मध्यप्रदेश कैडर के आईएएस विवेक अग्रवाल बने वैश्विक वित्तीय संस्था एफएटीएफ उपाध्यक्ष

मध्यप्रदेश कैडर के आईएएस विवेक अग्रवाल बने वैश्विक वित्तीय संस्था एफएटीएफ उपाध्यक्ष

प्रेषित समय :16:42:18 PM / Sat, Jun 20th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली. भारत को वैश्विक वित्तीय निगरानी और आतंकवाद वित्तपोषण रोकने के क्षेत्र में बड़ी सफलता मिली है. मध्यप्रदेश कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एवं केंद्रीय संस्कृति सचिव विवेक अग्रवाल को वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (एफएटीएफ) का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है. यह पहली बार है जब भारत को इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय संस्था का उपाध्यक्ष पद मिला है. उनकी नियुक्ति को वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती भूमिका और वित्तीय पारदर्शिता के क्षेत्र में उसकी मजबूत स्थिति के रूप में देखा जा रहा है.

एफएटीएफ की पेरिस में आयोजित पूर्ण बैठक के समापन पर विवेक अग्रवाल के नाम को मंजूरी दी गई. वह जुलाई 2026 से जून 2027 तक उपाध्यक्ष के रूप में कार्य करेंगे. इस पद पर वह यूनाइटेड किंगडम के जाइल्स थॉमसन का स्थान लेंगे. एफएटीएफ दुनिया भर में मनी लॉन्ड्रिंग, आतंकवाद के वित्तपोषण और वित्तीय अपराधों पर निगरानी रखने वाली सबसे प्रभावशाली अंतरराष्ट्रीय संस्था मानी जाती है.

विवेक अग्रवाल वर्ष 1994 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी हैं और मध्यप्रदेश कैडर से संबंधित हैं. तीन दशक से अधिक के प्रशासनिक अनुभव के दौरान उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं. वित्त, कृषि, शहरी विकास, आधारभूत संरचना और लोक नीति जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उनका व्यापक अनुभव रहा है.

संस्कृति सचिव बनने से पहले वह वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग में अतिरिक्त सचिव के पद पर कार्यरत थे. इसी दौरान उन्होंने वित्तीय खुफिया इकाई भारत का नेतृत्व किया और एफएटीएफ में भारत के प्रतिनिधिमंडल का भी नेतृत्व किया. वर्ष 2024 में भारत की पारस्परिक मूल्यांकन रिपोर्ट जारी होने के समय भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी.

कृषि मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव और संयुक्त सचिव के रूप में उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, डिजिटल कृषि और कृषि अवसंरचना कोष जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं के क्रियान्वयन में भी योगदान दिया. प्रशासनिक दक्षता और वित्तीय मामलों की गहरी समझ के कारण उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक अनुभवी अधिकारी माना जाता है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस नियुक्ति को भारत की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे आतंकवाद के वित्तपोषण और अवैध धन के वैश्विक नेटवर्क के खिलाफ भारत की भूमिका और मजबूत होगी. उन्होंने कहा कि एफएटीएफ में भारत के पूर्व प्रतिनिधिमंडल प्रमुख के रूप में विवेक अग्रवाल का अनुभव संस्था को अपने उद्देश्यों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देगा.

नियुक्ति के बाद विवेक अग्रवाल ने कहा कि यह जिम्मेदारी भारत की सामूहिक उपलब्धियों और धन शोधन निरोधक तथा आतंकवाद वित्तपोषण निरोधक ढांचे की मजबूती का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली को सुरक्षित, समावेशी और अधिक सक्षम बनाने के लिए वैश्विक नेटवर्क के साथ मिलकर कार्य करेंगे.

भारत वर्ष 2010 से एफएटीएफ का सदस्य है. ऐसे में पहली बार उपाध्यक्ष पद मिलना न केवल देश की कूटनीतिक सफलता माना जा रहा है, बल्कि यह वैश्विक वित्तीय व्यवस्था में भारत के बढ़ते प्रभाव और विश्वसनीयता का भी महत्वपूर्ण संकेत है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-