भारी बारिश से देश के कई राज्यों में बाढ़ ने मचाई भयंकर तबाही, 50 से ज्यादा मौतें, हालात बिगड़े

भारी बारिश से देश के कई राज्यों में बाढ़ ने मचाई भयंकर तबाही, 50 से ज्यादा मौतें, हालात बिगड़े

प्रेषित समय :11:15:33 AM / Wed, Jul 22nd, 2026
Reporter : पलपल रिपोर्टर

नई दिल्ली. देश के कई राज्यों में इस वक्त मानसूनी बारिश और बाढ़ ने भारी तबाही मचा रखी है. असम से लेकर हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर तक कुदरत का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है. लगातार हो रही भारी बारिश, बादल फटने और भूस्खलन की घटनाओं से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है. नदियां उफान पर हैं, घर मलबे में तब्दील हो गए हैं और अब तक दर्जनों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. प्रशासन और रेस्क्यू टीमें लगातार राहत-बचाव के काम में जुटी हुई हैं, लेकिन हालात अब भी बेहद चिंताजनक बने हुए हैं.

असम में जलप्रलय, 31 की मौत और लाखों बेघर

असम में बाढ़ से हालात सबसे ज्यादा खराब हैं. असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में 21 लोगों की जान चली गई, जिससे मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 31 तक पहुंच गया है. राज्य के 16 जिलों में 5.64 लाख से अधिक लोग इस भयंकर बाढ़ की चपेट में हैं. सबसे बुरा हाल शिवसागर जिले का है, जहां अकेले 3.59 लाख लोग प्रभावित हुए हैं. चराइदेव, जोरहाट और गोलाघाट में भी स्थिति गंभीर है. ब्रह्मपुत्र, दिखो, देसांग और धनसिरी समेत कई प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिसके चलते रेलवे ट्रैक डूब गए हैं और कई ट्रेनें रद्द करनी पड़ी हैं. मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा खुद प्रभावित इलाकों का दौरा कर स्थिति की समीक्षा करेंगे.

हिमाचल में फटा बादल, कई मकान मलबे में दबे

पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में भी मूसलाधार बारिश आफत बनकर बरसी है. कांगड़ा जिले की बोह घाटी में बादल फटने और अचानक आई बाढ़ के चलते कई मकान, गौशालाएं और खेत मलबे में दब गए. गनीमत यह रही कि समय रहते लोगों को सुरक्षित स्थानों पर निकाल लिया गया, जिससे कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई, हालांकि कई मवेशियों की जान चली गई. मौसम विभाग द्वारा जारी किए गए रेड अलर्ट के बाद कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिलों में सभी स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं. किन्नौर में भूस्खलन के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग-5 समेत प्रदेश की 36 सड़कें और कई पेयजल योजनाएं ठप पड़ गई हैं.

जम्मू-कश्मीर में 23 मौतें, सभी प्रमुख तीर्थ यात्राएं निलंबित

जम्मू-कश्मीर में आसमानी आफत का कहर लगातार जारी है. पुंछ, राजौरी और डोडा जिलों में रविवार से अब तक बारिश और भूस्खलन से जुड़ी घटनाओं में 23 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सात लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं. खराब मौसम और खतरे को देखते हुए प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है. एहतियात के तौर पर अमरनाथ यात्रा, माता वैष्णो देवी यात्रा, शिव खोरी और मचैल माता यात्रा को लगातार तीसरे दिन भी निलंबित रखा गया है.

पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों में भी हाहाकार

असम के अलावा पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों में भी बारिश और भूस्खलन ने भारी नुकसान पहुंचाया है. नगालैंड के मोन जिले में भूस्खलन की चपेट में आने से मृतकों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है और चार लोग अब भी लापता हैं. यहां के 10 जिलों के 93 गांव बाढ़ और बारिश की चपेट में आ चुके हैं. वहीं, अरुणाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश की वजह से पांच जिलों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं, जिससे इस मानसून सीजन में राज्य के करीब 1.49 लाख लोग प्रभावित हुए हैं.

Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-