नई दिल्ली. सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम एक बार फिर भारत सरकार के सख्त रडार पर आ गया है. हाल ही में नीट पेपर लीक और यूजरनेम फीचर के मामले में शिकंजा कसने के बाद, अब सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म की फिल्मों और प्रीमियम ओटीटी कंटेंट की बड़े पैमाने पर हो रही पायरेसी को लेकर टेलीग्राम को कड़ा नोटिस जारी किया है. सरकार ने प्लेटफॉर्म को अनऑथराइज्ड सर्कुलेशन के खिलाफ तुरंत सख्त कदम उठाने का निर्देश देते हुए 15 दिनों के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट पेश करने का अल्टीमेटम दिया है.
एक-एक शिकायत के इंतजार से काम नहीं चलेगा, प्लेटफॉर्म स्तर पर हो एक्शन
मंत्रालय ने टेलीग्राम को जारी अपने नोटिस में दो टूक कहा है कि वह अब केवल एक-एक शिकायत मिलने का इंतजार (रिएक्टिव तरीका) नहीं कर सकता. सरकार ने कंपनी को व्यक्तिगत टेकडाउन से आगे बढ़कर पायरेसी को जड़ से खत्म करने के लिए प्लेटफॉर्म-स्तरीय दृष्टिकोण अपनाने का निर्देश दिया है. टेलीग्राम को बार-बार उल्लंघन करने वाले चैनल्स, ग्रुप्स, बॉट, अकाउंट्स और उनके एडमिन के खिलाफ तुरंत और सख्त कार्रवाई करनी होगी. इसके साथ ही, प्लेटफॉर्म से फिल्म निर्माताओं, ओटीटी प्लेटफॉर्म और जांच एजेंसियों के लिए अपने शिकायत निवारण तंत्र की पूरी डिटेल भी तलब की गई है.
कॉपीराइट उल्लंघन कोई साधारण अपराध नहीं, हो सकती है जेल
सरकार ने टेलीग्राम को स्पष्ट रूप से याद दिलाया है कि पायरेटेड कंटेंट का सर्कुलेशन कोई साधारण सिविल मामला नहीं है, बल्कि यह एक गंभीर अपराध है. इसके तहत कॉपीराइट एक्ट 1957 और सिनेमैटोग्राफ एक्ट 1952 के अनुसार दोषियों को जेल और भारी जुर्माना दोनों हो सकते हैं. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आईटी एक्ट 2000 और आईटी रूल्स 2021 के तहत मध्यस्थ कंपनियों को अपनी जिम्मेदारी खुद निभानी होगी. अगर अब भी प्लेटफॉर्म पर पायरेटेड कंटेंट उपलब्ध रहा, या कंपनी की ओर से टाल-मटोल और अधूरा जवाब मिला, तो सरकार सख्त कानूनी कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगी.
3,000 चैनलों पर एक्शन के बाद नया नोटिस
गौर करने वाली बात है कि सरकार का यह ताजा नोटिस 3,000 से ज्यादा पायरेटेड टेलीग्राम चैनलों पर की गई बड़ी कार्रवाई के बाद आया है. टेलीग्राम पर नई रिलीज फिल्मों और वेब सीरीज की फाइलें और लिंक लगातार शेयर हो रहे हैं, जिससे यह एंटी-पायरेसी एजेंसियों के लिए मुख्य केंद्र बन गया है. गौरतलब है कि पिछले हफ्ते ही इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने टेलीग्राम, सिग्नल और वॉट्सऐप को उनके यूजरनेम फीचर को लेकर भी नोटिस भेजा था. इससे पहले, जून में नीट (नीट) की दोबारा हुई परीक्षा के दौरान पेपर लीक रोकने के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की सिफारिश पर सरकार ने 16 से 22 जून तक टेलीग्राम को भारत में बैन कर दिया था और 30 जून तक इसके मैसेज-एडिटिंग फीचर को डिसेबल करने का सख्त निर्देश दिया था.

