इंस्टाग्राम पर आपत्तिजनक सामग्री के आरोपों पर मेटा से जवाब तलब, सरकार ने कार्रवाई के दिए संकेत

इंस्टाग्राम पर आपत्तिजनक सामग्री के आरोपों पर मेटा से जवाब तलब, सरकार ने कार्रवाई के दिए संकेत

प्रेषित समय :20:05:38 PM / Thu, Jul 9th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली। इंस्टाग्राम पर कथित तौर पर बाल यौन शोषण एवं दुरुपयोग से संबंधित सामग्री (सीएसईएएम) के प्रचार-प्रसार को लेकर केंद्र सरकार ने मेटा से जवाब मांगा है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) द्वारा जारी नोटिस के जवाब का इंतजार किया जा रहा है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि कंपनी की औपचारिक प्रतिक्रिया का परीक्षण करने के बाद ही आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।

सूचना प्रौद्योगिकी सचिव एस. कृष्णन ने गुरुवार को सीआईआई जीसीसी बिजनेस समिट के दौरान कहा कि मंत्रालय ने इस मामले में मेटा को नोटिस जारी किया है और अब उसके औपचारिक जवाब की प्रतीक्षा की जा रही है। उन्होंने कहा कि कंपनी की प्रतिक्रिया का विस्तृत अध्ययन करने के बाद ही सरकार आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेगी।

केंद्र सरकार ने पिछले सप्ताह मेटा को नोटिस जारी किया था। यह कदम उन रिपोर्टों के सामने आने के बाद उठाया गया, जिनमें आरोप लगाया गया था कि इंस्टाग्राम पर पेड विज्ञापनों के माध्यम से बाल यौन शोषण एवं दुरुपयोग से संबंधित सामग्री तक पहुंच को बढ़ावा दिया जा रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इंस्टाग्राम को ऐसे सभी विज्ञापनों और संबंधित सामग्री को तत्काल निष्क्रिय करने का निर्देश दिया था।

इससे पहले केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंत्रालय के अधिकारियों को मेटा के प्रतिनिधियों को तलब कर पूरे मामले में स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए थे। मंत्रालय ने कंपनी से यह भी पूछा कि इस प्रकार की सामग्री को रोकने और हटाने के लिए उसने अब तक क्या कार्रवाई की है तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कौन-कौन से कदम उठाए जाएंगे।

नोटिस मिलने के कुछ दिनों बाद मेटा ने एक विस्तृत ब्लॉग जारी कर अपने प्लेटफॉर्म पर बाल यौन शोषण से संबंधित सामग्री के खिलाफ अपनाई जा रही नीतियों और तकनीकी उपायों की जानकारी दी। कंपनी ने इस तरह के अपराध को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि वह कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित पहचान प्रणाली और बड़े स्तर पर कंटेंट मॉडरेशन के जरिए ऐसी सामग्री की पहचान कर उसे हटाने का काम करती है।

मेटा ने यह भी कहा कि वह भविष्य में नई तकनीकों में निवेश जारी रखेगी, विज्ञापन समीक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाएगी तथा बच्चों और किशोर उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू करेगी। कंपनी का दावा है कि उसकी एआई प्रणाली संदिग्ध सामग्री की पहचान कर उस पर त्वरित कार्रवाई करने में सक्षम है।

सरकार की यह सख्ती उन रिपोर्टों के बाद सामने आई है, जिनमें आरोप लगाया गया था कि मेटा का रिकमेंडेशन एल्गोरिद्म कथित रूप से ऐसे वीडियो और सामग्री को बढ़ावा दे रहा था, जिनका संबंध बाल यौन शोषण से था। इन दावों के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की सुरक्षा व्यवस्था, कंटेंट मॉडरेशन प्रणाली और बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं।

इसी कार्यक्रम के दौरान आईटी सचिव एस. कृष्णन ने भारत के डिजिटल बुनियादी ढांचे और तकनीकी क्षमता पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत में दुनिया का प्रमुख वैश्विक संचालन केंद्र बनने की अपार संभावनाएं हैं। उनके अनुसार देश केवल बैक-ऑफिस सेवाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भविष्य में वैश्विक स्तर पर फ्रंट-एंड संचालन का भी महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई सबसे बड़ा उत्प्रेरक साबित होगी।

फिलहाल केंद्र सरकार की नजर मेटा की औपचारिक प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है। मंत्रालय द्वारा जवाब की समीक्षा के बाद यह तय किया जाएगा कि कंपनी के खिलाफ आगे कोई नियामकीय या कानूनी कार्रवाई की जाएगी या नहीं।

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-