नई दिल्ली. दिल्ली में जारी 'संसद चलो' प्रदर्शन के दौरान छह वर्षीय बच्चे के आंसू गैस से प्रभावित होने की खबर पर भारतीय क्रिकेटर जसप्रीत बुमराह की पत्नी और खेल प्रस्तोता संजना गणेशन ने चिंता जताई है. उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए कहा कि किसी भी लोकतंत्र में ऐसी स्थिति सामान्य नहीं मानी जानी चाहिए, जहां किसी बच्चे को सार्वजनिक स्थान पर आंसू गैस के कारण सांस लेने में तकलीफ हो. संजना की प्रतिक्रिया के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा का विषय बन गया है.
मंगलवार को दिल्ली में हुए प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव के बाद कई स्थानों पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया गया. इसी दौरान ऐसी खबरें सामने आईं कि प्रदर्शन स्थल से कुछ दूरी पर मौजूद छह वर्षीय बच्चा भी आंसू गैस के प्रभाव की चपेट में आ गया. इस दावे के बाद सोशल मीडिया पर पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे और कई सार्वजनिक हस्तियों ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी.
संजना गणेशन ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि यदि किसी प्रदर्शन से दूर बैठा छह साल का बच्चा भी ऐसी स्थिति का शिकार हो सकता है, तो यह किसी के साथ भी हो सकता है. उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में बच्चों का आंसू गैस के कारण सांस लेने के लिए संघर्ष करना सामान्य नहीं माना जा सकता. उन्होंने यह भी कहा कि शांतिपूर्ण नागरिकों को उन लोगों से डरने की नौबत नहीं आनी चाहिए, जिनकी जिम्मेदारी उनकी सुरक्षा करना है.
दिल्ली में चल रहे इस आंदोलन के दूसरे दिन भी हालात तनावपूर्ण बने रहे. प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच कई स्थानों पर झड़प की घटनाएं सामने आईं. हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग, लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया. विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार इस कार्रवाई में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी घायल हुए. विपक्षी दलों और कई नागरिक संगठनों ने पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र जांच की मांग की है.
प्रदर्शन के दौरान कई राजनीतिक नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिया गया. सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करते हुए राजधानी के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया. प्रधानमंत्री आवास के आसपास भी सुरक्षा घेरा बढ़ा दिया गया ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके.
प्रदर्शनकारी शिक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार से जवाबदेही की मांग कर रहे हैं. इस बीच आंदोलन से जुड़े प्रतिनिधियों ने केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा से भी मुलाकात की, हालांकि बातचीत के बाद किसी अंतिम समाधान की घोषणा नहीं की गई. आंदोलन फिलहाल जारी है और विभिन्न पक्षों की ओर से घटनाक्रम पर लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं.
संजना गणेशन की सोशल मीडिया प्रतिक्रिया के बाद प्रदर्शन के दौरान बल प्रयोग, आम नागरिकों की सुरक्षा और पुलिस की कार्रवाई को लेकर बहस और तेज हो गई है. हालांकि, बच्चे के प्रभावित होने संबंधी दावों और पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक जांच तथा विस्तृत तथ्य सामने आने का इंतजार किया जा रहा है.
Source : palpalindia ये भी पढ़ें :-

