नई दिल्ली. केंद्र सरकार के विनिवेश कार्यक्रम के तहत कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड के लिए लाया गया ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) पहले ही दिन निवेशकों की ओर से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिलने के कारण 3.52 गुना सब्सक्राइब हो गया. निवेशकों की मजबूत मांग को देखते हुए सरकार ने पूरी ग्रीन-शू ऑप्शन का उपयोग करने का फैसला किया है. अब खुदरा निवेशक और पात्र कर्मचारी 8 जुलाई को इस ओएफएस में बोली लगा सकेंगे.
यह जानकारी निवेश एवं लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (डीआईपीएएम) के सचिव ने सोशल मीडिया के माध्यम से साझा की. उन्होंने बताया कि पहले दिन संस्थागत निवेशकों की ओर से अपेक्षा से कहीं अधिक मांग दर्ज की गई, जिसके बाद सरकार ने अतिरिक्त हिस्सेदारी बेचने के लिए ग्रीन-शू विकल्प को पूरी तरह लागू करने का निर्णय लिया है.
सरकार ने सोमवार को कोचिन शिपयार्ड लिमिटेड में अपनी 2.52 प्रतिशत चुकता इक्विटी हिस्सेदारी बेचने के लिए ओएफएस की घोषणा की थी. इसके साथ ही 2.52 प्रतिशत अतिरिक्त हिस्सेदारी ग्रीन-शू विकल्प के तहत रखने का प्रावधान किया गया था, ताकि मांग अधिक होने की स्थिति में अतिरिक्त शेयर भी बेचे जा सकें. ओएफएस के लिए प्रति शेयर 1,400 रुपये का फ्लोर प्राइस तय किया गया है.
ओएफएस के पहले दिन केवल गैर-खुदरा निवेशकों के लिए बोली लगाने की सुविधा उपलब्ध थी. अब 8 जुलाई को खुदरा निवेशक और पात्र कर्मचारी इस पेशकश में भाग ले सकेंगे. सरकार को उम्मीद है कि इस वर्ग से भी अच्छी भागीदारी मिलेगी.
ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) शेयर बाजार की एक ऐसी व्यवस्था है, जिसके माध्यम से सूचीबद्ध कंपनियों के प्रमोटर या बड़े शेयरधारक अपने मौजूदा शेयरों को स्टॉक एक्सचेंज के जरिए पारदर्शी बोली प्रक्रिया के माध्यम से निवेशकों को बेचते हैं.
हालांकि ओएफएस को निवेशकों का मजबूत समर्थन मिला, लेकिन शेयर बाजार में कोचिन शिपयार्ड लिमिटेड के शेयरों में दबाव देखने को मिला. कारोबार के दौरान कंपनी का शेयर पांच प्रतिशत से अधिक गिरकर 1,430.70 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुआ.
कोचिन शिपयार्ड का यह ओएफएस केंद्र सरकार के विनिवेश कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसके तहत डीआईपीएएम समय-समय पर सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में अपनी हिस्सेदारी बेचकर संसाधन जुटाता है. पहले दिन ओएफएस के 3.52 गुना सब्सक्राइब होने के बाद सरकार द्वारा पूरी ग्रीन-शू ऑप्शन लागू करने से अब इस पेशकश का आकार बढ़ गया है.
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि पहले दिन मिली मजबूत प्रतिक्रिया से सार्वजनिक क्षेत्र की इस कंपनी में निवेशकों के भरोसे का संकेत मिलता है. अब बाजार की नजर 8 जुलाई को खुदरा निवेशकों और कर्मचारियों की भागीदारी पर रहेगी, जिससे ओएफएस की अंतिम मांग का स्पष्ट आकलन हो सकेगा.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

