नई दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से बड़ी खबर सामने आ रही है. जंतर-मंतर पर सत्याग्रह करने के बाद महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने राष्ट्रपति भवन की तरफ जा रहे नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और एमपी कांग्रेस के 61 विधायकों को दिल्ली पुलिस ने रास्ते से ही गिरफ्तार कर लिया है. दिल्ली पुलिस सभी विधायकों को पुलिस वैन में डालकर थाने लेकर गई हैं.
दरअसल, मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किए जाने के को लेकर एमपी कांग्रेस 61 विधायकों ने महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने की मांग की थी. बता दें कि, मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी सहित कांग्रेस के 61 विधायकों ने शुक्रवार को दिल्ली में जंतर-मंतर पर चुनाव आयोग के खिलाफ 'सत्याग्रह' विरोध प्रदर्शन किया.
राष्ट्रपति ने भिजवाया मेल- उमंग सिंघार
राष्ट्रपति से मिलने की अनुमति नहीं मिलने और दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि वह देश की राष्ट्रपति हैं न की किसी पार्टी की अध्यक्ष है. सिंघार ने दावा किया कि उन्हें राष्ट्रपति की तरफ से एक मेल भिजवाया गया था जिसमें लिखा था कि वे आज नहीं मिल सकती है. इस पर सिंघार ने राष्ट्रपति पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह भाजपा की एजेंट के तौर पर काम कर रही है. क्या राष्ट्रपति लोकतंत्र को बचाना नहीं चाहती हैं?
पुलिसकर्मी से भिड़े जीतू पटवारी
कांग्रेस के विधायकों को जिस समय दिल्ली पुलिस गिरफ्तार कर वैन में भर रही थी उस समय एमपी कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और एक पुलिसकर्मी के बीच तीखी बहस देखने को मिली. दरअसल, राष्ट्रपति भवन की तरफ बढ़ हे कांग्रेस नेता और विधायकों को रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेड लगाए थे. जीतू पटवारी इसी बैरिकेड में चढ़े तो उन्हें एक पुलिसकर्मी ने नीचे खींचने की कोशिश की. इससे वह भड़क गए और पुलिसकर्मी से बोले कि 'अरे मेरे को छोड़ो, आप मुझे छोड़ो. पुलिस से बहस करने के कुछ देर बाद पुलिस ने उन्हें भी घसीटकर वैन में डाल दिया और गिरफ्तार कर लिया.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

