ब्रेंडन मैकुलम के टेस्ट कोच पद छोड़ने पर ईसीबी का बड़ा खुलासा, खराब प्रदर्शन बना फैसले की सबसे बड़ी वजह

ब्रेंडन मैकुलम के टेस्ट कोच पद छोड़ने पर ईसीबी का बड़ा खुलासा, खराब प्रदर्शन बना फैसले की सबसे बड़ी वजह

प्रेषित समय :21:49:55 PM / Sun, Jul 12th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

लंदन. इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने इंग्लैंड की टेस्ट टीम के मुख्य कोच पद से ब्रेंडन मैकुलम के हटने को लेकर पहली बार विस्तार से अपना पक्ष रखा है. ईसीबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) रिचर्ड गोल्ड ने स्पष्ट किया कि यह फैसला किसी व्यक्तिगत कारण से नहीं, बल्कि लगातार खराब प्रदर्शन के आधार पर लिया गया. उन्होंने कहा कि बोर्ड ने मैकुलम को तत्काल बर्खास्त नहीं किया, बल्कि उनके अनुबंध में मौजूद नोटिस अवधि के प्रावधान को लागू किया है. इसके तहत अब मैकुलम केवल इंग्लैंड की व्हाइट-बॉल (वनडे और टी-20) टीमों के मुख्य कोच के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाते रहेंगे.

रिचर्ड गोल्ड ने लॉर्ड्स में भारत और इंग्लैंड के बीच खेले जा रहे एकमात्र टेस्ट मैच के तीसरे दिन चाय के अंतराल के दौरान प्रसारणकर्ताओं से बातचीत में कहा कि क्रिकेट में हर फैसला अंततः परिणामों के आधार पर ही लिया जाता है. उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में ब्रेंडन मैकुलम ने इंग्लैंड क्रिकेट को कई यादगार पल दिए और टीम की सोच तथा खेलने के अंदाज में बड़ा बदलाव लाया. इसके लिए बोर्ड उनका आभारी है, लेकिन हाल के महीनों में टेस्ट क्रिकेट में टीम के प्रदर्शन ने अपेक्षित स्तर हासिल नहीं किया.

ईसीबी के अनुसार इंग्लैंड ने मैकुलम के नेतृत्व में अपने पिछले नौ टेस्ट मैचों में से सात में हार का सामना किया. इनमें ऑस्ट्रेलिया दौरे पर एशेज श्रृंखला में 4-1 की करारी हार भी शामिल रही. लगातार मिली इन असफलताओं के बाद बोर्ड ने टीम के प्रदर्शन की व्यापक समीक्षा की और अंततः टेस्ट टीम की कोचिंग व्यवस्था में बदलाव का निर्णय लिया. गोल्ड ने कहा कि खिलाड़ियों और कोचों के साथ अनुबंध में नोटिस अवधि का प्रावधान पहले से होता है और इसी प्रक्रिया का पालन करते हुए मैकुलम को टेस्ट टीम की जिम्मेदारी से मुक्त किया गया है.

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बोर्ड ने एशेज हार के तुरंत बाद कोई जल्दबाजी में निर्णय नहीं लिया था. उनके अनुसार एशेज समाप्त होने के केवल सात दिन बाद इंग्लैंड की व्हाइट-बॉल टीम श्रीलंका में टी-20 विश्व कप की तैयारी में जुट गई थी. उस समय खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ के भीतर परिस्थितियों से सीख लेकर आगे बेहतर प्रदर्शन करने का मजबूत संकल्प दिखाई दे रहा था. इसी कारण बोर्ड ने कोचिंग स्टाफ को खुद को साबित करने का पूरा अवसर दिया.

रिचर्ड गोल्ड ने कहा कि किसी भी संस्था का उद्देश्य अपने सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों और कोचों को अधिक से अधिक समय तक साथ रखना होता है. लेकिन खेल की दुनिया में अंततः प्रदर्शन ही सबसे बड़ा पैमाना होता है. यदि परिणाम लगातार उम्मीदों के अनुरूप नहीं आते, तो कठिन फैसले लेने पड़ते हैं. उन्होंने कहा कि यह निर्णय भी उसी सोच का हिस्सा है और इसका उद्देश्य इंग्लैंड की टेस्ट टीम को फिर से जीत की राह पर लाना है.

