नई दिल्ली. कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी-यूजी) 2026 के परिणामों में दिल्ली की छात्रा देविना गहलोत ने देशभर में सर्वोच्च स्थान हासिल कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है. पूर्व दिल्ली मंत्री और वर्तमान भाजपा विधायक कैलाश गहलोत की पुत्री देविना ने राष्ट्रीय स्तर पर सबसे अधिक समग्र एनटीए स्कोर प्राप्त कर परीक्षा में प्रथम स्थान हासिल किया है. उनकी इस उपलब्धि ने न केवल परिवार बल्कि शिक्षा जगत को भी गौरवान्वित किया है.
देविना गहलोत दिल्ली पब्लिक स्कूल, वसंत कुंज की छात्रा हैं. इससे पहले भी उन्होंने अपनी शैक्षणिक प्रतिभा का परिचय देते हुए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 12वीं कक्षा की परीक्षा में मानविकी संकाय से 98 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे. वह अपने विद्यालय में मानविकी वर्ग की टॉपर भी रहीं. अब सीयूईटी-यूजी में राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थान प्राप्त कर उन्होंने अपनी उपलब्धियों की सूची में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ दिया है.
परिणाम घोषित होने के बाद देविना ने कहा कि उन्हें स्वयं भी इस बात पर विश्वास नहीं हो रहा था कि उन्होंने पूरे देश में पहला स्थान हासिल किया है. उन्होंने बताया कि जब उन्होंने पहली बार अपना परिणाम देखा तो उन्हें यकीन ही नहीं हुआ और उन्होंने कई बार अपना आवेदन क्रमांक जांचा. उनके अनुसार राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थान प्राप्त करना उनकी अपेक्षा से परे था.
अपनी सफलता का श्रेय देते हुए देविना ने कहा कि उन्होंने लंबी अवधि तक पढ़ाई करने के बजाय नियमितता, अनुशासन और निरंतर पुनरावृत्ति को प्राथमिकता दी. उनका मानना है कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता और हर विषय पर समान ध्यान देना जरूरी है. उन्होंने बताया कि तैयारी के दौरान वह प्रतिदिन सभी विषयों का अध्ययन करती थीं और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का लगातार अभ्यास करती थीं.
हालांकि उनकी तैयारी की यात्रा पूरी तरह आसान नहीं रही. देविना ने बताया कि बोर्ड परीक्षाओं के बाद जब उन्होंने सीयूईटी की तैयारी शुरू की तो प्रारंभिक दिनों में उन्हें परीक्षा की प्रकृति और तैयारी की रणनीति को लेकर काफी भ्रम था. कई बार उन्हें यह भी लगा कि इस प्रतिस्पर्धा का दबाव संभालना कठिन हो सकता है. लेकिन परिवार, शिक्षकों और विद्यालय के सहयोग ने उन्हें आत्मविश्वास दिया और उन्होंने पूरी मेहनत के साथ तैयारी जारी रखी.
देविना ने विशेष रूप से अपने माता-पिता और शिक्षकों को सफलता का श्रेय दिया. उन्होंने कहा कि उनके परिवार ने कभी उन पर अनावश्यक दबाव नहीं डाला, बल्कि हर परिस्थिति में उनका मनोबल बढ़ाया. वहीं उनके पिता कैलाश गहलोत ने बेटी की उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि परिवार के लिए यह गर्व का क्षण है. उन्होंने कहा कि उनकी दोनों बेटियों ने शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है और देविना की सफलता उसकी मेहनत और समर्पण का परिणाम है.
भविष्य की योजनाओं को लेकर देविना ने बताया कि उनकी रुचि साहित्य, पठन-पाठन और लेखन में है. इसी कारण वह अंग्रेजी साहित्य में स्नातक की पढ़ाई करना चाहती हैं. आगे चलकर पत्रकारिता के क्षेत्र में भी करियर बनाने पर विचार कर रही हैं. हालांकि उन्होंने कहा कि फिलहाल कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है, लेकिन उनकी रुचि इसी दिशा में है.
इसके साथ ही देविना ने सार्वजनिक जीवन और राजनीति में भी अपनी रुचि व्यक्त की. उन्होंने कहा कि बचपन से अपने पिता को विधायक और मंत्री के रूप में लोगों की सेवा करते हुए देखा है. समाज के विभिन्न वर्गों की सहायता करने की प्रक्रिया को करीब से देखने के कारण राजनीति और जनसेवा के प्रति उनके मन में स्वाभाविक रुचि विकसित हुई है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में उनका जीवन किस दिशा में जाएगा, यह समय तय करेगा.
सीयूईटी-यूजी 2026 में देशभर में शीर्ष स्थान प्राप्त कर देविना गहलोत ने यह साबित कर दिया है कि समर्पण, अनुशासन और निरंतर प्रयास किसी भी लक्ष्य को हासिल करने की कुंजी हैं. उनकी सफलता लाखों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है और शिक्षा जगत में उनकी उपलब्धि की व्यापक सराहना हो रही है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

