जबलपुर. नगर निगम की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है. रांझी स्थित सुदर्शन वार्ड में प्रस्तावित सड़क निर्माण परियोजना बिना आवश्यक अनुमति के शुरू करने की तैयारी महंगी पड़ गई. नगर निगम ने रक्षा विभाग के अधीन आने वाली व्हीकल फैक्ट्री जबलपुर (वीएफजे) की जमीन पर करीब 11 लाख रुपये का टेंडर जारी कर निर्माण सामग्री भी मौके पर पहुंचा दी, लेकिन अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) नहीं लेने के कारण फैक्ट्री प्रबंधन ने तत्काल आपत्ति दर्ज करा दी. इसके बाद निर्माण सामग्री हटवा दी गई और सड़क निर्माण का काम शुरू होने से पहले ही ठप हो गया. इस पूरे मामले ने नगर निगम की प्रशासनिक कार्यशैली और टेंडर प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
जानकारी के अनुसार रांझी के सुदर्शन वार्ड में सेंट मेरी स्कूल के पास लगभग 125 मीटर लंबी सड़क का निर्माण प्रस्तावित था. इस सड़क का उद्देश्य स्कूल को मुख्य मार्ग से जोड़ना और बारिश के दौरान जलभराव की समस्या से विद्यार्थियों एवं स्थानीय लोगों को राहत दिलाना था. नगर निगम ने निर्माण की तैयारियां भी शुरू कर दी थीं और मौके पर निर्माण सामग्री रखवा दी गई थी. हालांकि जिस भूमि पर सड़क बनाई जानी थी, वह व्हीकल फैक्ट्री जबलपुर के अधीन है. ऐसे में रक्षा विभाग की भूमि पर किसी भी प्रकार का निर्माण शुरू करने से पहले संबंधित विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य होता है.
व्हीकल फैक्ट्री जबलपुर प्रबंधन ने जब बिना अनुमति निर्माण की तैयारी देखी तो तत्काल इस पर आपत्ति जताई. फैक्ट्री प्रशासन का कहना था कि नगर निगम ने नियमानुसार एनओसी प्राप्त किए बिना ही निर्माण प्रक्रिया शुरू कर दी, जो नियमों का उल्लंघन है. वीएफजे की आपत्ति के बाद निर्माण स्थल से सामग्री हटवा दी गई, जिसके चलते सड़क निर्माण का कार्य फिलहाल पूरी तरह रुक गया है.
इस घटनाक्रम के बाद नगर निगम की टेंडर प्रक्रिया भी सवालों के घेरे में आ गई है. जानकारों का कहना है कि किसी भी रक्षा क्षेत्र में निर्माण कार्य के लिए पहले संबंधित विभाग की स्वीकृति लेना आवश्यक होता है. इसके बाद ही तकनीकी स्वीकृति, टेंडर और निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाती है. लेकिन इस मामले में नगर निगम ने पहले लगभग 11 लाख रुपये का टेंडर जारी कर दिया और बाद में अनुमति लेने की प्रक्रिया शुरू की. इससे न केवल प्रशासनिक लापरवाही उजागर हुई है, बल्कि सरकारी धन और समय की बर्बादी की आशंका भी बढ़ गई है.
मामले के सामने आने के बाद नगर निगम अब अपनी प्रक्रिया को दुरुस्त करने में जुट गया है. रांझी जोन कार्यालय के इंजीनियर अनिल विश्वकर्मा ने बताया कि व्हीकल फैक्ट्री जबलपुर से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए आवश्यक दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं और प्रबंधन से पत्राचार शुरू कर दिया गया है. एनओसी मिलने के बाद ही निर्माण कार्य दोबारा शुरू किया जा सकेगा.
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सड़क क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. बारिश के दिनों में सेंट मेरी स्कूल के आसपास जलभराव की समस्या गंभीर हो जाती है, जिससे विद्यार्थियों, अभिभावकों और आसपास के रहवासियों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है. लोगों का मानना है कि यदि नगर निगम पहले ही सभी औपचारिकताएं पूरी कर लेता तो परियोजना समय पर शुरू हो सकती थी और विकास कार्य अनावश्यक विवाद में नहीं फंसता.
फिलहाल नगर निगम और व्हीकल फैक्ट्री जबलपुर के बीच एनओसी को लेकर प्रक्रिया जारी है. अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि आवश्यक अनुमति कब तक मिलती है और बहुप्रतीक्षित सड़क निर्माण कार्य दोबारा कब शुरू हो पाता है. वहीं यह मामला सरकारी परियोजनाओं में नियमानुसार अनुमति लेने और विभागीय समन्वय की आवश्यकता को भी एक बार फिर उजागर कर रहा है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

