सोनम वांगचुक के अनशन पर बोलीं स्वरा भास्कर, बॉलीवुड डर की वजह से चुप है लेकिन आंदोलन किसी सेलिब्रिटी का मोहताज नहीं

सोनम वांगचुक के अनशन पर बोलीं स्वरा भास्कर, बॉलीवुड डर की वजह से चुप है लेकिन आंदोलन किसी सेलिब्रिटी का मोहताज नहीं

प्रेषित समय :21:33:51 PM / Fri, Jul 17th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली. अभिनेता स्वरा भास्कर ने सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक के अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल को लेकर बॉलीवुड की चुप्पी पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. दिल्ली के जंतर-मंतर पर वांगचुक से मुलाकात के दौरान स्वरा ने कहा कि फिल्म उद्योग के कई लोग खुलकर बोलने से डरते हैं. उनका कहना था कि किसी आंदोलन की अहमियत इस बात से तय नहीं होती कि उसे कितने फिल्मी सितारों का समर्थन मिला है, बल्कि उसका उद्देश्य अपने आप में महत्वपूर्ण होता है.

एक साक्षात्कार में स्वरा भास्कर से पूछा गया कि वर्ष 2011 में अन्ना हजारे के आंदोलन के दौरान जिस तरह बॉलीवुड के कई कलाकार खुलकर सामने आए थे, वैसा समर्थन सोनम वांगचुक के आंदोलन को क्यों नहीं मिल रहा है. इस पर उन्होंने कहा कि आज का माहौल पहले जैसा नहीं है और कई कलाकारों को आशंका है कि यदि वे खुलकर अपनी राय रखेंगे तो उन्हें भी आलोचना और अन्य परिणामों का सामना करना पड़ सकता है. उन्होंने कहा कि यही कारण है कि कई लोग सार्वजनिक रूप से सामने आने से बच रहे हैं.

स्वरा भास्कर ने मौजूदा राजनीतिक माहौल पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि वर्तमान परिस्थितियां वर्ष 2010-11 से अलग हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि आज विरोध करने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं और छात्रों के प्रति सरकार का रवैया अधिक कठोर दिखाई देता है. हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे उन कलाकारों को व्यक्तिगत रूप से दोषी नहीं मानतीं जो इस मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से कुछ नहीं बोल रहे हैं.

उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी सामाजिक या जनहित के मुद्दे को केवल इसलिए महत्वपूर्ण न माना जाए क्योंकि उसका समर्थन कोई प्रसिद्ध व्यक्ति कर रहा है. स्वरा ने कहा कि किसी आंदोलन की गंभीरता उसके उद्देश्य और उससे जुड़े लोगों की समस्याओं से तय होती है, न कि किसी सेलिब्रिटी की मौजूदगी से. उनके अनुसार लोगों को सामाजिक मुद्दों पर अपनी स्वतंत्र समझ विकसित करनी चाहिए.

स्वरा भास्कर ने यह भी बताया कि उन्होंने सोनम वांगचुक के आंदोलन का समर्थन इसलिए किया क्योंकि यह देश के छात्रों और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा विषय है. उन्होंने कहा कि वह चाहती हैं कि उनकी बेटी भारत में ही शिक्षा प्राप्त करे और उसे वही अवसर मिलें जो उन्हें मिले थे. उनके अनुसार शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना देश के भविष्य के लिए आवश्यक है.

सोनम वांगचुक 28 जून से नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं. वह कथित नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक प्रकरण और देश की परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी कर रहे हैं. उन्होंने अपने समर्थकों से 20 जुलाई को संसद तक प्रस्तावित शांतिपूर्ण मार्च में शामिल होने की अपील की है.

चिकित्सकों के अनुसार लंबे अनशन के कारण सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य में गिरावट आई है. उनके डॉक्टर ने बताया है कि अनशन शुरू होने के बाद उनका वजन लगभग नौ किलोग्राम कम हो गया है और शरीर की मांसपेशियों में भी कमी आई है. इस बीच उनके आंदोलन को नसीरुद्दीन शाह, रत्ना पाठक शाह, शबाना आजमी, जीनत अमान, अभय देओल, अनुराग कश्यप, सोनाक्षी सिन्हा, अतुल कुलकर्णी, प्रकाश राज सहित फिल्म जगत की कई हस्तियों का सार्वजनिक समर्थन मिल चुका है.,

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-