भारतीय बधिर महिला क्रिकेट टीम इस सप्ताह श्रीलंका दौरे पर अपने पहले अंतरराष्ट्रीय टी20 अभियान की शुरुआत कर इतिहास रचने जा रही है. यह पहली बार होगा जब भारतीय बधिर महिला क्रिकेट टीम किसी अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में देश का प्रतिनिधित्व करेगी. पांच मैचों की इस टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला के साथ भारतीय बधिर महिला क्रिकेट के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ जाएगा. दौरे से पहले नई दिल्ली में टीम की आधिकारिक जर्सी का अनावरण किया गया, जहां भारतीय बधिर क्रिकेट संघ (आईडीसीए) के अध्यक्ष सुमित जैन, नई दिल्ली के जिलाधिकारी सनी सिंह, दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) के सचिव अशोक शर्मा तथा बीसीसीआई की दिव्यांग क्रिकेट समिति के सदस्य एवं डीसीसीआई के सचिव रवि चौहान मौजूद रहे.
इस ऐतिहासिक अवसर पर आईडीसीए के अध्यक्ष सुमित जैन ने कहा कि श्रीलंका दौरा भारतीय बधिर क्रिकेट के लिए एक निर्णायक पड़ाव है. उन्होंने कहा कि वर्षों तक महिला खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय पहचान से दूर रहकर केवल खेल के प्रति अपने जुनून के दम पर मेहनत की है. अब उन्हें विश्व मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिल रहा है. उन्होंने कहा कि आईडीसीए हमेशा समान अवसरों में विश्वास करता है और यह दौरा साबित करता है कि प्रतिभा किसी भी प्रकार की सीमा या बाधा की मोहताज नहीं होती. उन्होंने सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह टीम आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा और नई विरासत तैयार करेगी.
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान डायना एडुल्जी ने भी इस उपलब्धि को देश के लिए गर्व का क्षण बताया. उन्होंने कहा कि सुनने में अक्षम खिलाड़ियों का पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करना बेहद महत्वपूर्ण उपलब्धि है. उनके अनुसार क्रिकेट हर किसी का खेल है और इन खिलाड़ियों ने यहां तक पहुंचकर कई सामाजिक बाधाओं को तोड़ा है. उन्होंने खिलाड़ियों के खेल और खेल भावना की सराहना करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि वे पूरी दुनिया को दिखाएं कि भारतीय महिला क्रिकेटर किसी भी मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकती हैं.
टीम की कप्तान काजल धवन ने इस अवसर को अपने जीवन का सबसे बड़ा सम्मान बताया. उन्होंने कहा कि श्रीलंका का यह दौरा केवल क्रिकेट खेलने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दुनिया को यह संदेश देने का अवसर भी है कि सुनने में अक्षम होना किसी खिलाड़ी के जुनून, प्रतिभा या देश के लिए खेलने की क्षमता में बाधा नहीं बन सकता. उन्होंने कहा कि टीम की हर खिलाड़ी ने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए कठिन मेहनत की है और सभी खिलाड़ी उन लाखों बेटियों की उम्मीदों को साथ लेकर मैदान पर उतरेंगी, जो एक दिन भारत की नीली जर्सी पहनने का सपना देखती हैं.
भारतीय बधिर महिला क्रिकेट टीम श्रीलंका के मोरातुवा स्थित डी सोयसा पार्क अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में 7 जुलाई से 13 जुलाई 2026 तक पांच टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेलेगी. टीम की कप्तानी विकेटकीपर काजल धवन करेंगी, जबकि नीदा जाबी शेख उपकप्तान होंगी. टीम में प्रतीमा मिश्रा, आकांक्षा कनासिया, रेड्डी ज्योष्णा, दीप्ति रानी साहू, श्रद्धा वैष्णव, संगीता, सुकन्या के.एस., रूबी यादव, चांदनी खान, प्रियंशी दीक्षित, डी. कंथम्मा, प्रियंका सैनी और अंजलि को भी शामिल किया गया है.
इस अवसर पर आईडीसीए ने भविष्य की दो बड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की भी घोषणा की. वर्ष 2027 में भारत, श्रीलंका और त्रिनिदाद एवं टोबैगो की टीमों के बीच महिला बधिर टी20 त्रिकोणीय श्रृंखला आयोजित की जाएगी, जबकि फरवरी 2028 में दिल्ली में महिला बधिर टी20 विश्व कप का आयोजन होगा. इन आयोजनों को भारत में समावेशी क्रिकेट को बढ़ावा देने और बधिर महिला खिलाड़ियों को वैश्विक मंच उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
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