मोबाइल 'ट्री एटीएम' से जशपुर में बहेगी हरियाली की बयार: छत्तीसगढ़ सरकार की इस अनूठी पहल से हर घर पहुंचेगा पौधा

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प्रेषित समय :15:05:36 PM / Fri, Jul 17th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

रायपुर. आज के डिजिटल युग में एटीएम का नाम सुनते ही जहां दिमाग में पैसे निकलने वाली मशीन की तस्वीर आती है, वहीं छत्तीसगढ़ के जशपुर वन मंडल ने इस धारणा को पर्यावरण संरक्षण के एक बेहद खूबसूरत और अनोखे प्रयोग में बदल दिया है. जशपुर वन विभाग की एक अभिनव पहल के तहत राज्य में 'ट्री एटीएम' (Tree ATM) की शुरुआत की गई है, जो लोगों के बीच कौतूहल और आकर्षण का केंद्र बनी हुई है.

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बगिया हेलीपैड परिसर से इस विशेष 'मोबाइल ट्री एटीएम' को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. यह मोबाइल वैन जिले के कोने-कोने में जाकर आम जनता को मुफ्त में पौधे बांटेगी और उन्हें प्रकृति से जुड़ने का संदेश देगी.

मुख्यमंत्री ने खुद लिया आंवले का पौधा, की इस पहल की सराहना
इस ऐतिहासिक शुरुआत के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने खुद ट्री एटीएम का उपयोग कर आंवले का एक पौधा प्राप्त किया. उन्होंने इस दौरान उपस्थित जनसमुदाय को भी अपनी ओर से पौधों का वितरण किया. मुख्यमंत्री ने इस अभिनव प्रयास की जमकर सराहना करते हुए कहा:

"यह मोबाइल ट्री एटीएम जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर आम नागरिकों को निःशुल्क पौधे उपलब्ध कराएगा. इससे न केवल पौधों की उपलब्धता आसान होगी, बल्कि अधिक से अधिक लोग सीधे पौधरोपण अभियान से जुड़ सकेंगे. वर्तमान वर्षा ऋतु का समय पौधरोपण के लिए सबसे उत्तम है, ऐसे में यह पहल बेहद कारगर साबित होगी."

'एक पेड़ मां के नाम' अभियान को मिलेगी नई गति
मुख्यमंत्री ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए ‘एक पेड़ मां के नाम’ महाअभियान का विशेष रूप से उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि इस राष्ट्रीय अभियान से प्रेरणा लेकर छत्तीसगढ़ में भी व्यापक स्तर पर पौधरोपण अभियान चलाया जा रहा है.

उन्होंने जनता से भावुक अपील करते हुए कहा कि पर्यावरण का संरक्षण हम सभी का नैतिक कर्तव्य है. यदि हर नागरिक अपनी मां के नाम पर कम से कम एक पौधा लगाए और उसके बड़े होने तक उसकी जिम्मेदारी उठाए, तो हम अपनी आने वाली पीढ़ियों को एक स्वच्छ, सुरक्षित और प्रदूषण-मुक्त वातावरण उपहार में दे सकेंगे.

सिर्फ पौधा देना ही नहीं, जीवित रखने की ट्रेनिंग भी मिलेगी
‘आज का पौधा, आने वाली पीढ़ियों की छांव’ के बेहद खूबसूरत और प्रेरणादायी संदेश के साथ शुरू हुए इस ट्री एटीएम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह केवल मुफ्त पौधे बांटने तक सीमित नहीं रहेगा.

वैज्ञानिक तरीका: पौधा लेने वाले प्रत्येक नागरिक को उसे लगाने की सही वैज्ञानिक विधि सिखाई जाएगी.

देखभाल की जानकारी: पौधों की नियमित देखरेख, खाद-पानी की मात्रा और सुरक्षात्मक उपायों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी.

सस्टेनेबिलिटी पर जोर: वन विभाग का मुख्य उद्देश्य केवल रिकॉर्ड के लिए पौधे लगाना नहीं, बल्कि उनके जीवित रहने की दर (Survival Rate) को बढ़ाना है, ताकि यह प्रयास दीर्घकालिक रूप से पर्यावरण को समृद्ध बना सके.

इस अनूठी पहल ने छत्तीसगढ़ में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनभागीदारी का एक नया और मॉडर्न मॉडल पेश किया है, जिसकी चर्चा अब पूरे प्रदेश में हो रही है.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-