छात्रों को अंक और उत्तरपुस्तिकाएं देने के लिए सीबीएसई बनाए स्पष्ट समयसीमा वाला नियम, आयोग की बड़ी सिफारिश

छात्रों को अंक और उत्तरपुस्तिकाएं देने के लिए सीबीएसई बनाए स्पष्ट समयसीमा वाला नियम, आयोग की बड़ी सिफारिश

प्रेषित समय :21:31:49 PM / Tue, Jun 30th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली. केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) को विद्यार्थियों के हित में महत्वपूर्ण सिफारिश करते हुए कहा है कि अंक, मूल्यांकन रिकॉर्ड और उत्तर पुस्तिकाओं की प्रतियां उपलब्ध कराने के लिए एक स्पष्ट मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की जाए. आयोग का मानना है कि छात्रों को समय पर सूचना उपलब्ध कराने के लिए निश्चित समय सीमा तय करना वर्तमान परिस्थितियों की आवश्यकता है.

यह सिफारिश वर्ष 2021 के एक मामले की सुनवाई के दौरान की गई. कोविड-19 महामारी के कारण उस वर्ष सीबीएसई की 12वीं बोर्ड परीक्षा रद्द कर दी गई थी और विद्यार्थियों का परिणाम वैकल्पिक मूल्यांकन प्रणाली के आधार पर तैयार किया गया था. एक छात्रा ने सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत अपने मूल्यांकन से संबंधित रिकॉर्ड और अंक निर्धारण के आधार की जानकारी मांगी थी.

मामले की सुनवाई के दौरान केंद्रीय सूचना आयोग ने कहा कि विद्यार्थियों को उनके मूल्यांकन से संबंधित दस्तावेज समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने के लिए स्पष्ट और पारदर्शी व्यवस्था होना आवश्यक है. आयोग ने माना कि वर्तमान व्यवस्था में निर्धारित समयसीमा और एकरूप प्रक्रिया का अभाव कई बार छात्रों के लिए परेशानी का कारण बनता है.

आयोग ने सीबीएसई को सुझाव दिया कि वह ऐसी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करे, जिसमें यह स्पष्ट रूप से निर्धारित हो कि विद्यार्थियों द्वारा अंक, उत्तरपुस्तिका, मूल्यांकन रिकॉर्ड या अन्य परीक्षा संबंधी दस्तावेज मांगे जाने पर उन्हें कितने समय के भीतर उपलब्ध कराया जाएगा. इससे पारदर्शिता बढ़ेगी, अनावश्यक विवाद कम होंगे और छात्रों को समय पर आवश्यक जानकारी मिल सकेगी.

आयोग ने यह भी कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने के लिए ऐसी व्यवस्था बेहद जरूरी है. विशेष रूप से बोर्ड परीक्षाओं और मूल्यांकन से जुड़े मामलों में छात्रों का विश्वास बनाए रखने के लिए स्पष्ट नियम और समयबद्ध प्रक्रिया लागू की जानी चाहिए.

सीआईसी की इस सिफारिश को विद्यार्थियों के अधिकारों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. यदि सीबीएसई इस पर अमल करता है तो भविष्य में छात्रों को अपने अंक, मूल्यांकन रिकॉर्ड और उत्तरपुस्तिकाओं से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए अधिक स्पष्ट, पारदर्शी और समयबद्ध व्यवस्था उपलब्ध हो सकेगी.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-