उल्लेखनीय है कि इस मामले को लेकर पिछले चार दिनों से जबलपुर में मुस्लिम समाज और अधिवक्ताओं का लगातार भारी विरोध प्रदर्शन जारी था. गुरुवार को बड़ी संख्या में वकीलों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव किया. उग्र नारेबाजी और प्रदर्शन के बाद, बिगड़ते माहौल को देखते हुए एसपी ने तुरंत एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए. गुरूवार की देर रात हनुमानताल थाना पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए मामला दर्ज किया.
सीएसपी हेमंत कुमार ने बताया कि थाना हनुमानताल के अंतर्गत वकीलों के एक संगठन के द्वारा आवेदन प्रस्तुत किए गए थे. जिसमें बताया गया था कि एक नाजिया खान है और उसके द्वारा किसी धर्म विशेष के प्रति, समुदाय के प्रति धार्मिक भावना को आहत करने से संबंधित कमेंट किए गए हैं. उस संबंध में एफआईआर की गई है बीएनएस की धाराओं में. और एफआईआर को जीरो में किया गया है, क्योंकि मामला जबलपुर और एमपी का नहीं है.
पुलिस के मुताबिक, यह एफआईआर अधिवक्ता शबाब खान (पिता स्वर्गीय नजीर खान), जो कि मुस्लिम लीग्स एड एंड वेलफेयर सोसाइटी जबलपुर के अध्यक्ष हैं, उनकी लिखित शिकायत पर दर्ज की गई है. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि नाजिया इलाही खान (निवासी: शंतिनगर, भिवंडी, जिला ठाणे, महाराष्ट्र ने इंस्टाग्राम, यूट्यूब और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर पैगंबर मोहम्मद साहब के खिलाफ आपत्तिजनक और अमर्यादित टिप्पणियां की हैं, जिससे मुस्लिम समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं. पुलिस ने इसे भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 299 के तहत दर्ज किया है. चूंकि यह घटना मध्य प्रदेश की भौगोलिक सीमा की नहीं है, इसलिए इसे जीरो एफआईआर के तहत पंजीकृत कर अग्रिम कार्रवाई के लिए भिवंडी, ठाणे (महाराष्ट्र) भेजा जा रहा है.
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