इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे वनडे में रोहित शर्मा की धीमी पारी पर उठे सवाल, बल्लेबाजी अंदाज पर छिड़ी बहस

इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे वनडे में रोहित शर्मा की धीमी पारी पर उठे सवाल, बल्लेबाजी अंदाज पर छिड़ी बहस

प्रेषित समय :21:35:53 PM / Thu, Jul 16th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

कार्डिफ. इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे श्रृंखला के दूसरे मुकाबले में भारतीय टीम के अनुभवी बल्लेबाज रोहित शर्मा एक बार फिर बड़ी पारी खेलने में असफल रहे. कार्डिफ के सोफिया गार्डन्स मैदान पर खेले जा रहे मुकाबले में रोहित ने 47 गेंदों में केवल 26 रन बनाए. उनकी इस धीमी पारी के बाद क्रिकेट जगत और सोशल मीडिया पर उनकी बल्लेबाजी शैली को लेकर बहस छिड़ गई है. कई प्रशंसकों और पूर्व क्रिकेटरों का मानना है कि रोहित शर्मा का स्वाभाविक आक्रामक खेल अब पहले जैसा नहीं दिख रहा, जबकि कुछ लोगों ने उनका बचाव करते हुए कहा कि दो खराब पारियों के आधार पर उनके अनुभव और क्षमता पर सवाल उठाना जल्दबाजी होगी.

इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी का न्योता दिया. भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी रही और कप्तान शुभमन गिल ने सकारात्मक बल्लेबाजी करते हुए 30 गेंदों में 31 रन बनाए. उन्होंने छह आकर्षक चौके लगाए और शुरुआती दबाव को कम किया. हालांकि 44 रन के स्कोर पर गस एटकिंसन ने उन्हें आउट कर भारत को पहला झटका दिया. इसके बाद विराट कोहली क्रीज पर आए, लेकिन सभी की निगाहें रोहित शर्मा की बल्लेबाजी पर टिकी थीं.

रोहित शर्मा से उम्मीद थी कि वह अपनी पारंपरिक आक्रामक शैली में बल्लेबाजी करते हुए टीम को मजबूत शुरुआत देंगे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका. उन्होंने शुरुआत से ही रन बनाने में संघर्ष किया और गेंद को सीमा रेखा तक पहुंचाने में काफी समय लिया. रोहित ने अपनी पारी का पहला चौका 10वीं गेंद पर लगाया, जबकि पहला छक्का लगाने के लिए उन्हें 25 गेंदों तक इंतजार करना पड़ा. इस दौरान बड़ी संख्या में डॉट गेंदें खेलने के कारण भारत की रन गति प्रभावित हुई.

शुभमन गिल के साथ पहले विकेट के लिए 44 रन की साझेदारी में रोहित ने केवल 16 गेंदों पर 9 रन बनाए. इसके बाद विराट कोहली के साथ दूसरे विकेट के लिए 60 रन की साझेदारी हुई, लेकिन उसमें भी रोहित ने 31 गेंदों पर मात्र 17 रन जोड़े. इस दौरान कोहली अपेक्षाकृत अधिक सहज दिखाई दिए, जबकि रोहित लगातार स्ट्राइक रोटेट करने और बड़े शॉट लगाने में संघर्ष करते रहे. अंततः 47 गेंदों पर 26 रन बनाकर उनका विकेट गिर गया. अपनी पारी में उन्होंने केवल एक चौका और एक छक्का लगाया तथा उनका स्ट्राइक रेट 55.32 रहा.

गौरतलब है कि रोहित शर्मा अब केवल वनडे क्रिकेट खेल रहे हैं. पिछले वर्ष टी20 अंतरराष्ट्रीय और टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद उनसे इस प्रारूप में बड़ी पारियों की उम्मीद की जा रही है. हालांकि इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा श्रृंखला में उनका प्रदर्शन अब तक निराशाजनक रहा है. पहले वनडे में भी वह 21 गेंदों पर सिर्फ 11 रन बनाकर आउट हो गए थे. लगातार दूसरी असफलता के बाद उनकी बल्लेबाजी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स सहित विभिन्न मंचों पर क्रिकेट प्रेमियों ने रोहित शर्मा की धीमी बल्लेबाजी पर मिश्रित प्रतिक्रियाएं दीं. कई प्रशंसकों ने कहा कि आधुनिक वनडे क्रिकेट में शुरुआती बल्लेबाज से तेज रन गति बनाए रखने की अपेक्षा होती है और रोहित की रक्षात्मक बल्लेबाजी ने टीम की लय बिगाड़ दी. कुछ लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि क्या बढ़ती उम्र का असर उनकी बल्लेबाजी पर दिखाई देने लगा है या फिर वह अपने स्वाभाविक आक्रामक अंदाज से दूर होते जा रहे हैं.

हालांकि रोहित शर्मा के समर्थकों ने उनका बचाव भी किया. उनका कहना है कि दुनिया के सबसे सफल सलामी बल्लेबाजों में शामिल रोहित शर्मा को केवल दो पारियों के आधार पर नहीं आंका जाना चाहिए. समर्थकों का विश्वास है कि वह जल्द ही अपनी लय हासिल करेंगे और श्रृंखला के अंतिम मुकाबले में मैच जिताऊ पारी खेलकर आलोचकों को जवाब देंगे.

भारतीय टीम प्रबंधन भी चाहेगा कि रोहित शर्मा जल्द अपनी पुरानी लय में लौटें, क्योंकि आने वाले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में शीर्ष क्रम की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रहने वाली है. शुभमन गिल और विराट कोहली जैसे बल्लेबाजों के साथ यदि रोहित भी आक्रामक अंदाज में रन बनाते हैं तो भारतीय बल्लेबाजी क्रम और अधिक मजबूत दिखाई देगा.

अब सभी की निगाहें श्रृंखला के तीसरे और अंतिम वनडे मुकाबले पर रहेंगी, जहां रोहित शर्मा के पास अपनी आलोचनाओं का जवाब देने और एक बड़ी पारी खेलकर भारत को श्रृंखला में मजबूत स्थिति दिलाने का अवसर होगा. उनके प्रदर्शन पर क्रिकेट विशेषज्ञों और प्रशंसकों की नजरें टिकी रहेंगी कि क्या 'हिटमैन' एक बार फिर अपने पुराने अंदाज में लौटकर मैदान पर धमाकेदार बल्लेबाजी कर पाते हैं.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-