इंदौर. बारिश के मौसम में पर्यटन स्थलों पर होने वाले हादसों को रोकने के लिए इंदौर जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं. कलेक्टर शिवम वर्मा ने जिले के संवेदनशील और जोखिम भरे पर्यटन स्थलों के प्रतिबंधित हिस्सों में आम लोगों के प्रवेश पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी. यह प्रतिबंध 25 जून से 22 अगस्त 2026 तक प्रभावी रहेगा.
जिला प्रशासन के अनुसार वर्षाकाल में तिंछा फॉल, चोरल फॉल, चोरल डेम, सीतलामाता फॉल, कजलीगढ़, मेहंदी कुंड, जामन्या कुंड, मोहाड़ी फॉल, रतबी वाटर फॉल, लोहिया कुंड, जूनापानी, चिड़िया भड़क, बामनिया कुंड, जोगी भड़क और हत्यारी खो जैसे पर्यटन स्थलों पर बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं. इन स्थानों पर तेज जलप्रवाह, फिसलन, गहरी खाइयों और अचानक बढ़ते जलस्तर के कारण हर वर्ष दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है. इसी को देखते हुए प्रशासन ने खतरनाक और प्रतिबंधित क्षेत्रों में आमजन की आवाजाही पूरी तरह बंद करने का निर्णय लिया है.
आदेश में कहा गया है कि प्रतिबंध विशेष रूप से उन स्थानों पर लागू होगा जहां गहरी खाइयां, तेज बहाव, फिसलनयुक्त चट्टानें या एकांत क्षेत्र हैं. इन इलाकों में प्रवेश करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय कानून के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाएगा. संबंधित थाना प्रभारियों को आदेश का कड़ाई से पालन कराने और प्रतिबंधित क्षेत्रों में नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं.
प्रशासन का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में मानसून के दौरान इन पर्यटन स्थलों पर कई गंभीर हादसे हो चुके हैं. आकर्षक तस्वीरें लेने या जलप्रपातों के समीप जाने की कोशिश में कई लोगों ने अपनी जान गंवाई है, जबकि अनेक पर्यटक घायल भी हुए हैं. प्रशासन का मानना है कि अधिकांश दुर्घटनाएं सुरक्षा निर्देशों की अनदेखी और प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश के कारण होती हैं.
कलेक्टर ने जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों तथा संबंधित नगर परिषदों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी पर्यटन स्थलों पर चेतावनी और प्रतिबंध संबंधी सूचना बोर्ड तत्काल लगाए जाएं. जहां आवश्यकता हो, वहां प्रतिबंधित क्षेत्रों की स्पष्ट सीमा चिन्हित की जाए. इसके साथ ही पूर्व में लगाए गए सुरक्षा रेलिंग, बैरिकेड्स और सूचना बोर्डों का निरीक्षण कर उन्हें दुरुस्त करने के भी निर्देश दिए गए हैं, ताकि पर्यटकों को संभावित खतरे की स्पष्ट जानकारी मिल सके.
प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे बारिश के दौरान जलप्रपातों, नदियों और गहरी घाटियों के समीप जाने से बचें तथा केवल निर्धारित सुरक्षित क्षेत्रों में ही भ्रमण करें. अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य पर्यटन पर रोक लगाना नहीं, बल्कि लोगों के जीवन की रक्षा करना है. इसलिए सभी नागरिकों से सहयोग की अपेक्षा की गई है.
मानसून की शुरुआत के साथ ही इंदौर और महू क्षेत्र के प्राकृतिक पर्यटन स्थल बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करते हैं. ऐसे में जिला प्रशासन का यह कदम सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि यदि मौसम की स्थिति और जलस्तर के अनुसार आवश्यकता हुई तो आगे भी अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू किए जा सकते हैं. फिलहाल प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

