मध्यप्रदेश पुलिस में फिर खुला प्रमोशन का रास्ता, डेढ़ साल बाद कार्यवाहक पदोन्नति प्रक्रिया शुरू

मध्यप्रदेश पुलिस में फिर खुला प्रमोशन का रास्ता, डेढ़ साल बाद कार्यवाहक पदोन्नति प्रक्रिया शुरू

प्रेषित समय :20:25:37 PM / Fri, May 8th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

भोपाल. मध्य प्रदेश पुलिस विभाग में लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे हजारों पुलिसकर्मियों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है. करीब डेढ़ साल से रुकी कार्यवाहक पदोन्नति यानी ऑफिसिएटिंग प्रमोशन की प्रक्रिया अब एक बार फिर शुरू होने जा रही है. मध्य प्रदेश मुख्यालय ने इस संबंध में सभी पुलिस इकाइयों को आदेश जारी कर दिए हैं. जबलपुर हाईकोर्ट के निर्देश के बाद पुलिस मुख्यालय ने लंबित प्रक्रिया को दोबारा लागू करने का फैसला लिया है, जिससे आरक्षक से लेकर निरीक्षक स्तर तक के कर्मचारियों के प्रमोशन का रास्ता साफ हो गया है.

पुलिस विभाग में यह फैसला ऐसे समय आया है जब लंबे समय से बड़ी संख्या में पद रिक्त पड़े हुए हैं और कई पुलिसकर्मी वर्षों से पदोन्नति का इंतजार कर रहे थे. विभागीय सूत्रों के अनुसार कार्यवाहक पदोन्नति प्रक्रिया शुरू होने से न केवल कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा बल्कि विभिन्न इकाइयों में प्रशासनिक कार्य भी अधिक सुचारू रूप से संचालित हो सकेंगे.

मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि मध्य प्रदेश पुलिस रेगुलेशन के पैरा-72 के तहत पहले उच्च पदों पर कार्यवाहक प्रभार देने की व्यवस्था लागू थी. इसके तहत विभागीय आवश्यकता और रिक्त पदों को देखते हुए कर्मचारियों को अस्थायी रूप से उच्च पदों की जिम्मेदारी सौंपी जाती थी. लेकिन पिछले वर्ष 17 जून को मुख्यमंत्री Mohan Yadav की अध्यक्षता वाली कैबिनेट द्वारा नए पदोन्नति नियमों को मंजूरी दिए जाने और 19 जून 2025 को नियमित पदोन्नति संबंधी अधिसूचना जारी होने के बाद इस प्रक्रिया को स्थगित कर दिया गया था.

उस समय तर्क दिया गया था कि वर्ष 2005 से 2025 तक के पदोन्नति नियमों को लेकर कई विवाद और याचिकाएं हाईकोर्ट में लंबित हैं. इसी कारण विभाग ने नियमित और कार्यवाहक दोनों तरह की पदोन्नति प्रक्रियाओं पर रोक लगा दी थी. इसका असर यह हुआ कि बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की पदोन्नति अटक गई और कई अधिकारी लंबे समय तक एक ही पद पर काम करने को मजबूर रहे.

अब Jabalpur High Court द्वारा रिट याचिका क्रमांक 13393/2026 में 23 अप्रैल 2026 को दिए गए आदेश के बाद स्थिति बदल गई है. हाईकोर्ट ने विभाग को निर्देश दिया कि रिक्त पदों और प्रशासनिक जरूरतों को देखते हुए कार्यवाहक प्रभार दिए जा सकते हैं. इसके बाद पुलिस मुख्यालय ने सभी इकाइयों को प्रक्रिया दोबारा शुरू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं.

स्पेशल डीजी प्रशासन आदर्श कटियार द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि न्यायालय के निर्देशों के पालन में विभाग अब उच्च पदों पर कार्यवाहक प्रभार देने की प्रक्रिया को पुनः लागू करेगा. आदेश मिलते ही पुलिस विभाग में हलचल तेज हो गई है और विभिन्न इकाइयों में पात्र अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सूची तैयार करने का काम शुरू होने की संभावना जताई जा रही है.

