लंदन. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत को रविवार को बड़ा झटका लगा, जब इंग्लैंड के कप्तान और स्टार ऑलराउंडर बेन स्टोक्स ने मौजूदा इंग्लैंड-न्यूजीलैंड टेस्ट श्रृंखला समाप्त होने के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी. 35 वर्षीय स्टोक्स ने अपने फैसले से क्रिकेट प्रेमियों को हैरान कर दिया. इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने भी उनके संन्यास की पुष्टि करते हुए उनके शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर को याद किया.
बेन स्टोक्स वर्ष 2011 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने के बाद इंग्लैंड के सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों में शामिल रहे. उन्होंने अपने करियर में कई ऐसे प्रदर्शन किए, जिन्होंने उन्हें आधुनिक क्रिकेट के महानतम ऑलराउंडरों की श्रेणी में स्थापित कर दिया. टेस्ट क्रिकेट में सात हजार से अधिक रन बनाने और ढाई सौ से अधिक विकेट लेने वाले चुनिंदा खिलाड़ियों में उनका नाम शामिल है. दबाव की परिस्थितियों में मैच जिताने की उनकी क्षमता ने उन्हें इंग्लैंड क्रिकेट का सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी बना दिया.
स्टोक्स के करियर का सबसे यादगार अध्याय वर्ष 2019 का एकदिवसीय विश्व कप रहा, जब उन्होंने फाइनल में नाबाद 84 रन की पारी खेलकर इंग्लैंड को पहली बार विश्व विजेता बनाने में निर्णायक भूमिका निभाई. उसी वर्ष एशेज श्रृंखला के हेडिंग्ले टेस्ट में उनकी नाबाद 135 रन की ऐतिहासिक पारी आज भी क्रिकेट इतिहास की सर्वश्रेष्ठ पारियों में गिनी जाती है. वर्ष 2022 में टी-20 विश्व कप जीत में भी उन्होंने महत्वपूर्ण योगदान दिया और इंग्लैंड को दूसरी बार विश्व चैंपियन बनने में मदद की.
वर्ष 2022 में टेस्ट टीम की कप्तानी संभालने के बाद स्टोक्स ने मुख्य कोच ब्रेंडन मैकुलम के साथ मिलकर इंग्लैंड क्रिकेट में आक्रामक बल्लेबाजी की नई सोच को बढ़ावा दिया. इस रणनीति ने टेस्ट क्रिकेट में इंग्लैंड की पहचान बदल दी और लाल गेंद के क्रिकेट को लेकर दर्शकों का उत्साह भी बढ़ाया. स्टोक्स की आक्रामक कप्तानी और सकारात्मक सोच को क्रिकेट विशेषज्ञों ने नई दिशा देने वाला कदम माना.
हाल के दिनों में स्टोक्स अनुशासन से जुड़े एक विवाद के कारण भी चर्चा में रहे. कर्फ्यू उल्लंघन और एक बार में हुई घटना के बाद उन्हें अस्थायी रूप से निलंबित किया गया था. बाद में उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपने साथियों से माफी मांगी और टीम में वापसी कर न्यूजीलैंड के खिलाफ श्रृंखला में कप्तानी संभाली. संन्यास की घोषणा के तुरंत बाद मैदान पर उतरते ही उन्होंने अपने पहले ही ओवर में विकेट लेकर दर्शकों का अभिवादन स्वीकार किया, जिसके बाद स्टेडियम तालियों से गूंज उठा.
इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष रिचर्ड थॉम्पसन ने स्टोक्स को इंग्लैंड के महानतम क्रिकेटरों में से एक बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने प्रदर्शन, नेतृत्व और जुझारूपन से लाखों प्रशंसकों को अविस्मरणीय यादें दी हैं. बोर्ड ने कहा कि स्टोक्स का योगदान केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्होंने इंग्लैंड क्रिकेट की सोच और शैली को भी बदलने में अहम भूमिका निभाई.
बेन स्टोक्स के संन्यास के साथ इंग्लैंड क्रिकेट एक ऐसे खिलाड़ी और कप्तान को विदाई देगा जिसने कठिन परिस्थितियों में भी टीम का नेतृत्व किया और अनेक ऐतिहासिक जीत दिलाईं. उनके जाने से इंग्लैंड को केवल एक विश्वस्तरीय ऑलराउंडर ही नहीं, बल्कि एक प्रेरणादायी नेता की भी कमी महसूस होगी. क्रिकेट इतिहास में उनका नाम उन खिलाड़ियों में दर्ज रहेगा जिन्होंने अपने साहस, संघर्ष और असाधारण प्रदर्शन से खेल को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

