छत्तीसगढ़ में मानसून की दस्तक, एमपी, यूपी, बिहार, दिल्ली-एनसीआर और राजस्थान में मौसम का अलर्ट

छत्तीसगढ़ में मानसून की दस्तक, एमपी, यूपी, बिहार, दिल्ली-एनसीआर और राजस्थान में मौसम का अलर्ट

प्रेषित समय :18:28:21 PM / Thu, Jun 18th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली. देश के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. दक्षिण-पश्चिम मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ता दिखाई दे रहा है और भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के 18 जून 2026 की शाम छह बजे तक जारी ताजा पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में देश के बड़े हिस्से में आंधी, बारिश, बिजली गिरने और तेज हवाओं की गतिविधियां तेज रहने वाली हैं. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि छत्तीसगढ़ में मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन चुकी हैं, जबकि मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली-एनसीआर और राजस्थान सहित 17 राज्यों में मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है.

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से लगातार नमी मिलने के कारण मानसूनी गतिविधियों में तेजी आई है. इसके प्रभाव से मध्य भारत, पूर्वी भारत और उत्तर भारत के कई हिस्सों में मौसम का स्वरूप तेजी से बदल रहा है. जहां कुछ दिन पहले तक भीषण गर्मी और लू का असर दिखाई दे रहा था, वहीं अब कई राज्यों में तेज हवाएं, बादल और वर्षा का दौर शुरू हो चुका है.

छत्तीसगढ़ के लिए मौसम विभाग का पूर्वानुमान विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. विभाग के अनुसार अगले चार से पांच दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून राज्य के शेष हिस्सों में आगे बढ़ सकता है. 18 से 24 जून के बीच प्रदेश के अनेक जिलों में गरज-चमक के साथ वर्षा होने की संभावना है. 18 से 20 जून के दौरान कई स्थानों पर बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है. इसके साथ ही 21 और 22 जून को 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. मौसम विभाग का मानना है कि यदि वर्तमान परिस्थितियां बनी रहीं तो मानसून जल्द ही पूरे छत्तीसगढ़ को कवर कर सकता है.

मध्य प्रदेश में भी मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है. भोपाल, इंदौर और उज्जैन संभाग में तेज आंधी और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है. कई स्थानों पर हवा की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि कुछ इलाकों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक के तेज झोंके चलने की चेतावनी दी गई है. जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में भी 22 जून तक गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग ने लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचने और खराब मौसम के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है.

राजधानी दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में भी मौसम सुहावना होने के संकेत हैं. मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों में हल्की से मध्यम बारिश, बादल छाए रहने और तेज हवाएं चलने की संभावना है. इससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को उमस तथा गर्मी से राहत मिल सकती है. हालांकि कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना के कारण सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है.

उत्तर प्रदेश में मानसून की दस्तक का इंतजार अब अंतिम चरण में पहुंचता दिखाई दे रहा है. पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बादलों की आवाजाही बढ़ गई है. मौसम विभाग ने प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक और बारिश की संभावना जताई है. कुछ जिलों में तेज हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की गई है. कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की सक्रियता बढ़ने से खरीफ फसलों की बुवाई को गति मिलेगी.

बिहार में भी मौसम तेजी से करवट ले रहा है. राज्य के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं का पूर्वानुमान जारी किया गया है. मौसम विभाग ने कुछ क्षेत्रों में 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई है. प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने और बिजली कड़कने के समय खुले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है.

राजस्थान में भी आंधी और बारिश की गतिविधियां बढ़ने वाली हैं. पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में तेज हवाएं, गरज-चमक और वर्षा का पूर्वानुमान जारी किया गया है. पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में अभी भी गर्मी का असर बना हुआ है, लेकिन मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में यहां भी मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा. कई जिलों के लिए तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है.

झारखंड, ओडिशा और जम्मू-कश्मीर समेत कई राज्यों में भी मौसम विभाग ने आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है. इन क्षेत्रों में 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. वहीं हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है.

पूर्वोत्तर भारत में मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है. असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले कई दिनों तक भारी वर्षा का दौर जारी रह सकता है. कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग ने भूस्खलन और जलभराव की आशंका को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं.

दक्षिण भारत में केरल, तटीय कर्नाटक और आसपास के क्षेत्रों में मानसूनी बारिश लगातार जारी है. तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है. समुद्री क्षेत्रों में तेज हवाओं को देखते हुए मछुआरों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.

मौसम विभाग के अनुसार 20 जून तक मध्य भारत के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है, लेकिन इसके बाद तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है. वहीं जिन क्षेत्रों में बारिश और बादल सक्रिय रहेंगे, वहां तापमान सामान्य से नीचे रह सकता है.

किसानों के लिए भी मौसम विभाग ने विशेष परामर्श जारी किया है. जिन क्षेत्रों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना है, वहां कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है. साथ ही खेतों में काम करने वाले लोगों को बिजली कड़कने के दौरान सुरक्षित स्थानों पर जाने और खुले क्षेत्रों से दूर रहने को कहा गया है.

देशभर के मौसम पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून अब धीरे-धीरे मध्य भारत और उत्तर भारत की ओर आगे बढ़ रहा है. छत्तीसगढ़ में मानसून की संभावित दस्तक और मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में सक्रिय प्री-मानसून गतिविधियां इस बात का संकेत हैं कि आने वाले दिनों में बारिश का दायरा और बढ़ सकता है. ऐसे में अगले एक सप्ताह देश के अधिकांश हिस्सों के लिए मौसम की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहने वाला है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-