भोपाल. दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर मध्य प्रदेश की राजनीति में नया घटनाक्रम सामने आया है. भारतीय जनता पार्टी द्वारा पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं दिए जाने के बाद शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने उन्हें अपनी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया है. हालांकि डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने स्पष्ट कर दिया है कि भारतीय जनता पार्टी का निर्णय उनके लिए सर्वोपरि है और वे पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के समर्थन में चुनाव प्रचार करेंगे.
शिवसेना (यूबीटी) के मध्य प्रदेश प्रदेशाध्यक्ष सुनील शर्मा ने बताया कि पार्टी नेतृत्व से चर्चा के बाद डॉ. नरोत्तम मिश्रा को दतिया विधानसभा उपचुनाव लड़ने का औपचारिक प्रस्ताव दिया गया है. उन्होंने कहा कि यदि डॉ. मिश्रा इस प्रस्ताव को स्वीकार करते हैं तो शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे, युवा नेता आदित्य ठाकरे और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता दतिया पहुंचकर उनके पक्ष में चुनाव प्रचार करेंगे. इस संबंध में पार्टी की ओर से एक वीडियो संदेश भी जारी किया गया है.
यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब भाजपा ने दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए अशुतोष तिवारी को अपना उम्मीदवार घोषित किया है. टिकट की घोषणा के बाद दतिया में डॉ. नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर कई घंटों तक जाम लगाया, बाजार बंद कराने का प्रयास किया और स्थानीय भाजपा कार्यालय पर भी विरोध जताया. इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए. हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस को बल प्रयोग और आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा. विरोध के बीच भाजपा के कुछ स्थानीय पदाधिकारियों के इस्तीफे की खबरें भी सामने आईं.
डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने पूरे घटनाक्रम के बीच अपने समर्थकों से संयम बनाए रखने की अपील की. उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं को किसी भी प्रकार के उग्र कदम से बचना चाहिए और अपनी बात संगठन के उचित मंच पर ही रखनी चाहिए. बाद में उन्होंने फिर दोहराया कि भाजपा का निर्णय सर्वोपरि है और वे पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के लिए पूरी निष्ठा के साथ चुनाव प्रचार करेंगे.
मध्य प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी स्पष्ट कर दिया कि भाजपा अपने निर्णय पर कायम है और अशुतोष तिवारी ही दतिया उपचुनाव में पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार रहेंगे. उन्होंने किसी भी प्रकार के पुनर्विचार की संभावना से इनकार किया.
दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव कांग्रेस के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त होने के बाद कराया जा रहा है. धोखाधड़ी के एक मामले में दोषसिद्धि और तीन वर्ष की सजा मिलने के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त हो गई थी, जिसके कारण यह सीट रिक्त हुई.
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मध्य प्रदेश में सीमित संगठनात्मक आधार रखने वाली शिवसेना (यूबीटी) का यह प्रस्ताव राजनीतिक संदेश देने की कोशिश है. वहीं, डॉ. नरोत्तम मिश्रा द्वारा भाजपा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराने के बाद फिलहाल उनके किसी अन्य दल से चुनाव लड़ने की संभावना बेहद कम मानी जा रही है. अब दतिया उपचुनाव में राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने के आसार हैं.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

