रायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार ने असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. राज्य सरकार ने ई-रिक्शा सहायता योजना के तहत मिलने वाली अनुदान राशि को 50 हजार रुपये से बढ़ाकर सीधे 1 लाख रुपये करने का फैसला लिया है. इस निर्णय से हजारों श्रमिकों को स्वरोजगार शुरू करने में आर्थिक मदद मिलेगी.
यह फैसला मंत्रालय महानदी भवन में श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन की अध्यक्षता में आयोजित छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल की पहली बैठक में लिया गया. बैठक में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा हुई.
श्रम मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है. ई-रिक्शा अनुदान राशि में बढ़ोतरी से श्रमिकों को अपना स्वयं का व्यवसाय शुरू करने में सुविधा होगी और उनकी आय बढ़ाने में मदद मिलेगी.
सरकार का मानना है कि यह निर्णय न केवल स्वरोजगार को बढ़ावा देगा, बल्कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगा. साथ ही असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने के प्रयास भी लगातार जारी रहेंगे.
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