सूरत. गुजरात के सूरत शहर में हाल ही में हुई भारी बारिश और बाढ़ से प्रभावित लोगों को आर्थिक राहत देने के उद्देश्य से द वराछा को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड ने विशेष 'फ्लड लोन' योजना शुरू की है. इस योजना के तहत बाढ़ प्रभावित नागरिकों, व्यापारियों और छोटे उद्यमियों को केवल 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर 5 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा. इसके साथ ही भविष्य में बाढ़ और जलभराव से होने वाले नुकसान से सुरक्षा देने के लिए बैंक ने एक विशेष बीमा योजना भी शुरू की है. इन दोनों योजनाओं का शुभारंभ गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने किया.
हाल ही में सूरत में हुई मूसलाधार बारिश और बाढ़ के कारण शहर के कई इलाकों में लंबे समय तक जलभराव की स्थिति बनी रही. इससे औद्योगिक इकाइयों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों, दुकानों, गोदामों और आवासीय क्षेत्रों को भारी नुकसान पहुंचा. हजारों लोगों की आजीविका प्रभावित हुई और छोटे व्यापारियों को विशेष रूप से आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा. इसी परिस्थिति को देखते हुए वराछा बैंक ने प्रभावित लोगों की सहायता के लिए यह विशेष वित्तीय सहायता योजना शुरू करने का निर्णय लिया.
योजना के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने सूरतवासियों की आपदा के समय दिखाई गई एकजुटता और सेवा भावना की सराहना की. उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा के दौरान लोगों ने एक-दूसरे की मदद कर सामाजिक जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया. उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है.
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने बाढ़ से हुए नुकसान का सर्वेक्षण 72 घंटे के भीतर पूरा करने का लक्ष्य तय किया था और अब तक लगभग 80 प्रतिशत सर्वेक्षण कार्य पूरा किया जा चुका है. उद्योगों, दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को हुए नुकसान का विस्तृत आकलन तैयार किया जा रहा है. इसी रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार जल्द ही राहत पैकेज की घोषणा करेगी ताकि प्रभावित लोगों को शीघ्र आर्थिक सहायता मिल सके.
हर्ष संघवी ने वराछा बैंक की पहल की सराहना करते हुए कहा कि बैंक ने संकट की इस घड़ी में लोगों के साथ खड़े होकर अपनी सामाजिक जिम्मेदारी का उत्कृष्ट निर्वहन किया है. उन्होंने कहा कि केवल 9 प्रतिशत ब्याज दर पर 5 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराने का निर्णय बाढ़ प्रभावित परिवारों और छोटे कारोबारियों के लिए बड़ी राहत साबित होगा.
कार्यक्रम में राज्य के स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रफुलभाई पानसेरिया ने भी बैंक की इस पहल की प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि यह योजना विशेष रूप से छोटे व्यापारियों और स्वरोजगार से जुड़े लोगों को दोबारा अपने व्यवसाय को खड़ा करने में मदद करेगी. कार्यक्रम में विधायक प्रवीणभाई घोघारी, बैंक के चेयरमैन नरेंद्रभाई काकड़िया, विठ्ठल धनाणी, विधायक कांती बालर, जयंती एकलेरा, मनहर सचपारा, मुकेश पटेल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे.
फ्लड लोन योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को अधिकतम 5 लाख रुपये तक का ऋण दिया जाएगा. इस ऋण पर केवल 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज लगेगा, जिससे आर्थिक बोझ कम रहेगा. ऋण चुकाने के लिए अधिकतम 60 महीने यानी पांच वर्ष की अवधि निर्धारित की गई है. बैंक का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना ही नहीं, बल्कि प्रभावित परिवारों और व्यापारियों को जल्द से जल्द सामान्य स्थिति में लौटने में मदद करना भी है.
ऋण प्रक्रिया को आसान और तेज बनाने के लिए वराछा बैंक ने अपने प्रधान कार्यालय में विशेष हेल्प डेस्क की स्थापना की है. यहां आवेदन करने वाले लोगों को आवश्यक जानकारी, दस्तावेजों से संबंधित सहायता और त्वरित ऋण स्वीकृति की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि बाढ़ प्रभावित लोगों को बिना अनावश्यक देरी के आर्थिक सहयोग मिल सके.
बैंक ने भविष्य में ऐसी प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को ध्यान में रखते हुए एक विशेष जनरल इंश्योरेंस योजना भी शुरू की है. इस योजना के तहत व्यापारी मात्र 1,000 रुपये वार्षिक प्रीमियम देकर अपने स्टॉक का 10 लाख रुपये तक का बीमा करा सकेंगे. यदि भविष्य में बाढ़ या जलभराव के कारण स्टॉक, गोदाम या अन्य व्यावसायिक संपत्ति को नुकसान होता है, तो बीमा योजना के तहत आर्थिक सुरक्षा प्रदान की जाएगी.
विशेषज्ञों का मानना है कि प्राकृतिक आपदाओं की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए इस तरह की वित्तीय और बीमा योजनाएं छोटे कारोबारियों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हो सकती हैं. कम ब्याज दर पर ऋण और कम प्रीमियम पर बीमा जैसी सुविधाएं आर्थिक पुनर्वास की प्रक्रिया को तेज करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं.
सूरत में आई हालिया बाढ़ ने हजारों परिवारों और व्यापारियों को आर्थिक रूप से प्रभावित किया है. ऐसे समय में वराछा बैंक की यह पहल राहत की बड़ी उम्मीद बनकर सामने आई है. अब प्रभावित लोगों की नजर राज्य सरकार द्वारा घोषित किए जाने वाले राहत पैकेज पर भी टिकी है. उम्मीद की जा रही है कि सरकारी सहायता और बैंक की नई योजनाओं के संयुक्त प्रयास से सूरत जल्द ही सामान्य स्थिति की ओर लौट सकेगा.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

