रायपुर. छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सुशासन की एक नई इबारत लिखी जा रही है. राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ आम जनता तक विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुँचा रही है. प्रदेश में मनाया जा रहा 'सुशासन तिहार' प्रशासनिक दक्षता के साथ-साथ सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की एक अनूठी मिसाल बनकर उभरा है.
इस अभियान के तहत तालापारा और हेमुनगर में आयोजित समाधान शिविरों ने कई परिवारों के जीवन में आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास का नया सवेरा लाया है.
पीएम स्वनिधि योजना: महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने का सपना हुआ सच
समाधान शिविरों के माध्यम से उन महिलाओं को संबल मिला है जो सीमित संसाधनों के कारण आगे नहीं बढ़ पा रही थीं.
ज्योति मिरी (सब्जी व्यवसायी): वर्षों से मोहल्लों में घूमकर सब्जी बेचने वाली ज्योति के पास पूंजी की कमी थी, जिससे उनका मुनाफा सीमित था. शिविर में उन्हें प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की जानकारी मिली और आर्थिक सहायता स्वीकृत हुई. अब वे बड़े पैमाने पर व्यवसाय बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.
अपर्णा डे (सिलाई कला निपुण): घर से छोटा सिलाई सेंटर चलाने वाली अपर्णा को बुनियादी संसाधनों की कमी के कारण कई बार बड़े ऑर्डर्स छोड़ने पड़ते थे. स्वनिधि योजना से मिली मदद के बाद अब वे नई मशीनें खरीदकर अपने काम का विस्तार कर रही हैं.
हेमुनगर शिविर: 80 दिव्यांगजनों को मिली मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल, आसान हुई राह
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मानवीय दृष्टिकोण का बड़ा उदाहरण हेमुनगर शिविर में देखने को मिला, जहाँ 80 दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल वितरित की गई. यह वाहन उनके लिए केवल सुविधा नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और स्वतंत्रता का माध्यम बन गया है.
जन-जन तक पहुँच रहा सुशासन का लाभ
"प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुँचाना ही हमारी प्राथमिकता है. समाधान शिविरों के माध्यम से जनता की समस्याओं का मौके पर ही निपटारा किया जा रहा है."
प्रशासन ने जिस गति से शासकीय योजनाओं को धरातल पर उतारा है, उसने यह साबित कर दिया है कि संवेदनशीलता और दृढ़ इच्छाशक्ति से आमजन के जीवन में वास्तविक और तीव्र परिवर्तन लाया जा सकता है. आज छत्तीसगढ़ का हर नागरिक सुशासन के इस दौर में खुद को सशक्त और सुरक्षित महसूस कर रहा है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

