कैंसर से जूझ रही बुजुर्ग महिला ने लगाई न्याय की गुहार, 68 डिसमिल जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप

कैंसर से जूझ रही बुजुर्ग महिला ने लगाई न्याय की गुहार, 68 डिसमिल जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप

प्रेषित समय :18:50:01 PM / Fri, Jun 26th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. पाटन तहसील के ग्राम नुनसर निवासी 68 वर्षीय कैंसर पीड़ित महिला केशर देवी चौरसिया ने अपनी कृषि भूमि पर कथित अवैध कब्जे और लगातार मिल रही धमकियों से परेशान होकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में न्याय की गुहार लगाई है. पीड़िता का आरोप है कि गजेन्द्र दुबे, गनेश उर्फ गन्नू दुबे तथा अन्य लोगों ने उनकी 68 डिसमिल कृषि भूमि पर जबरन कब्जा कर रखा है. उन्होंने आरोपितों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई और अपनी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की है.

केशर देवी का कहना है कि उनकी भूमि का राजस्व विभाग द्वारा पूर्व में सीमांकन कराया जा चुका है. सीमांकन रिपोर्ट में संबंधित भूमि पर अतिक्रमण की पुष्टि भी हुई है. इसके बावजूद स्थानीय प्रशासन द्वारा अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई. पीड़िता के अनुसार प्रशासनिक निष्क्रियता के कारण आरोपितों के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं.

महिला ने शिकायत में बताया कि जब उन्होंने अपनी कृषि भूमि की सुरक्षा के लिए सीमांकन के अनुसार सीमा पर खंभे लगवाए, तब आरोपितों ने उन्हें उखाड़ फेंका. इतना ही नहीं, विरोध करने पर उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी गई. पीड़िता का कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी गई, लेकिन अब तक किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं हुई.

पीड़िता का आरोप है कि सीमांकन रिपोर्ट में अतिक्रमण स्पष्ट रूप से दर्ज होने के बावजूद राजस्व और पुलिस प्रशासन ने कब्जा हटाने अथवा आरोपितों के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया. उनका कहना है कि आरोपितों के प्रभाव के कारण प्रशासन निष्क्रिय बना हुआ है, जिससे उनका परिवार लगातार भय और असुरक्षा के माहौल में जीवन जीने को मजबूर है.

केशर देवी ने यह भी आरोप लगाया है कि गजेन्द्र दुबे और गनेश उर्फ गन्नू दुबे उनके पुत्र को लगातार जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं. इन धमकियों के कारण परिवार के सदस्य घर से बाहर निकलने में भी डर महसूस कर रहे हैं. उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया तो कोई गंभीर घटना घट सकती है.

गंभीर बीमारी से जूझ रही केशर देवी का कहना है कि उन्हें अपना इलाज कराने के बजाय अपनी पुश्तैनी जमीन बचाने के लिए लगातार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं. उन्होंने पुलिस अधीक्षक से परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने, कृषि भूमि को तत्काल अतिक्रमण मुक्त कराने तथा शिकायत में नामजद आरोपितों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई करने की मांग की है.

फिलहाल पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने शिकायत प्राप्त कर मामले की जांच के निर्देश दिए हैं. आरोपों की सत्यता की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी. वहीं पीड़िता और उनके परिवार को उम्मीद है कि प्रशासन शीघ्र कार्रवाई कर उन्हें न्याय दिलाएगा और उनकी भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया जाएगा.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-