370 रुपये की बिरयानी टिप्पणी पर घिरे कॉमेडियन प्रणीत मोरे, महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने दर्ज किया मामला

370 रुपये की बिरयानी टिप्पणी पर घिरे कॉमेडियन प्रणीत मोरे, महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने दर्ज किया मामला

प्रेषित समय :20:03:25 PM / Thu, Jun 11th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

मुंबई. स्टैंड-अप कॉमेडियन Pranit More एक वायरल वीडियो को लेकर बढ़ते विवाद के बीच कानूनी मुश्किलों में फंस गए हैं. महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने गुरुवार को उनके खिलाफ मामला दर्ज किया है. यह कार्रवाई उस विवादित वीडियो के बाद हुई है जिसमें उनके शो के दौरान एक दर्शक अपनी डेट से जुड़ा आपत्तिजनक बयान देता दिखाई देता है और मंच पर मौजूद कॉमेडियन तथा दर्शकों की हंसी भी सुनाई देती है.

विवाद की शुरुआत सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक छोटे वीडियो क्लिप से हुई. वीडियो में 23 वर्षीय हिमांशु जांगड़ा नामक युवक यह कहते हुए सुनाई देता है कि उसने अपनी डेट पर 370 रुपये की बिरयानी का भुगतान किया था और इसलिए उसे अपने इस खर्च का “रिटर्न” मिलना चाहिए था. इस टिप्पणी को बड़ी संख्या में लोगों ने महिलाओं की गरिमा और सहमति की अवधारणा के प्रति असंवेदनशील तथा आपत्तिजनक बताया. वीडियो के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली और कॉमेडियन प्रणीत मोरे की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए.

आलोचकों का कहना था कि शो के दौरान मंच संचालक के रूप में मोरे को ऐसी टिप्पणी पर तुरंत आपत्ति दर्ज करानी चाहिए थी या उसे रोकना चाहिए था. कई महिला अधिकार कार्यकर्ताओं, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और आम उपयोगकर्ताओं ने इस मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की. विवाद बढ़ने के बाद प्रणीत मोरे ने सार्वजनिक रूप से माफी जारी करते हुए कहा कि दर्शक द्वारा की गई टिप्पणियां उनके व्यक्तिगत विचारों का प्रतिनिधित्व नहीं करतीं. उन्होंने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था.

विवाद का असर केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहा. हिमांशु जांगड़ा, जो पेशे से वेब डेवलपर बताए गए हैं, को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ा. गुरुग्राम स्थित जिस निजी कंपनी में वह कार्यरत थे, उसने विवाद के बाद उन्हें नौकरी से निकाल दिया. कंपनी ने उनके बयान को अपने मूल्यों और पेशेवर आचरण के मानकों के विपरीत बताया.

इस बीच National Commission for Women ने भी मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए सख्त रुख अपनाया है. आयोग ने प्रणीत मोरे और हिमांशु जांगड़ा दोनों को तलब किया है. आयोग का कहना है कि वायरल वीडियो में की गई टिप्पणियां महिलाओं की सहमति और सम्मान के प्रति गलत संदेश देती हैं तथा यौन दबाव और गैर-सहमति वाले व्यवहार को सामान्य बनाने का खतरा पैदा करती हैं.

राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष Vijaya Rahatkar ने मामले को गंभीर मानते हुए हरियाणा पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर त्वरित और समयबद्ध कार्रवाई की मांग की है. आयोग ने सात दिनों के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट भी मांगी है. आयोग ने यह जानना चाहा है कि क्या इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और अन्य लागू कानूनों के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है, संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है तथा वायरल वीडियो की प्रमाणिकता की जांच किस स्तर तक पहुंची है.

आयोग ने यह भी पूछा है कि कार्यक्रम के आयोजकों, कलाकारों और आयोजन स्थल प्रबंधन की भूमिका क्या रही और क्या उन्होंने ऐसी टिप्पणियों को रोकने के लिए कोई कदम उठाया था. इसके अलावा आयोग ने राज्य पुलिस से यह जानकारी भी मांगी है कि भविष्य में सार्वजनिक मनोरंजन मंचों और डिजिटल प्लेटफॉर्मों का उपयोग महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक, उत्पीड़क या असंवेदनशील व्यवहार को बढ़ावा देने के लिए न हो, इसके लिए क्या उपाय किए जाएंगे.

महिला आयोग ने अपने बयान में कहा कि महिलाओं की सहमति, गरिमा और शारीरिक स्वायत्तता को कमतर आंकने वाले व्यवहार का सामान्यीकरण समाज पर व्यापक और नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है. आयोग के अनुसार ऐसे मामलों को केवल मनोरंजन या मजाक के दायरे में नहीं देखा जा सकता, क्योंकि इनका असर सामाजिक सोच और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ा होता है.

मामले की सुनवाई 22 जून को शाम चार बजे निर्धारित की गई है. राष्ट्रीय महिला आयोग ने स्पष्ट किया है कि वह पूरे प्रकरण की लगातार निगरानी करेगा और संबंधित एजेंसियों से उचित एवं त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा रखता है. वहीं महाराष्ट्र साइबर पुलिस द्वारा मामला दर्ज किए जाने के बाद यह विवाद अब कानूनी जांच के दायरे में आ गया है. आने वाले दिनों में पुलिस जांच, आयोग की सुनवाई और संबंधित पक्षों के जवाब इस बहुचर्चित मामले की दिशा तय करेंगे.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-