सूत्रों के मुताबिक कार्यवाहक पदोन्नति की शुरुआत चार प्रमुख स्तरों पर की जाएगी. इसके तहत आरक्षकों को प्रधान आरक्षक का प्रभार दिया जाएगा. प्रधान आरक्षकों को सहायक उप निरीक्षक यानी एएसआई बनाया जाएगा. एएसआई को उप निरीक्षक यानी एसआई का कार्यवाहक प्रभार मिलेगा, जबकि एसआई को निरीक्षक पद की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी. विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इससे बड़ी संख्या में रिक्त पदों पर तत्काल व्यवस्था बनाई जा सकेगी.

पुलिस विभाग में लंबे समय से पदोन्नति नहीं होने के कारण कर्मचारियों में असंतोष की स्थिति बन रही थी. कई पुलिसकर्मी ऐसे थे जो वर्षों से एक ही पद पर कार्यरत थे और उच्च पद की जिम्मेदारी संभालने के बावजूद उन्हें उसका लाभ नहीं मिल पा रहा था. अब कार्यवाहक पदोन्नति शुरू होने से उन्हें प्रशासनिक अधिकार और जिम्मेदारियां दोनों मिल सकेंगी. हालांकि यह नियमित पदोन्नति नहीं होगी, लेकिन इससे कर्मचारियों को भविष्य में नियमित प्रमोशन के लिए अनुभव और अवसर दोनों प्राप्त होंगे.

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस फैसले से विभाग की कार्यक्षमता पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा. वर्तमान में कई जिलों और थानों में निरीक्षक, एसआई और एएसआई स्तर के पद खाली पड़े हैं, जिससे कानून व्यवस्था और प्रशासनिक नियंत्रण प्रभावित हो रहा था. कार्यवाहक प्रभार दिए जाने के बाद इन पदों पर अनुभवी कर्मचारियों की नियुक्ति हो सकेगी और कामकाज में तेजी आएगी.

पुलिस मुख्यालय ने सभी इकाइयों से कहा है कि पात्र कर्मचारियों की वरिष्ठता, सेवा रिकॉर्ड और योग्यता के आधार पर सूची तैयार की जाए. साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और नियमों के अनुरूप हो. विभागीय स्तर पर इस फैसले को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और आने वाले दिनों में बड़े पैमाने पर कार्यवाहक पदोन्नति आदेश जारी किए जा सकते हैं.

पुलिस कर्मचारी संगठनों ने भी इस फैसले का स्वागत किया है. उनका कहना है कि लंबे समय से रुकी प्रक्रिया शुरू होने से हजारों कर्मचारियों को राहत मिलेगी. संगठनों का यह भी कहना है कि विभाग को जल्द नियमित पदोन्नति प्रक्रिया भी शुरू करनी चाहिए ताकि कर्मचारियों को स्थायी लाभ मिल सके.

विशेषज्ञों का मानना है कि कार्यवाहक पदोन्नति व्यवस्था पुलिस प्रशासन के लिए एक अस्थायी लेकिन प्रभावी समाधान साबित हो सकती है. इससे विभाग में नेतृत्व की कमी दूर होगी और जिम्मेदार पदों पर अनुभवी कर्मियों की तैनाती संभव हो सकेगी. वहीं दूसरी ओर कर्मचारी भी अपने करियर में आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त कर सकेंगे.

अब पुलिसकर्मियों की नजर इस बात पर टिकी है कि विभाग किस तेजी से इस प्रक्रिया को लागू करता है और कितने कर्मचारियों को इसका लाभ मिलता है. लंबे इंतजार के बाद मिली इस राहत ने पुलिस विभाग में नई उम्मीद जरूर जगा दी है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-