श्रीनगर. पवित्र अमरनाथ यात्रा का आज चौथा दिन है और दर्शन करने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या हर दिन नए रिकॉर्ड तोड़ रही है. देश के कोने-कोने से बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालुओं के इस भारी उत्साह के बीच एक चिंता बढ़ाने वाली खबर भी सामने आई है. बताया जा रहा है कि पवित्र गुफा में विराजमान हिमलिंग (शिवलिंग) तेजी से पिघल रहा है और अब इसका आकार घटकर मात्र 1 फीट रह गया है. 57 दिनों तक चलने वाली इस लंबी धार्मिक यात्रा के शुरुआती दिनों में ही शिवलिंग के इस तरह पिघलने से श्रद्धालुओं और प्रशासन की चिंताएं बढ़ गई हैं.
कुछ ही दिनों में 7 फीट से 1 फीट पर आया आकार
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, तापमान में बदलाव और अन्य प्राकृतिक कारणों से पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी का आकार तेजी से घट रहा है. आंकड़ों पर गौर करें तो 23 मई को शिवलिंग की ऊंचाई करीब 7 फीट देखी गई थी, जो 29 जून को यात्रा शुरू होने के आसपास घटकर 5 फीट पर आ गई थी. अब पवित्र गुफा से सामने आईं ताजा तस्वीरों में देखा जा सकता है कि शिवलिंग का आकार पिघलकर केवल 1 फीट के आसपास ही शेष बचा है.
वैज्ञानिक दृष्टिकोण: गुफा में कैसे होता है शिवलिंग का प्राकृतिक निर्माण?
पवित्र गुफा में हर साल प्राकृतिक रूप से बनने वाले इस शिवलिंग को भूवैज्ञानिक भाषा में स्टैलेगमाइट कहा जाता है. इसके निर्माण की प्रक्रिया बेहद रोचक है. दरअसल, गुफा की छत पर मौजूद चूना पत्थर और जिप्सम की दरारों से ग्लेशियर और बर्फ के पिघलने से पानी की बूंदें लगातार नीचे टपकती हैं. जैसे ही यह पानी गुफा की ठंडी जमीन पर गिरता है, तो वहां के बेहद कम तापमान के कारण यह तुरंत जमना शुरू हो जाता है. पानी की बूंदों के लगातार नीचे गिरने और ऊपर की ओर परत-दर-परत जमने के इस क्रम से कुछ ही समय में एक भव्य और पवित्र शिवलिंग का आकार तैयार हो जाता है.
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