रायपुर: राज्यपाल रमेन डेका ने मेधावी छात्रों को सम्मानित किया, राष्ट्रीय उत्कृष्टता सम्मान समारोह 2026

रायपुर: राज्यपाल रमेन डेका ने मेधावी छात्रों को सम्मानित किया, राष्ट्रीय उत्कृष्टता सम्मान समारोह 2026

प्रेषित समय :15:01:00 PM / Sat, Jul 18th, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

रायपुर. "बच्चों के बीच आकर मुझे अपना बचपन याद आ जाता है. आज के इंटरनेट और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के युग में सुविधाएं जरूर बढ़ी हैं, लेकिन विद्यार्थियों को अपनी मौलिक सोच और अध्ययन की आदत को बनाए रखना चाहिए. गूगल और एआई केवल उपयोगी साधन हैं, वे कभी भी मानव बुद्धि का विकल्प नहीं बन सकते." यह प्रेरक विचार छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने रायपुर में आयोजित एक भव्य छात्र सम्मान समारोह में व्यक्त किए.

राज्यपाल डेका रायपुर के बिमतरा ऑडिटोरियम में 'पीएसवाय एजुकेशन एवं रिसर्च फेडरेशन' द्वारा आयोजित राष्ट्रीय उत्कृष्टता सम्मान समारोह एवं पदक तथा निधि वितरण 2026 में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे. इस गरिमामय कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों के मेधावी विद्यार्थियों और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिला शिक्षा अधिकारियों (DEOs) को सम्मानित किया गया.

डिजिटल एडिक्शन भी अन्य नशों की तरह हानिकारक
छात्रों को जीवन का मूलमंत्र देते हुए राज्यपाल ने कहा कि छात्र जीवन की मित्रता सबसे निर्मल और अमूल्य होती है. उन्होंने युवाओं को हर प्रकार की लत से दूर रहने की सलाह देते हुए 'डिजिटल एडिक्शन' (Digital Addiction) पर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि मोबाइल का उपयोग केवल आवश्यक पढ़ाई और उपयोगी कार्यों तक ही सीमित होना चाहिए, जीवन में 'गूगल इफेक्ट' हावी नहीं होना चाहिए क्योंकि सोचने, समझने और निर्णय लेने की क्षमता ही मनुष्य की असली ताकत है.

पेरेंट्स बच्चों को अंधी प्रतिस्पर्धा में न धकेलें: एनईपी-2020 का दिया हवाला
अभिभावकों (Parents) से आत्मीय अपील करते हुए राज्यपाल ने कहा कि हर बच्चे की तुलना दूसरों से करना बंद होना चाहिए.

रुचि को पहचानें: जरूरी नहीं कि हर बच्चा आईआईटी (IIT) या मेडिकल क्षेत्र में ही जाए.

NEP 2020 के विकल्प: राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में छात्रों की विविध प्रतिभाओं को निखारने के लिए कई नए कोर्सेस और विकल्प दिए गए हैं. आज हर क्षेत्र में नवाचार (Innovation) की अपार संभावनाएं हैं.

संतुष्टि ही सच्ची सफलता: उन्होंने कहा कि पृष्ठभूमि मायने नहीं रखती, मेहनत और संकल्प से भविष्य बदलता है. केवल सफल होना जरूरी नहीं, बल्कि जीवन में संतुष्ट और प्रसन्न रहना ही सच्ची सफलता है.

शिक्षा ही लक्ष्य प्राप्ति का सबसे प्रभावी माध्यम: धरमलाल कौशिक
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित पूर्व विधानसभा अध्यक्ष व विधायक धरमलाल कौशिक ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं. हर विद्यार्थी का एक स्पष्ट लक्ष्य (Clear Goal) होना चाहिए और उसे पाने का सबसे प्रभावी माध्यम शिक्षा ही है. वहीं, विधायक पुरंदर मिश्रा ने भी छात्रों में अनुशासन, कड़ा परिश्रम और निरंतर सीखने की ललक पर जोर दिया.

कार्यक्रम की शुरुआत में पीएसवाय फेडरेशन के निदेशक डॉ. एस.के. मिश्रा ने स्वागत भाषण दिया और अंत में मुख्य योजना समन्वयक श्रीमती शुभ्रा शुक्ला मिश्रा ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया. इस अवसर पर सीबीएसई के क्षेत्रीय निदेशक श्री जगदीश बर्मन सहित बड़ी संख्या में शिक्षाविद, शिक्षक और अभिभावक उपस्थित रहे.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-