जबलपुर में सूखने लगा बरगी बांध का पानी, गेट खोलने पर भी नहीं निकलेगा

जबलपुर में सूखने लगा बरगी बांध का पानी, गेट खोलने पर भी नहीं निकलेगा

प्रेषित समय :16:33:28 PM / Tue, Jun 30th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. एमपी के जबलपुर में मानसून की देरी और जून में सामान्य से बेहद कम बारिश का असर अब जलाशयों पर साफ दिखाई देने लगा है. शहर की लाइफलाइन माने जाने वाले बरगी बांध का जलस्तर लगातार घट रहा है. परियट और खंदारी जलाशयों में भी पानी कम होने लगा है.

बरगी बांध प्रबंधन के अनुसार बांध का जलस्तर प्रतिदिन करीब 5 सेंटीमीटर घट रहा है. कम पानी के कारण बिजली उत्पादन भी प्रभावित हुआ है. दो में से एक बिजली उत्पादन यूनिट बंद कर दी गई है, जबकि दूसरी यूनिट का संचालन भी सीमित कर दिया गया है. बरगी बांध प्रबंधन के अनुसार 15 जून को बांध का जलस्तर 407.85 मीटर था, जो घटकर अब 407.45 मीटर रह गया है. यानी करीब 40 सेंटीमीटर पानी कम हो चुका है. वर्तमान में बांध में केवल 12.59 प्रतिशत पानी शेष है. पिछले वर्ष इसी अवधि में जल भंडारण करीब 22 प्रतिशत था. सामान्य तौर पर 30 जून तक जबलपुर में करीब 8 इंच बारिश दर्ज होती है, लेकिन इस वर्ष अब तक केवल करीब 1.5 इंच बारिश हुई है. मौसम विभाग के अनुसार मानसून की उत्तरी सीमा अभी मंडला के आसपास है और इसके आगे बढऩे की संभावना है.

बिजली उत्पादन पर असर-

कम जलस्तर का असर बिजली उत्पादन पर भी पड़ा है. बरगी बांध की दो उत्पादन इकाइयों में से एक को 27 जून से बंद कर दिया गया है. दूसरी यूनिट, जो पहले 8 से 10 घंटे चलती थी, अब केवल 3 घंटे प्रतिदिन संचालित की जा रही है.

गेट खोलने पर भी नहीं निकलेगा पानी-

ऐसा कहा जा रहा है कि बांध का जलस्तर इतना नीचे पहुंच गया है कि यदि सभी 21 गेट खोल भी दिए जाएं तो उनसे पानी बाहर नहीं निकलेगा. बांध का एक हिस्सा सूख चुका है और इसे देखने के लिए लोग भी पहुंच रहे हैं.

पेयजल आपूर्ति पर भी पड़ेगा असर-

बरगी बांध से नर्मदा का पानी जबलपुर समेत कई शहरों में पेयजल आपूर्ति के लिए भेजा जाता है. इसी बांध से निकलने वाली नहरों से जबलपुर और नरसिंहपुर में सिंचाई होती है और भविष्य में कटनी व सतना तक पानी पहुंचाने की योजना है. विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जल्द अच्छी बारिश नहीं हुई तो आने वाले समय में पेयजल और सिंचाई दोनों पर संकट गहरा सकता है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-