मुंबई. महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के खिलाफ चल रही व्यापक कार्रवाई के केंद्र में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के वरिष्ठ अधिकारी तुकाराम मुंढे हैं. 25 मई 2026 को महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) के आयुक्त का पद संभालने के बाद से उन्होंने पूरे राज्य में मिलावट, अस्वच्छ खाद्य सामग्री और नियमों के उल्लंघन के खिलाफ सख्त अभियान शुरू किया है. बीते करीब दो महीनों में एफडीए की टीमों ने थोक व्यापारियों, खाद्य निर्माताओं, डेयरी इकाइयों, होटल-रेस्तरां और खुदरा विक्रेताओं पर लगातार छापेमारी कर कई मामलों में लाइसेंस निलंबित किए, खाद्य नमूने जब्त किए और करोड़ों रुपये का माल कब्जे में लिया.
हाल ही में मुंबई की प्रसिद्ध पारसी डेयरी फार्म प्राइवेट लिमिटेड का खाद्य व्यवसाय लाइसेंस गंभीर स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पाए जाने पर निलंबित कर दिया गया. यह कार्रवाई 14 और 15 जुलाई को राज्यभर में चलाए गए विशेष निरीक्षण अभियान का हिस्सा थी. इस अभियान के दौरान एफडीए अधिकारियों ने विभिन्न जिलों में डेयरी इकाइयों, खाद्य निर्माण प्रतिष्ठानों, रेस्तरां और खाद्य विक्रेताओं का निरीक्षण किया तथा कथित अनियमितताओं के मामलों में लगभग 1.90 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के खाद्य उत्पाद जब्त किए.
तुकाराम मुंढे अपनी सख्त प्रशासनिक कार्यशैली के लिए लंबे समय से चर्चित रहे हैं. अपने 21 वर्ष के प्रशासनिक करियर में उनका 25 बार तबादला हो चुका है, फिर भी उन्होंने विभिन्न पदों पर नियमों के कड़ाई से पालन और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख के कारण अलग पहचान बनाई है. एफडीए आयुक्त बनने के बाद उन्होंने स्पष्ट किया है कि खाद्य सुरक्षा और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा.
मुंढे के नेतृत्व में खाद्य पदार्थों के साथ-साथ दवाओं की गुणवत्ता पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है. "सेफ फूड, सेफ मेडिसिन्स, सेफ महाराष्ट्र" अभियान के तहत एफडीए ने हाल ही में Aciloc 150 और Aciloc 300 दवाओं का लगभग 2.45 करोड़ रुपये मूल्य का स्टॉक जब्त किया तथा भ्रामक ब्रांडिंग और लेबलिंग संबंधी आपत्तियों के कारण पूरे बाजार से इन्हें वापस मंगाने का निर्देश दिया. इस संबंध में तुकाराम मुंढे ने कहा कि यदि किसी दवा के नाम या लेबल के कारण मरीज, डॉक्टर या फार्मासिस्ट भ्रमित होकर गलत दवा का उपयोग कर लें तो यह गंभीर जनस्वास्थ्य का विषय है. उन्होंने कहा कि सुरक्षित दवाएं प्रत्येक नागरिक का मूल अधिकार हैं और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है.
हाल के दिनों में एफडीए की एक अन्य कार्रवाई भी चर्चा में रही. पुणे के चर्चित रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल हत्याकांड की आरोपी सिया गोयल के परिवार के स्वामित्व वाली मसाला एवं ड्राई फ्रूट दुकान पर भी एफडीए ने निरीक्षण कर नोटिस जारी किया. निरीक्षण के बाद संबंधित प्रतिष्ठान को अगले आदेश तक कारोबार बंद रखने के निर्देश दिए गए. हालांकि सिया गोयल के पिता प्रवीण गोयल ने जांच में सहयोग करने की बात कहते हुए परिवार को अनावश्यक रूप से परेशान किए जाने का आरोप लगाया है.
महाराष्ट्र में एफडीए की लगातार चल रही इस कार्रवाई को खाद्य सुरक्षा कानूनों के कड़ाई से पालन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. प्रशासन का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी प्रतिष्ठान के विरुद्ध बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई जारी रहेगी. वहीं तुकाराम मुंढे की सख्त कार्यशैली और लगातार हो रही छापेमार कार्रवाइयों ने राज्यभर में खाद्य व्यवसाय संचालकों के बीच सतर्कता बढ़ा दी है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

