नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट में तेजी से उभरते युवा बल्लेबाज स्मरण रविचंद्रन ने इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में सनराइजर्स हैदराबाद के साथ बिताए अपने पहले सत्र को करियर का महत्वपूर्ण सीखने वाला अनुभव बताया है। उनका कहना है कि इस मंच पर देश-विदेश के दिग्गज खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करने से न केवल उनके खेल को नई दिशा मिली, बल्कि क्रिकेट को देखने और समझने का उनका नजरिया भी पूरी तरह बदल गया। स्मरण का मानना है कि आईपीएल जैसे बड़े मंच पर मिलने वाला अनुभव किसी भी युवा खिलाड़ी के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
वर्तमान में महाराजा ट्रॉफी 2026 में शिवमोग्गा योद्धास टीम की कप्तानी कर रहे स्मरण रविचंद्रन ने कहा कि आईपीएल का पहला सत्र उनके लिए केवल मैच खेलने तक सीमित नहीं था, बल्कि हर दिन कुछ नया सीखने और अपने खेल को बेहतर बनाने का अवसर भी था। उन्होंने कहा कि टीम के अनुभवी खिलाड़ियों की तैयारी, मानसिकता और दबाव में प्रदर्शन करने की क्षमता को करीब से देखने का मौका मिला, जिसने उन्हें भविष्य के लिए काफी प्रेरित किया।
स्मरण ने बताया कि सनराइजर्स हैदराबाद के ड्रेसिंग रूम में ईशान किशन, ट्रेविस हेड, अभिषेक शर्मा, पैट कमिंस जैसे अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ समय बिताना उनके लिए बेहद यादगार रहा। उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों को मैदान पर और अभ्यास के दौरान जिस आत्मविश्वास और आक्रामक सोच के साथ खेलते देखा, उससे उन्हें यह समझने में मदद मिली कि बड़े स्तर पर सफल होने के लिए केवल तकनीक ही नहीं, बल्कि सकारात्मक मानसिकता भी उतनी ही आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि टीम के खिलाड़ी हर परिस्थिति में निडर होकर खेलने पर विश्वास करते हैं। यही सोच उन्हें बाकी टीमों से अलग बनाती है। स्मरण के अनुसार उन्होंने इस दृष्टिकोण से काफी प्रेरणा ली और अब अपने खेल में भी उसी आत्मविश्वास और सकारात्मक रवैये को अपनाने का प्रयास कर रहे हैं। उनका कहना है कि आईपीएल ने उन्हें सिखाया कि बड़े मैचों में दबाव को अवसर में बदलना ही सफल खिलाड़ी की पहचान होती है।
हालांकि सांख्यिकीय दृष्टि से उनका पहला आईपीएल सत्र बहुत प्रभावशाली नहीं रहा। उन्होंने छह मुकाबलों में हिस्सा लिया और चार पारियों में केवल 19 रन ही बना सके, लेकिन स्मरण का मानना है कि प्रदर्शन के आंकड़े पूरी कहानी नहीं बताते। उनके अनुसार पहली बार इतने बड़े मंच पर उतरना, अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ अभ्यास करना और उच्च स्तरीय प्रतिस्पर्धा का अनुभव हासिल करना किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए बड़ी उपलब्धि होती है।
स्मरण ने स्वीकार किया कि आईपीएल ने उन्हें अपनी कमियों को पहचानने और उन्हें दूर करने का अवसर दिया। उन्होंने कहा कि अब उन्हें स्पष्ट रूप से समझ में आ गया है कि शीर्ष स्तर पर सफल होने के लिए किन क्षेत्रों में अधिक मेहनत करनी होगी। यही अनुभव आने वाले घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में उनके लिए उपयोगी साबित होगा।
