राज्यसभा चुनाव को लेकर हाईकोर्ट पहुंची मीनाक्षी नटराजन, कहा, चुनाव आयोग के अधिकारी कॉम्प्रोमाइज्ड

राज्यसभा चुनाव को लेकर हाईकोर्ट पहुंची मीनाक्षी नटराजन, कहा, चुनाव आयोग के अधिकारी कॉम्प्रोमाइज्ड

प्रेषित समय :15:22:48 PM / Tue, Jul 21st, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

जबलपुर. कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन ने राज्यसभा चुनाव परिणाम को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में चुनौती दी है. मंगलवार को जबलपुर पहुंचीं मीनाक्षी नटराजन ने बताया कि उन्होंने निर्धारित 45 दिनों की समय-सीमा के भीतर चुनाव याचिका दायर कर दी है और जल्द ही इस पर सुनवाई होने की उम्मीद है.

उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग के अधिकारी द्वारा उनका चुनावी दावा खारिज किया जाना पूरी तरह गलत है. उनका आरोप है कि जिस मामले का संज्ञान तक नहीं लिया गया, उसी को आधार बनाकर उनकी आपत्ति निरस्त कर दी गई. मीनाक्षी ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और हाईकोर्ट से न्याय मिलने की उम्मीद है. मध्य प्रदेश की तीसरी राज्यसभा सीट के लिए कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाया था. कांग्रेस के पास पर्याप्त संख्या बल भी था, लेकिन 9 जून को मीनाक्षी का नामांकन फॉर्म निरस्त कर दिया गया. नटराजन ने उनका नामांकन रद्द किए जाने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी.

कोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि इस मामले में सीधे रिट याचिका नहीं सुनी जा सकती. अगर उन्हें फैसले पर आपत्ति है तो वे चुनाव याचिका दायर करें. याचिका खारिज होने पर मीनाक्षी ने कहा कि पहले वोट चोरी होती थी, इस बार सीट चोरी हुई. दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोमवार को हुई घटना का जिक्र करते हुए मीनाक्षी नटराजन ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि यह देश के इतिहास का काला दिन था, जब छात्राओं पर बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार हर आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रही है और आंदोलन करने वालों को आतंकवादी बताने की कोशिश की जा रही है. मीनाक्षी ने कहा कि देश के युवा देश के खिलाफ नहीं, बल्कि देश के हित में संघर्ष कर रहे हैं और छात्रों पर हुआ लाठीचार्ज बेहद निंदनीय है. उन्होंने कहा कि आजादी के आंदोलन की तरह आज भी युवा अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं और अब सरकार की कथनी और करनी बेनकाब होने का समय आ गया है.

सांसद विवेक तन्खा ने भी केंद्र सरकार को घेरा-

राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने भी दिल्ली की घटना और सोनम वांगचुक के जारी अनिश्चितकालीन अनशन को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि यदि सरकार वांगचुक का अनशन समाप्त नहीं करवा पा रही है, तो यह संसद, सरकार और न्यायपालिका सभी की सामूहिक विफलता होगी.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-