भारत के खिलाफ आयरलैंड की जर्सी में उतरने को तैयार राजस्थान का बेटा जय मूंदड़ा

भारत के खिलाफ आयरलैंड की जर्सी में उतरने को तैयार राजस्थान का बेटा जय मूंदड़ा

प्रेषित समय :20:10:21 PM / Thu, Jun 25th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

बेलफास्ट. भारत और आयरलैंड के बीच दो मैचों की टी-20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला केवल क्रिकेट मुकाबला भर नहीं होगी, बल्कि यह एक ऐसे खिलाड़ी की अनोखी यात्रा की भी गवाह बनेगी, जिसका जन्म भारत में हुआ और जो अब आयरलैंड की राष्ट्रीय टीम की ओर से अपने ही जन्मदेश के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने की दहलीज पर खड़ा है. राजस्थान के टोंक जिले में जन्मे तेज गेंदबाज जय मूंदड़ा को आयरलैंड की टीम में शामिल किया गया है और माना जा रहा है कि उन्हें भारत के खिलाफ टी-20 श्रृंखला में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने का अवसर मिल सकता है. यदि ऐसा होता है तो यह उनके जीवन का सबसे बड़ा क्रिकेटीय क्षण होगा.

बेलफास्ट के सिविल सर्विस क्रिकेट ग्राउंड पर शुक्रवार से शुरू होने वाली दो मैचों की टी-20 श्रृंखला कई मायनों में खास है. भारत नई कप्तानी और युवा खिलाड़ियों के साथ मैदान में उतरेगा, वहीं आयरलैंड भी नई ऊर्जा के साथ अपनी टीम में बदलाव कर रहा है. भारत की कमान श्रेयस अय्यर संभालेंगे, जबकि आयरलैंड का नेतृत्व लोर्कन टकर करेंगे. दोनों देशों के बीच अब तक खेले गए आठों टी-20 मुकाबलों में भारत ने जीत दर्ज की है और आयरलैंड पहली बार इस सिलसिले को तोड़ने की कोशिश करेगा.

हालांकि इस बार सबसे अधिक चर्चा भारतीय मूल के तेज गेंदबाज जय मूंदड़ा को लेकर हो रही है. भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह एक भावनात्मक कहानी भी है, क्योंकि जय मूंदड़ा का बचपन राजस्थान की धरती पर बीता, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का सपना उन्हें आयरलैंड तक ले गया. अब परिस्थितियां ऐसी बन गई हैं कि वह उसी भारत के खिलाफ मैदान में उतर सकते हैं, जहां उन्होंने क्रिकेट खेलना सीखा था.

जय मूंदड़ा का जन्म 10 जनवरी 1997 को राजस्थान के टोंक जिले में हुआ. उनके पिता स्वर्गीय गिरिराज मूंदड़ा पारिवारिक इंजन पार्ट्स के व्यवसाय से जुड़े थे. क्रिकेट सुविधाओं के अभाव के बावजूद उन्होंने अपने बेटे के खेल के प्रति जुनून को हमेशा प्रोत्साहित किया. छोटे शहर में सीमित संसाधनों के बीच जय ने क्रिकेट का अभ्यास जारी रखा और अपने खेल को लगातार निखारते रहे.

स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद वर्ष 2021 में वह उच्च शिक्षा के लिए छात्र वीजा पर आयरलैंड पहुंचे. वहां उन्होंने डबलिन स्थित टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन विषय में एम.टेक. की पढ़ाई शुरू की. पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने स्थानीय क्रिकेट क्लबों में खेलना भी जारी रखा. उनकी तेज गेंदबाजी ने जल्द ही स्थानीय क्रिकेट जगत का ध्यान आकर्षित किया और उन्हें लेनस्टर क्रिकेट क्लब तथा लेनस्टर लाइटनिंग जैसी घरेलू टीमों में खेलने का अवसर मिला.

