एप्पल और ओपन आई आमने-सामने, मुकदमे के बीच एलन मस्क ने सैम ऑल्टमैन पर साधा तीखा निशाना

एप्पल और ओपन आई आमने-सामने, मुकदमे के बीच एलन मस्क ने सैम ऑल्टमैन पर साधा तीखा निशाना

प्रेषित समय :21:40:44 PM / Mon, Jul 13th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

सैन फ्रांसिस्को. कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) उद्योग में प्रतिस्पर्धा अब अदालत तक पहुंच गई है. आईफोन निर्माता एप्पल ने ओपन आई और उसके कुछ पूर्व कर्मचारियों के खिलाफ अमेरिकी अदालत में बड़ा मुकदमा दायर किया है. एप्पल का आरोप है कि ओपन आई ने उपभोक्ता एआई हार्डवेयर विकसित करने की दौड़ में उसके व्यापारिक रहस्यों (ट्रेड सीक्रेट्स) और गोपनीय तकनीकी जानकारी का दुरुपयोग किया. इस कानूनी विवाद के बीच टेस्ला और एक्सएआई के प्रमुख एलन मस्क ने भी ओपन आई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सैम ऑल्टमैन पर तीखा हमला बोला और सोशल मीडिया पर उन्हें "स्कैम ऑल्टमैन" कहकर निशाना बनाया. हालांकि ओपनएआई ने एप्पल के सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि कंपनी को किसी अन्य संस्था के व्यापारिक रहस्यों में कोई रुचि नहीं है.

एप्पल द्वारा दायर मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि ओपनएआई ने उसके कई पूर्व कर्मचारियों की भर्ती कर उपभोक्ता हार्डवेयर परियोजनाओं से जुड़ी गोपनीय जानकारी हासिल करने की कोशिश की. शिकायत में कहा गया है कि कुछ पूर्व कर्मचारी एप्पल की अप्रकाशित तकनीकों, उत्पादों, विनिर्माण प्रक्रियाओं और सप्लाई चेन से जुड़ी संवेदनशील जानकारी लेकर ओपनएआई पहुंचे. कंपनी का दावा है कि यह केवल व्यक्तिगत स्तर की घटना नहीं थी, बल्कि एक सुनियोजित और संस्थागत स्तर की गतिविधि थी, जिसका उद्देश्य एप्पल के वर्षों के अनुसंधान और तकनीकी बढ़त का लाभ उठाना था.

मुकदमे में ओपनएआई के हार्डवेयर प्रमुख टैंग टैन और पूर्व एप्पल इंजीनियर चांग लियू सहित अन्य संबंधित पक्षों का भी उल्लेख किया गया है. एप्पल का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान उम्मीदवारों को एप्पल के प्रोटोटाइप, अप्रकाशित हार्डवेयर, गोपनीय दस्तावेजों और विनिर्माण प्रक्रियाओं से जुड़ी जानकारी साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया गया. कंपनी का यह भी दावा है कि कुछ मामलों में एप्पल की सप्लाई चेन से जुड़े गोपनीय संबंधों और प्रक्रियाओं का लाभ उठाने का प्रयास किया गया.

रिपोर्टों के अनुसार एप्पल ने आरोप लगाया है कि कुछ पूर्व कर्मचारियों ने कंपनी छोड़ने के बाद भी उसकी गोपनीय प्रणालियों तक अनुचित तरीके से पहुंच बनाई और संवेदनशील सूचनाओं का उपयोग किया. कंपनी का कहना है कि यह मामला केवल कर्मचारियों के स्थानांतरण का नहीं, बल्कि बौद्धिक संपदा और व्यापारिक गोपनीयता की सुरक्षा से जुड़ा है. इसी आधार पर एप्पल ने अमेरिकी संघीय अदालत से हस्तक्षेप की मांग की है.

इन आरोपों के बीच एलन मस्क ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए सैम ऑल्टमैन पर तीखा व्यंग्य किया. उन्होंने एक पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, "स्कैम ऑल्टमैन फिर से सक्रिय हो गए हैं." एक अन्य टिप्पणी में उन्होंने कहा कि "वह धोखाधड़ी को बिल्कुल नए स्तर पर ले गए हैं." मस्क की टिप्पणियां तेजी से वायरल हो गईं और तकनीकी जगत में नई बहस शुरू हो गई. मस्क और ऑल्टमैन के बीच पहले से ही कई मुद्दों पर मतभेद रहे हैं और ओपनएआई को लेकर दोनों के बीच सार्वजनिक बयानबाजी पहले भी होती रही है.

दूसरी ओर ओपनएआई ने एप्पल के आरोपों का सख्ती से खंडन किया है. कंपनी के रणनीतिक संचार निदेशक ड्रू पुसातेरी ने कहा कि ओपनएआई को किसी अन्य कंपनी के व्यापारिक रहस्यों में कोई दिलचस्पी नहीं है. उन्होंने कहा कि कंपनी का पूरा ध्यान ऐसी तकनीक विकसित करने पर है जो दुनिया भर के लोगों को सशक्त बनाए और नवाचार को आगे बढ़ाए. ओपनएआई का कहना है कि वह अदालत में अपना पक्ष मजबूती से रखेगी.

विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला केवल दो बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों के बीच कानूनी विवाद नहीं है, बल्कि एआई उद्योग में बढ़ती प्रतिस्पर्धा, प्रतिभाओं की भर्ती और बौद्धिक संपदा की सुरक्षा से जुड़े व्यापक प्रश्न भी उठाता है. हाल के वर्षों में एआई कंपनियां तेजी से अनुभवी इंजीनियरों और हार्डवेयर विशेषज्ञों की नियुक्ति कर रही हैं. ऐसे में यह बहस तेज हो गई है कि किसी कर्मचारी का अनुभव और ज्ञान उसकी व्यक्तिगत विशेषज्ञता है या वह पूर्व नियोक्ता की संरक्षित बौद्धिक संपदा का हिस्सा माना जाएगा.

यह मुकदमा ऐसे समय सामने आया है जब ओपनएआई एआई आधारित उपभोक्ता हार्डवेयर के क्षेत्र में अपनी उपस्थिति मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है. उद्योग विश्लेषकों का मानना है कि एप्पल को आशंका है कि भविष्य में एआई हार्डवेयर का बाजार स्मार्टफोन उद्योग जितना बड़ा हो सकता है. इसी कारण वह अपनी तकनीकी गोपनीयता और अनुसंधान निवेश की रक्षा के लिए आक्रामक कानूनी रणनीति अपना रही है.

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार इस मुकदमे का परिणाम केवल एप्पल और ओपनएआई तक सीमित नहीं रहेगा. अदालत का फैसला भविष्य में तकनीकी कंपनियों द्वारा कर्मचारियों की भर्ती, गोपनीय जानकारी की सुरक्षा और व्यापारिक रहस्यों के उपयोग से जुड़े मानकों को भी प्रभावित कर सकता है. यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो ओपन आई को कानूनी और व्यावसायिक दोनों स्तरों पर गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है. वहीं यदि कंपनी अदालत में आरोपों का सफलतापूर्वक खंडन करती है तो यह एआई उद्योग में प्रतिभा हस्तांतरण और प्रतिस्पर्धा को लेकर नई मिसाल भी बन सकती है. फिलहाल दोनों पक्ष अपने-अपने दावों पर कायम हैं और अब पूरी दुनिया की नजर इस हाई-प्रोफाइल कानूनी लड़ाई पर टिकी हुई है, जिसका असर वैश्विक एआई उद्योग की दिशा पर भी पड़ सकता है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-