जबलपुर. एमपी के जबलपुर में अंजुमन इस्लामिया स्कूल से जुड़ा विवाद पर एमपी हाईकोर्ट के जस्टिस हिमांशु जोशी की एकलपीठ ने इस मामले पर गंभीरता दिखाते हुए राज्य शासन से जवाब मांगा है. इसके साथ ही कोर्ट ने मामले से जुड़े निजी प्रतिवादियों को भी नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं. यह पूरी कार्रवाई जबलपुर निवासी भाजपा नेता मुजम्मिल अली द्वारा दायर की गई एक याचिका पर हुई है.
याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी करते हुए अधिवक्ता अक्षय नामदेव ने अदालत के सामने अपना पक्ष रखा. याचिका में आरोप लगाया गया है कि 10 फरवरी 2026 को जब मुजम्मिल अली अपनी भांजी की स्कूल फीस जमा करने गए थे, तब उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया. याचिकाकर्ता का कहना है कि तय तारीख को जब वे स्कूल पहुंचे तो वहां के प्राचार्य ने उन्हें परिसर के अंदर आने से साफ मना कर दिया. इसके बाद उनके साथ अपमानजनक रवैया भी अपनाया गया. याचिका में यह भी साफ किया गया है कि यह कोई अचानक हुई इकलौती घटना नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक पुराना विवाद है. दरअसल, स्कूल प्रशासन द्वारा शुक्रवार को साप्ताहिक अवकाश घोषित किए जाने के फैसले का मुजम्मिल अली ने खुलकर विरोध किया था.
इस विरोध के बाद से ही स्कूल प्रबंधन उनके प्रति दुर्भावनापूर्ण और पूर्वाग्रह से ग्रसित रवैया अपना रहा था, जिसके परिणामस्वरूप फीस जमा करने के दौरान यह पूरी घटना घटित हुई. पीडि़त पक्ष ने इस दुर्व्यवहार की शिकायत सबसे पहले स्थानीय स्तर पर दर्ज कराने का प्रयास किया था. इसके लिए लार्डगंज थाना और पुलिस अधीक्षक जबलपुर को लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की गई थी. याचिकाकर्ता का आरोप है कि पुलिस प्रशासन द्वारा इस संवेदनशील मामले में कोई ठोस या प्रभावी कदम नहीं उठाया गया. पुलिस से न्याय की उम्मीद टूटने के बाद आखिरकार उन्होंने कानून का दरवाजा खटखटाया और हाईकोर्ट में याचिका दायर की. अब उच्च न्यायालय ने इस पूरे घटनाक्रम का संज्ञान लेते हुए संबंधित पक्षों से जवाब तलब किया है, जिससे आने वाले दिनों में स्कूल प्रबंधन की मुश्किलें बढ़ सकती हैं.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