पढ़ाई पूरी करने के बाद जय मूंदड़ा ने आयरलैंड में एक प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय प्रौद्योगिकी कंपनी में प्रोडक्ट डेवलपमेंट इंजीनियर के रूप में कार्य भी किया. सुरक्षित कॉर्पोरेट करियर के बावजूद उनका मन क्रिकेट में ही रमा रहा. अंततः उन्होंने नौकरी छोड़कर पूरी तरह पेशेवर क्रिकेट को अपना लक्ष्य बनाने का निर्णय लिया. यह फैसला जोखिम भरा जरूर था, लेकिन इसी ने उनके क्रिकेट करियर को नई दिशा दी.

आयरलैंड की घरेलू क्रिकेट प्रतियोगिताओं में लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन के बाद राष्ट्रीय चयनकर्ताओं की नजर उन पर पड़ी. इसी प्रदर्शन का परिणाम रहा कि उन्हें भारत के खिलाफ टी-20 श्रृंखला के लिए आयरलैंड की 15 सदस्यीय टीम में जगह मिली. टीम के कई प्रमुख तेज गेंदबाजों के चोटिल होने के कारण चयनकर्ताओं ने घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को अवसर दिया और जय मूंदड़ा ने इस अवसर को अपनी मेहनत से अर्जित किया.

राष्ट्रीय टीम में चयन के साथ ही जय मूंदड़ा आयरलैंड का प्रतिनिधित्व करने वाले भारतीय मूल के पांचवें क्रिकेटर बन गए हैं. उनसे पहले सिमी सिंह, रमन लांबा, एम.वी. नरसिम्हा राव और रॉबिन वॉटर्स जैसे भारतीय मूल के खिलाड़ी आयरलैंड की ओर से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल चुके हैं. इस सूची में शामिल होना भी उनके करियर की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है.

वर्ष 2025 में जय मूंदड़ा ने आयरिश नागरिकता प्राप्त करने के बाद भारतीय नागरिकता छोड़ दी थी, जिससे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के नियमों के अनुसार उनके लिए आयरलैंड की ओर से खेलने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया. अब वह आधिकारिक रूप से आयरलैंड के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर बनने की दहलीज पर हैं.

इस श्रृंखला में एक और युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी के भारत की ओर से पदार्पण की संभावना जताई जा रही है. ऐसे में दोनों टीमों में युवा प्रतिभाओं की मौजूदगी इस मुकाबले को और रोचक बना रही है. एक ओर भारत अपनी नई पीढ़ी को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उतार रहा है, तो दूसरी ओर आयरलैंड भारतीय मूल के एक ऐसे खिलाड़ी को मौका दे रहा है जिसने अपनी प्रतिभा के दम पर वहां तक का सफर तय किया है.

क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि जय मूंदड़ा की कहानी केवल खेल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वैश्विक अवसरों, संघर्ष और समर्पण का भी उदाहरण है. राजस्थान के छोटे शहर से निकलकर आयरलैंड में पढ़ाई करना, नौकरी करना, फिर उसे छोड़कर क्रिकेट को करियर बनाना और अंततः अंतरराष्ट्रीय टीम में जगह बनाना किसी प्रेरणादायक यात्रा से कम नहीं है.

अब सभी की निगाहें बेलफास्ट में होने वाले पहले टी-20 मुकाबले पर टिकी हैं. यदि जय मूंदड़ा को अंतिम एकादश में स्थान मिलता है तो वह अपने जन्मस्थान भारत के खिलाफ पहली बार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलेंगे. यह मुकाबला केवल भारत और आयरलैंड के बीच नहीं होगा, बल्कि एक ऐसे खिलाड़ी की भावनाओं का भी गवाह बनेगा जिसने जीवन की नई राह चुनकर अपने सपनों को साकार किया और अब विश्व क्रिकेट के सबसे बड़े मंच पर अपनी पहचान बनाने के लिए तैयार है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-