दो बच्चों और दो सी-सेक्शन के बाद फिर दिखे एब्स, फिटनेस कोच ने बताया रिकवरी का असली मंत्र

दो बच्चों और दो सी-सेक्शन के बाद फिर दिखे एब्स, फिटनेस कोच ने बताया रिकवरी का असली मंत्र

प्रेषित समय :20:19:01 PM / Fri, Jun 12th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली. मां बनने के बाद शरीर में आने वाले बदलावों को लेकर कई तरह की धारणाएं प्रचलित हैं. विशेष रूप से सी-सेक्शन के बाद महिलाओं को अक्सर यह कहा जाता है कि उनके एब्स और कोर स्ट्रेंथ पहले जैसी कभी नहीं हो सकती. हालांकि फिटनेस कोच और दो बच्चों की मां Zoe Modgill ने इस धारणा को गलत बताते हुए अपनी प्रेरणादायक कहानी साझा की है. उन्होंने बताया कि दो गर्भधारण और दो सी-सेक्शन के बावजूद उन्होंने न केवल अपनी कोर स्ट्रेंथ वापस पाई, बल्कि दोबारा एब्स भी विकसित किए.

जोई मोडगिल ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो और पोस्ट में कहा कि महिलाओं को अक्सर यह विश्वास दिलाया जाता है कि बच्चे होने के बाद, खासकर सी-सेक्शन के बाद, उनके पेट की मांसपेशियां हमेशा के लिए कमजोर हो जाती हैं. उनके अनुसार यह पूरी तरह सही नहीं है. उन्होंने कहा कि गर्भावस्था और सर्जरी शरीर की कार्यप्रणाली को बदलती हैं, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि शरीर को पहले जैसी स्थिति में वापस नहीं लाया जा सकता.

जोई ने बताया कि सी-सेक्शन ने उनके कोर को नष्ट नहीं किया, बल्कि उसकी कार्यप्रणाली को प्रभावित किया था. गर्भावस्था के दौरान और सर्जरी के बाद शरीर में दबाव प्रबंधन, मांसपेशियों की सक्रियता और कोर की कार्यक्षमता में बदलाव आना स्वाभाविक प्रक्रिया है. उन्होंने कहा कि अधिकांश महिलाएं इसलिए असफल नहीं होतीं क्योंकि उनका शरीर कमजोर होता है, बल्कि इसलिए क्योंकि वे रिकवरी की सही प्रक्रिया अपनाए बिना सीधे कठिन व्यायाम शुरू कर देती हैं.

फिटनेस कोच के अनुसार कई महिलाएं प्रसव के बाद तुरंत क्रंचेस, प्लैंक, हाई-इंटेंसिटी वर्कआउट और तेजी से वजन घटाने वाले व्यायाम शुरू कर देती हैं, जबकि सबसे पहले कोर की मूल कार्यक्षमता को बहाल करना जरूरी होता है. उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने शरीर को मजबूत बनाने के लिए तथाकथित “बोरिंग लेकिन जरूरी” रिकवरी प्रक्रिया को अपनाया.

जोई के अनुसार उनकी रिकवरी का आधार सही तरीके से सांस लेना सीखना, गहरी कोर मांसपेशियों और पेल्विक फ्लोर को दोबारा सक्रिय करना, शरीर में दबाव को नियंत्रित करना और धीरे-धीरे अंदर से ताकत विकसित करना था. उन्होंने कहा कि मजबूत कोर बनाने की शुरुआत शरीर की बुनियादी कार्यप्रणालियों को पुनर्स्थापित करने से होती है, न कि केवल एब्स दिखाने वाले व्यायामों से.

इसी सोच के आधार पर उन्होंने महिलाओं के लिए “हील योर कोर” नामक कार्यक्रम भी तैयार किया है. उनका कहना है कि यह केवल एब्स बनाने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रसव और सी-सेक्शन के बाद शरीर की स्थिरता और कार्यक्षमता को दोबारा विकसित करने की प्रक्रिया है. उन्होंने विशेष रूप से उन महिलाओं को प्रेरित किया है जो शारीरिक रूप से मजबूत दिखती हैं, लेकिन भीतर से अस्थिरता या कमजोरी महसूस करती हैं.

जोई का संदेश स्पष्ट है कि प्रसव के बाद शरीर टूटता नहीं है, बल्कि उसे सही दिशा में दोबारा तैयार करने की आवश्यकता होती है. उनकी कहानी उन लाखों महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रही है जो मातृत्व के बाद अपनी फिटनेस यात्रा को लेकर संदेह या निराशा महसूस करती हैं. विशेषज्ञ भी मानते हैं कि सही मार्गदर्शन, धैर्य और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ प्रसव के बाद शरीर की ताकत और फिटनेस को काफी हद तक वापस पाया जा सकता है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-