मैकुलम के टेस्ट टीम से अलग होने के बावजूद ईसीबी ने उनके अनुभव और सीमित ओवरों के क्रिकेट में योगदान पर भरोसा कायम रखा है. बोर्ड का मानना है कि व्हाइट-बॉल क्रिकेट में उनकी रणनीति और नेतृत्व अभी भी टीम के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं. इसलिए उन्हें वनडे और टी-20 टीमों की जिम्मेदारी में बनाए रखा गया है. आने वाले आईसीसी टूर्नामेंटों की तैयारियों में भी वह अहम भूमिका निभाते रहेंगे.

इस दौरान ईसीबी प्रमुख से यह भी पूछा गया कि क्या भविष्य में इंग्लैंड फिर से एक ही मुख्य कोच को टेस्ट और सीमित ओवरों दोनों प्रारूपों की जिम्मेदारी सौंप सकता है. इस पर रिचर्ड गोल्ड ने किसी संभावना से इनकार नहीं किया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि आधुनिक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दोनों प्रारूपों का दबाव, व्यस्त कार्यक्रम और लगातार होने वाले आईसीसी टूर्नामेंट एक ही व्यक्ति के लिए दोनों जिम्मेदारियां निभाना बेहद चुनौतीपूर्ण बना देते हैं. उन्होंने कहा कि भविष्य में परिस्थितियों और उपयुक्त व्यक्ति के आधार पर इस विकल्प पर विचार किया जा सकता है, लेकिन फिलहाल ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया गया है.

हाल के दिनों में इंग्लैंड क्रिकेट में लगातार बड़े बदलावों की चर्चा के बीच इंग्लैंड पुरुष टीम के प्रबंध निदेशक रॉब की के भविष्य को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही थीं. हालांकि रिचर्ड गोल्ड ने इन सभी अटकलों पर विराम लगाते हुए स्पष्ट किया कि रॉब की अपने पद पर बने रहेंगे. उन्होंने कहा कि टीम प्रबंधन के भीतर सभी संबंध पूरी तरह पेशेवर और रचनात्मक हैं. बंद कमरे में कठिन चर्चाएं जरूर होती हैं, लेकिन उनका उद्देश्य केवल टीम के प्रदर्शन को बेहतर बनाना होता है. उन्होंने रॉब की के कार्यों की भी सराहना की और कहा कि बोर्ड उनके योगदान की सराहना करता है.

ब्रेंडन मैकुलम ने इंग्लैंड की टेस्ट टीम के साथ अपने कार्यकाल में आक्रामक क्रिकेट की नई शैली को बढ़ावा दिया था. उनके नेतृत्व में टीम ने कई यादगार जीत भी दर्ज कीं और "बैजबॉल" शैली की चर्चा दुनिया भर में हुई. हालांकि शुरुआती सफलता के बाद टीम अपने प्रदर्शन में निरंतरता बनाए रखने में असफल रही. विशेष रूप से ऑस्ट्रेलिया में एशेज श्रृंखला की हार और उसके बाद लगातार टेस्ट मुकाबलों में मिली पराजयों ने टीम की रणनीति और कोचिंग व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए.

क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि ईसीबी का यह फैसला इंग्लैंड क्रिकेट में एक नए दौर की शुरुआत का संकेत है. अब बोर्ड ऐसे कोच की तलाश करेगा जो टेस्ट टीम को दोबारा प्रतिस्पर्धी बना सके और लगातार बेहतर प्रदर्शन दिला सके. दूसरी ओर मैकुलम के सामने सीमित ओवरों की टीम को आगामी वैश्विक प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने की चुनौती होगी.

इंग्लैंड क्रिकेट के लिए आने वाला समय काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. एक ओर टेस्ट टीम नए नेतृत्व और नई रणनीति के साथ आगे बढ़ने की तैयारी करेगी, वहीं दूसरी ओर व्हाइट-बॉल टीम से बड़े टूर्नामेंटों में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी. ईसीबी ने स्पष्ट कर दिया है कि उसके सभी निर्णय केवल टीम के प्रदर्शन और भविष्य को ध्यान में रखकर लिए जा रहे हैं. अब क्रिकेट प्रेमियों की नजर इस बात पर होगी कि टेस्ट टीम के नए मुख्य कोच की जिम्मेदारी किसे सौंपी जाती है और क्या इंग्लैंड आने वाले महीनों में अपनी खोई हुई लय वापस हासिल कर पाता है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-