में गुजरात जायंट्स की ओर से खेलते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण पारियां खेलीं। उनके प्रदर्शन ने टीम को कई मुकाबलों में मजबूती प्रदान की। यही प्रदर्शन आगे चलकर राष्ट्रीय टीम में उनकी वापसी का आधार बना। लेकिन इसी दौरान सोशल मीडिया पर उन्हें लगातार ट्रोलिंग और भेदभावपूर्ण टिप्पणियों का सामना भी करना पड़ा।

एक साक्षात्कार में भारती ने इस तरह की टिप्पणियों से होने वाली मानसिक पीड़ा का जिक्र भी किया था। उन्होंने कहा था कि जब लोग केवल आपके रूप और व्यक्तित्व के आधार पर आपको आंकते हैं तो बहुत बुरा लगता है। उन्होंने स्वीकार किया था कि ऐसी बातें मानसिक रूप से प्रभावित करती हैं, लेकिन उन्होंने हमेशा अपने खेल पर ध्यान केंद्रित रखने की कोशिश की।

विश्व कप टीम में चयन के बाद ट्रोलिंग का दौर फिर तेज हो गया, लेकिन इस बार बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रेमी उनके समर्थन में उतर आए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स और अन्य माध्यमों पर हजारों लोगों ने भारती के पक्ष में संदेश लिखे। कई प्रशंसकों ने कहा कि किसी खिलाड़ी की पहचान उसके प्रदर्शन से होनी चाहिए, न कि उसके चेहरे या शारीरिक बनावट से। लोगों ने ट्रोल्स को करारा जवाब देते हुए कहा कि भारती ने अपनी प्रतिभा, मेहनत और समर्पण के दम पर भारतीय टीम में जगह बनाई है और यही उनकी सबसे बड़ी पहचान है।

कई पूर्व खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों ने भी इस तरह की ट्रोलिंग को शर्मनाक बताया। उनका कहना है कि महिला खिलाड़ियों को अक्सर उनके खेल के बजाय उनके रूप-रंग के आधार पर आंका जाता है, जो खेल भावना के विपरीत है। समर्थकों ने यह भी कहा कि भारती की उपलब्धियां उन सभी आलोचनाओं से कहीं बड़ी हैं जो सोशल मीडिया पर की जा रही हैं।

भारती फुलमाली के करियर आंकड़े भी उनकी मेहनत और क्षमता को दर्शाते हैं। उन्होंने अब तक भारत के लिए छह टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं और 72 रन बनाए हैं। हालांकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्हें सीमित अवसर मिले हैं, लेकिन घरेलू क्रिकेट और महिला प्रीमियर लीग में उनका प्रदर्शन प्रभावशाली रहा है। डब्ल्यूपीएल में उन्होंने 18 मैचों में 316 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका औसत 31.60 और स्ट्राइक रेट 149.76 रहा है, जो टी-20 प्रारूप में किसी भी मध्यक्रम बल्लेबाज के लिए शानदार माना जाता है।

महिला टी-20 विश्व कप से पहले भारतीय टीम अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे रही है। ऐसे समय में भारती फुलमाली जैसी खिलाड़ी से टीम को मध्यक्रम में महत्वपूर्ण योगदान की उम्मीद है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वह अपनी मौजूदा फॉर्म बरकरार रखती हैं तो विश्व कप में भारत के लिए अहम भूमिका निभा सकती हैं।

सोशल मीडिया पर जारी विवाद के बीच एक बात स्पष्ट है कि भारती फुलमाली को लेकर चर्चा अब केवल उनकी बल्लेबाजी तक सीमित नहीं रह गई है। वह उन खिलाड़ियों में शामिल हो गई हैं जिन्होंने खेल के साथ-साथ सामाजिक पूर्वाग्रहों और भेदभावपूर्ण मानसिकता का भी सामना किया है। हालांकि जिस तरह बड़ी संख्या में लोग उनके समर्थन में सामने आए हैं, उससे यह संदेश भी गया है कि खेल में प्रतिभा, मेहनत और प्रदर्शन ही सबसे बड़ा पैमाना होना चाहिए, न कि किसी खिलाड़ी का रूप-रंग या शारीरिक बनावट।

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-