जबलपुर. उज्जैन के प्रसिद्ध श्यामू हाथी का ब्लड सैंपल जांच के लिए जबलपुर की विशेष प्रयोगशाला भेजा गया है. भगवान महाकाल की शाही सवारी से जुड़े इस हाथी की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर बढ़ी चिंताओं के बीच अब उसकी मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है. विशेषज्ञों के अनुसार करीब 15 दिन बाद आने वाली जांच रिपोर्ट ही तय करेगी कि श्यामू की स्वास्थ्य स्थिति कितनी गंभीर है और उसके संबंध में आगे क्या कदम उठाए जाएंगे.
उज्जैन में जिला प्रशासन, वन विभाग और पशु चिकित्सा विभाग पिछले कई महीनों से श्यामू हाथी की सेहत पर नजर बनाए हुए हैं. चार दिन तक चले प्रयासों के बाद शनिवार को विशेषज्ञों की टीम हाथी का ब्लड सैंपल लेने में सफल रही. इसके तुरंत बाद सैंपल को विस्तृत जांच के लिए जबलपुर स्थित प्रयोगशाला भेज दिया गया.
जानकारी के अनुसार श्यामू हाथी को लेकर चिंता तब बढ़ी थी, जब करीब सात माह पहले भगवान महाकाल की सवारी के दौरान एक पशु संरक्षण संगठन ने उसके पैरों की स्थिति पर सवाल उठाए थे. इसके बाद वन विभाग और पशु चिकित्सा विशेषज्ञों ने हाथी की नियमित निगरानी शुरू की. जांच के दौरान चिकित्सकों ने ब्लड सैंपल परीक्षण की आवश्यकता बताई थी, ताकि उसकी वास्तविक स्वास्थ्य स्थिति का पता लगाया जा सके.
चार दिन पहले पन्ना, इंदौर और उज्जैन के विशेषज्ञ चिकित्सकों का दल इंदौर रोड स्थित साईंनाथ कॉलोनी पहुंचा था, लेकिन हाथी के मालिक और परिवार ने जांच प्रक्रिया का विरोध करते हुए सैंपल लेने की अनुमति नहीं दी थी. स्थिति को देखते हुए टीम को बिना जांच किए वापस लौटना पड़ा था.
मामले की गंभीरता को देखते हुए शनिवार को जिला वन मंडल अधिकारी अनुराग तिवारी अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे. उन्होंने हाथी मालिक और परिवार को जांच की आवश्यकता समझाई. काफी देर तक चली चर्चा और समझाइश के बाद परिवार जांच के लिए तैयार हुआ, जिसके बाद चिकित्सकों ने श्यामू का ब्लड सैंपल एकत्र किया.
वाइल्ड लाइफ सर्जन एवं वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. मुकेश जैन ने बताया कि ब्लड सैंपल जबलपुर लैब भेज दिया गया है. रिपोर्ट मिलने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हाथी किसी गंभीर बीमारी से प्रभावित है या नहीं. फिलहाल एहतियात के तौर पर महावत को श्यामू को अधिक चलाने-फिराने से बचने और विशेष देखभाल करने की सलाह दी गई है.
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि श्यामू केवल एक वन्यजीव नहीं, बल्कि भगवान महाकाल की परंपरागत सवारी का महत्वपूर्ण हिस्सा भी है. इसी कारण उसकी चिकित्सा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है. अब प्रदेशभर की निगाहें जबलपुर लैब से आने वाली उस रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो श्यामू हाथी के स्वास्थ्य और भविष्य से जुड़े अहम सवालों का जवाब देगी.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

