फीफा विश्व कप में पहली बार VAR ने पलटा फैसला, गलत खिलाड़ी को दिखाया पीला कार्ड वापस लिया

फीफा विश्व कप में पहली बार VAR ने पलटा फैसला, गलत खिलाड़ी को दिखाया पीला कार्ड वापस लिया

प्रेषित समय :16:52:54 PM / Sat, Jun 13th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

लॉस एंजिलिस. फीफा विश्व कप 2026 में मेजबान अमेरिका ने अपने अभियान की शानदार शुरुआत करते हुए पैराग्वे को 4-1 से हराकर दमदार जीत दर्ज की, लेकिन मैच के दौरान हुई एक अनोखी घटना ने फुटबॉल जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. विश्व कप के इतिहास में पहली बार वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) की मदद से ‘मिस्टेकन आइडेंटिटी’ यानी गलत खिलाड़ी को दंडित किए जाने का फैसला सुधारा गया. इस ऐतिहासिक निर्णय ने न केवल खिलाड़ियों और दर्शकों को चौंकाया, बल्कि फीफा द्वारा हाल ही में लागू किए गए नए नियमों को भी चर्चा के केंद्र में ला दिया.

ग्रुप-डी के इस मुकाबले में अमेरिका पहले ही 3-0 की मजबूत बढ़त बना चुका था. मैच के दौरान अमेरिका के 38 वर्षीय अनुभवी डिफेंडर टिम रीम को पैराग्वे के खिलाड़ी मिगुएल अल्मिरोन पर कथित फाउल करने के लिए रेफरी डैनी मक्केली ने पीला कार्ड दिखा दिया. साथ ही पैराग्वे को एक खतरनाक क्षेत्र से फ्री-किक भी दे दी गई. उस समय ऐसा लग रहा था कि खेल सामान्य रूप से आगे बढ़ जाएगा और यह निर्णय अंतिम माना जाएगा.

फ्री-किक लिए जाने के बाद खेल दोबारा शुरू भी हो गया था, लेकिन तभी VAR अधिकारियों ने रेफरी को घटना की समीक्षा करने का निर्देश दिया. रेफरी डैनी मक्केली मैदान के किनारे लगे मॉनिटर के पास पहुंचे और वीडियो फुटेज देखने के बाद अपने मूल निर्णय को बदल दिया. यह दृश्य देखकर मैदान में मौजूद खिलाड़ी, कोच और दर्शक सभी हैरान रह गए, क्योंकि पारंपरिक VAR नियमों के तहत खेल दोबारा शुरू हो जाने के बाद इस प्रकार की समीक्षा संभव नहीं मानी जाती थी.

वीडियो जांच के बाद रेफरी ने टिम रीम को दिया गया पीला कार्ड वापस ले लिया और इसके बजाय पैराग्वे के मिगुएल अल्मिरोन को पीला कार्ड दिखाया. समीक्षा में पाया गया कि अल्मिरोन ने संपर्क को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया था और आसानी से गिरकर फाउल का आभास कराया था. इस प्रकार VAR की मदद से गलत खिलाड़ी को दी गई सजा को सुधारते हुए सही निर्णय लागू किया गया.

यह फीफा विश्व कप इतिहास का पहला मामला बन गया, जब ‘मिस्टेकन आइडेंटिटी’ नियम के तहत VAR ने हस्तक्षेप कर पहले दिए गए अनुशासनात्मक निर्णय को बदला. फुटबॉल विशेषज्ञों के अनुसार यह बदलाव खेल को अधिक निष्पक्ष और सटीक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

विश्व कप 2026 से पहले फीफा ने VAR प्रोटोकॉल में कई अहम संशोधन किए थे. रेफरी प्रमुख Pierluigi Collina की पहल पर लागू किए गए इन नियमों में सबसे महत्वपूर्ण प्रावधान गलत खिलाड़ी को कार्ड दिखाए जाने की स्थिति में निर्णय सुधारने का अधिकार देना था. नए नियमों के अनुसार यदि वीडियो साक्ष्य यह साबित कर दें कि किसी अन्य खिलाड़ी ने उल्लंघन किया था, तो रेफरी पीला या लाल कार्ड वापस लेकर सही खिलाड़ी के खिलाफ कार्रवाई कर सकते हैं.

फीफा ने एक और महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए दूसरे पीले कार्ड के कारण होने वाले निष्कासन की घटनाओं को भी VAR समीक्षा के दायरे में शामिल किया है. हालांकि सामान्य परिस्थितियों में पहला पीला कार्ड अभी भी VAR समीक्षा के दायरे से बाहर रहता है. यही कारण है कि अमेरिका और पैराग्वे के बीच हुए इस मुकाबले में विशेष परिस्थितियों के तहत हस्तक्षेप संभव हो सका.

फुटबॉल प्रशंसकों के लिए यह घटना इसलिए भी नई थी क्योंकि अब तक आम धारणा यही रही है कि खेल दोबारा शुरू होने के बाद अधिकांश निर्णयों को बदला नहीं जा सकता. लेकिन फीफा के नए नियमों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यदि मामला गलत पहचान का हो और किसी खिलाड़ी को अनुचित दंड मिला हो, तो VAR हस्तक्षेप कर सकता है.

मैच की बात करें तो अमेरिका ने पूरे मुकाबले में शानदार प्रदर्शन किया. स्ट्राइकर Folarin Balogun ने दो गोल दागे, जबकि शुरुआती बढ़त पैराग्वे के खिलाड़ी डेमियन बोबाडिला के आत्मघाती गोल से मिली. बाद में स्थानापन्न खिलाड़ी Gio Reyna ने चौथा गोल कर टीम की जीत पर मुहर लगा दी. अमेरिकी टीम ने नए कोच Mauricio Pochettino के नेतृत्व में टूर्नामेंट की शानदार शुरुआत करते हुए अपने प्रतिद्वंद्वियों को स्पष्ट संदेश दिया कि मेजबान टीम इस बार खिताब की दौड़ में गंभीर दावेदार है.

हालांकि अमेरिका की जीत जितनी चर्चा में रही, उससे कहीं अधिक सुर्खियां उस VAR फैसले ने बटोरीं, जिसने विश्व कप इतिहास में तकनीक के उपयोग का एक नया अध्याय जोड़ दिया. विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में ऐसे नियम फुटबॉल को और अधिक पारदर्शी तथा निष्पक्ष बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-