युवा बल्लेबाज ने अपने घरेलू क्रिकेट प्रदर्शन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हाल के रणजी ट्रॉफी सत्र में मिली सफलता ने उनके आत्मविश्वास को मजबूत किया और उसी प्रदर्शन के आधार पर उन्हें आईपीएल में खेलने का अवसर मिला। घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छे प्रदर्शन के कारण चयनकर्ताओं का विश्वास भी बढ़ा, जिसका लाभ उन्हें आईपीएल के रूप में मिला।
स्मरण ने भारतीय टीम के वरिष्ठ बल्लेबाज केएल राहुल से हुई बातचीत को भी अपने करियर का महत्वपूर्ण अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि राहुल जैसे अनुभवी खिलाड़ी से बातचीत के दौरान उन्हें बल्लेबाजी की तकनीक, मानसिक तैयारी और दबाव की परिस्थितियों में संयम बनाए रखने के कई महत्वपूर्ण सुझाव मिले। ऐसे वरिष्ठ खिलाड़ियों का मार्गदर्शन युवा क्रिकेटरों के लिए बेहद उपयोगी होता है और उन्हें लगातार आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि बड़े खिलाड़ी केवल अपने प्रदर्शन से ही नहीं, बल्कि अपने व्यवहार और अनुशासन से भी युवा खिलाड़ियों को सीख देते हैं। ड्रेसिंग रूम का वातावरण, अभ्यास की गंभीरता और मैच से पहले की तैयारी को करीब से देखने के बाद उन्हें महसूस हुआ कि शीर्ष स्तर तक पहुंचने के लिए निरंतर मेहनत और अनुशासन सबसे महत्वपूर्ण हैं।
महाराजा ट्रॉफी में कप्तानी की जिम्मेदारी मिलने पर स्मरण ने कहा कि आईपीएल का अनुभव अब उनकी नेतृत्व क्षमता को भी मजबूत बना रहा है। उन्होंने बताया कि वह अपने साथियों के साथ वही सकारात्मक सोच साझा करने का प्रयास करते हैं, जो उन्होंने सनराइजर्स हैदराबाद में सीखी थी। उनका मानना है कि युवा खिलाड़ियों को बिना किसी डर के अपनी स्वाभाविक शैली में खेलने का अवसर मिलना चाहिए।
क्रिकेट विशेषज्ञों का भी मानना है कि आईपीएल जैसे बड़े मंच पर शुरुआती सत्र में हर खिलाड़ी का प्रदर्शन आंकड़ों के आधार पर नहीं आंका जाना चाहिए। कई युवा खिलाड़ी पहले सत्र में सीमित अवसर मिलने के बावजूद बाद के वर्षों में शानदार सफलता हासिल करते हैं। ऐसे में स्मरण रविचंद्रन के लिए भी यह सत्र भविष्य की मजबूत नींव साबित हो सकता है।
भारतीय क्रिकेट में लगातार नई प्रतिभाएं सामने आ रही हैं और घरेलू क्रिकेट से लेकर आईपीएल तक का सफर युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार कर रहा है। स्मरण रविचंद्रन भी इसी नई पीढ़ी के उन खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिन्होंने पहले ही सत्र में यह समझ लिया है कि सफलता केवल प्रतिभा से नहीं, बल्कि सीखने की इच्छा, निरंतर मेहनत और सही मानसिकता से हासिल होती है।
अब उनकी नजर महाराजा ट्रॉफी में अपनी टीम को सफल नेतृत्व देने और घरेलू क्रिकेट में लगातार बेहतर प्रदर्शन करने पर है। यदि वह इसी तरह अनुभवों से सीखते हुए अपने खेल में निरंतर सुधार करते रहे, तो आने वाले वर्षों में भारतीय क्रिकेट में उनकी भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो सकती है। आईपीएल 2026 भले ही उनके लिए आंकड़ों के लिहाज से साधारण रहा हो, लेकिन सीख और अनुभव के स्तर पर यह सत्र उनके क्रिकेट जीवन का एक अहम पड़ाव बन गया है।
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

